छत्तीसगढ़ प्रदेश के इस जिले में पेश किया ईंधन बचत और मितव्ययिता का अनूठा उदाहरण, प्रशासन की सामूहिक बस यात्रा

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छत्तीसगढ़ प्रदेश के इस जिले में पेश किया ईंधन बचत और मितव्ययिता का अनूठा उदाहरण, प्रशासन की सामूहिक बस यात्रा

छत्तीसगढ़ प्रदेश के इस जिले में पेश किया ईंधन बचत और मितव्ययिता का अनूठा उदाहरण, प्रशासन ने की सामूहिक बस यात्रा

सामूहिक यात्रा को बढ़ावा दें तथा ईंधन संरक्षण में अपनी भागीदारी निभाएं--आम जनता से अपील



रायपुर। अमेरिका और ईरान के युद्ध के चलते देश मे पड़ रही ईंधन की कमी व प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान के मद्देनजर ईंधन का कम उपयोग करने कहा जा रहा है। इसी बीच कई स्थानों पर एक जगह किसी कार्यक्रम में आने अधिकारी अपने अलग अलग वाहनों पर आते नजर आते है, जिससे ईंधन का अधिकाधिक उपयोग होता है। तो कई जगहों पर ईंधन का कम उपयोग करने अनूठी मिसाल पेश किया जा रहा है। 

ऐसे ही प्रदेश के बसना अनुविभाग में सुशासन तिहार के दौरान एक प्रेरणादायी और अनोखी पहल देखने को मिली। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्री हरिशंकर पैकरा, तहसीलदार श्री के.के. साहू तथा जनपद पंचायत सीईओ श्री पीयूष ठाकुर सहित 23 सदस्यीय अधिकारी-कर्मचारियों की टीम एक साथ बस में सफर कर सुशासन तिहार शिविर हेतु ग्राम नगौड़ी पहुँची।

यह केवल साधारण यात्रा तक सीमित नहीं रही, बल्कि वर्तमान समय में ईंधन संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा एवं शासकीय कार्यों में मितव्ययिता का एक सशक्त संदेश बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी द्वारा संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग एवं जनहित में जिम्मेदार व्यवहार की अपील को व्यवहार में उतारते हुए बसना प्रशासन ने यह पहल किया।

उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने समय-सीमा की बैठक में सभी विभागों को शासकीय कार्यों में मितव्ययिता बरतने तथा अनावश्यक व्यय कम करने के निर्देश दिए थे। इन्हीं निर्देशों के पालन में बसना अनुविभाग की टीम ने सामूहिक बस यात्रा को अपनाया।

अनुविभागीय अधिकारी श्री हरिशंकर पैकरा ने कहा कि प्रशासन का एक महत्वपूर्ण अंग होने के नाते हमारी जिम्मेदारी है कि शासन के निर्देशों का पालन करते हुए समाज के सामने सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि सामूहिक यात्रा से न केवल ईंधन की बचत होती है, बल्कि आपसी समन्वय और टीम भावना भी मजबूत होती है। इस यात्रा को अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सुखद और उपयोगी बताया। सभी ने इस पहल का स्वागत करते हुए भविष्य में भी सुशासन तिहार एवं अन्य शासकीय कार्यक्रमों में सामूहिक बस यात्रा को प्राथमिकता देने की बात कही। वर्तमान ईंधन संकट और बढ़ती पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच बसना प्रशासन की यह पहल अनुकरणीय उदाहरण बनकर उभरी है।

आमजन से अपील

प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे अनावश्यक वाहन उपयोग से बचें, कार पूलिंग एवं सामूहिक यात्रा को बढ़ावा दें तथा ईंधन संरक्षण में अपनी भागीदारी निभाएं। ईंधन की बचत केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।

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