छत्तीसगढ़:- विष्णु कैबिनेट के 14 मंत्रियों में से एक मंत्री हटाए जा सकते हैं, विपक्षियों द्वारा हाईकोर्ट में याचिका लगाने की तैयारी
डॉ महंत ने इस संबंध में राजयपाल को लिखा पत्र, कहा संविधान के अनुच्छेद 164 (1क) का हो पालन
छत्तीसगढ़ राज्य से एक बड़ी खबर आ रही है। यहां विष्णु कैबिनेट के 14 मंत्रियों में से एक मंत्री हटाए जा सकते हैं। इसके लिए विपक्षियों द्वारा हाईकोर्ट में याचिका लगाने की तैयारी चल रही है। इसके साथ ही इस बात की चर्चा भी तेज हो गई है। इसी कड़ी में पार्टी के नेता कानूनी सलाह लेने में जुटे हुए हैं।
हाल ही में विष्णु देव साय मंत्रिमंडल में 3 नए मंत्री शामिल किये गए थे। जिसके बाद पूर्व सीएम भूपेश बघेल और नेता प्रतिपक्ष डॉ चरण दास महंत ने 14 वां मंत्री बनाये जाने को गलत बताया। डॉ महंत ने तो इस संबंध में राजयपाल को पत्र भी भेजा है।
सूत्र बताते हैं कि पिछले दिनों पूर्व मुख्यमंत्री ने इस सिलसिले में बिलासपुर हाईकोर्ट के कुछ वकीलों से चर्चा की है, और साय कैबिनेट में 14 वें मंत्री को शपथ दिलाए जाने के मसले पर सलाह ली है। इस बात पर सहमति बनी है कि उक्त विषय को लेकर याचिका दायर की जानी चाहिए।
दूसरी तरफ, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने छत्तीसगढ़ राज्यपाल को पत्र लिखकर नियम विरुद्ध एक अतिरिक्त मंत्री को हटाए जाने की मांग की है। डॉ. महंत ने राज्यपाल को पत्र में लिखा कि, छत्तीसगढ़ के मंत्रिपरिषद् में मंत्रियों की कुल संख्या, भारत का संविधान के अनुच्छेद 164 (1 क) के विपरीत, विधानसभा के सदस्यों की कुल संख्या के 15 प्रतिशत से अधिक हो जाने के कारण, एक मंत्री को पद से हटाया जाये।
दरअसल नियमानुसार विधानसभा में मंत्रिमंडल के सदस्य कुल सीटों की संख्या के 15% से अधिक नहीं हो सकते हैं। छत्तीसगढ़ में विधानसभा की 90 सीटें हैं। मंत्रिमंडल का प्रतिशत 13.50 है। छत्तीसगढ़ में तीन नए मंत्रियों के शपथ के बाद मंत्रिमंडल की कुल संख्या 14 हो गई है जो 15 प्रतिशत से अधिक है। ऐसे में भारत सरकार के संविधान के अनुच्छेद 164 (1क) का हवाला देकर याचिका लगाई जा सकती है। इसके लिये पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ,पूर्व विधि मंत्री मोहम्मद अकबर से भी चर्चा की खबर है।
संविधान के प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा कि भारत का संविधान का अनुच्छेद 164 (1 क) इस प्रकार है-
(1 क) किसी राज्य की मंत्रिपरिषद् के मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या उस राज्य की विधान सभा के सदस्यों की कुल संख्या के पन्द्रह प्रतिशत से अधिक नहीं होगी, परंतु किसी राज्य में मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों की संख्या बारह से कम नहीं होगी। संविधान (इक्यानवेवां संशोधन) अधिनियम, 2003 के प्रारम्भ पर मंत्रिपरिषद् में मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या, यथास्थिति, उक्त पन्द्रह प्रतिशत या पहले परन्तुक में विनिर्दिष्ट संख्या से अधिक है वहां उस राज्य में मंत्रियों की कुल संख्या ऐसी तारीख से, जो राष्ट्रपति लोक अधिसूचना द्वारा नियत करें, छह मास के भीतर इस खण्ड के उपबंधों के अनुरूप लाई जाएगी।