मनरेगा का नाम बदले जाने के विरोध में छत्तीसगढ़ में कांग्रेस करने जा रही बड़ा आंदोलन

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मनरेगा का नाम बदले जाने के विरोध में छत्तीसगढ़ में कांग्रेस करने जा रही बड़ा आंदोलन

मनरेगा का नाम बदले जाने के विरोध में छत्तीसगढ़ में कांग्रेस करने जा रही बड़ा आंदोलन 

प्रदेश में कांग्रेस द्वारा 10 जनवरी से 25 फरवरी तक चलाया जायेगा ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ 

अंतिम रूप देने राजीव भवन में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट ने ली पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी और जिला कांग्रेस अध्यक्षों की बैठक


रायपुर। मनरेगा का नाम बदले जाने के विरोध में छत्तीसगढ़ में कांग्रेस बड़ा आंदोलन करने जा रही है। प्रदेश में कांग्रेस द्वारा 10 जनवरी से 25 फरवरी तक ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ चलाया जाएगा। इसकी रणनीति और कार्यक्रमों को अंतिम रूप देने के लिए गुरुवार को राजीव भवन में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट ने पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी और जिला कांग्रेस अध्यक्षों की बैठक ली। इसमें छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट, प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, टी.एस. सिंहदेव सहित एआईसीसी के पदाधिकारी मौजूद रहे।

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव, छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रभारी और राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट 8 जनवरी को रायपुर पहुंचे। मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान  की रूपरेखा तैयार करने के लिए आए सचिन पायलट ने छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार पर हमला बोला। प्रदेश प्रभारी पायलट ने स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर में कहा कि छत्तीसगढ़ में दिल्ली का शासन चल रहा है, आदेश और फैसले दिल्ली से हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी की सरकार में पिछड़े, दलित, गरीब, महिला-पुरुष और कमजोर वर्ग स्वयं को असुरक्षित महसूस करते हैं।

छत्तीसगढ़ कांग्रेस मनरेगा में बदलाव के खिलाफ जनवरी और फरवरी में मनरेगा बचाओ संग्राम छेड़ेगी। इसे लेकर राज्य प्रभारी सचिन पायलट ने रणनीति बनाई। गुरुवार को रायपुर के राजीव भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस की मैराथन बैठक में इस संबंध में कई निर्णय लिये गये। इसमें मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत कार्यक्रमों की रूपरेखा और आयोजन की रणनीति और एसआईआर में वंचित पात्र मतदाताओं का नाम जुड़वाने पर चर्चा एवं प्रदेश में चल रही धान खरीदी में किसानों को हो रही समस्याओं के निराकरण पर भी चर्चा की गई।

राष्ट्रीय महासचिव एवं छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट ने पॉलिटिकल अफेयर कमेटी और जिला कांग्रेस अध्यक्षों की बैठक में कहा कि नये साल में पहली बैठक है, आपका नया साल शुभ हो। पिछले दिनों कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में संसद में जो चर्चा हुई उस पर विचार किया। पूरा विपक्ष मनरेगा के संशोधन के विरोध में है। मनरेगा संशोधन को लेकर भाजपा भ्रम फैला रही है। यह मनरेगा को खत्म करना चाहती है। गांव में जो भूमिहीन लोग है वे मनरेगा में संशोधन से प्रभावित होंगे। पहले यह कानून था अब यह योजना बना दिया। पहले ये कानूनी संवैधानिक अधिकार था। दुनिया में यह अकेला कानून था जो रोजगार को संवैधानिक अधिकार देता है।

पहले 15 दिन रोजगार नहीं देने पर 16वें दिन भत्ते का प्रावधान था। इनका उद्देश्य इसको खत्म कर दिया। पहले ग्राम पंचायत को ताकत भी काम कराने की। पहले केंद्र राज्यांश 90-100 था इन्होंने उसको 60-40 कर दिया। एआईसीसी के कैलेंडर के अनुसार हमको आंदोलन करना है। कार्यक्रम बनाना है। इसको हम जनता के बीच कांग्रेस की कामयाबी तथा भाजपा की दुर्भावना के रूप में जनता के बीच ले जाना है। मोदी सरकार जैसे तीन कृषि कानून वापस ली, अधिग्रहण कानून वापस ली वैसे ही नरेगा संशोधन भी वापस लेगी।

पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि राज्य में काम बंद होने से करीब 7.5 लाख लोग रोज़गार की तलाश में असम, महाराष्ट्र, यूपी और कश्मीर तक पलायन कर गए हैं। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि मनरेगा बचाओ आंदोलन आम आदमी और मजदूरों के अधिकार की लड़ाई है और इसे अंतिम परिणाम तक पहुंचाया जाएगा।

पंचायत से विधानसभा तक लगातार 45 दिन का आंदोलन पार्टी संगठन को फिर से एक्टिव करेगा और 2028 के चुनाव से पहले गांवों में खोई हुई पकड़ वापस लाने की कोशिश है, क्योंकि मनरेगा के तहत प्रदेश की ग्रामीण आबादी को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलती है। कांग्रेस इस आंदोलन के माध्यम से गांव के लोगों के बीच पहुंचकर लोगों का भरोसा जीतने की कोशिश करने जा रही है।

मनरेगा बचाओ संग्राम इस तरह चलेगा

10 जनवरी: जिला स्तर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस

11 जनवरी: एक दिवसीय उपवास व प्रतीकात्मक विरोध

12–29 जनवरी: पंचायत स्तर पर चौपाल, जनसंपर्क, नुक्कड़ सभाएं

30 जनवरी: वार्ड व ब्लॉक स्तर पर शांतिपूर्ण धरना

31 जनवरी–6 फरवरी: कलेक्टर कार्यालयों पर जिला स्तरीय धरना

7–15 फरवरी: राज्य स्तरीय विधानसभा घेराव

16–25 फरवरी: क्षेत्रीय, एआईसीसी रैलियां।

वहीं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 'विकसित भारत- जीरामजी बिल' को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नया भारत आकार ले रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुरुवार को कहा, "नया कानून बहुत अच्छा है। यह पहले की योजना से कहीं बेहतर है, इसमें 100 दिन के बजाय 125 दिन का रोजगार मिलेगा।"

उन्होंने कहा कि ज्यादा लोगों को काम मिलेगा, मजदूरी की गारंटी है और भुगतान सात दिनों के अंदर हो जाएगा, देरी होने पर एक्स्ट्रा पैसे भी मिलेंगे। भारत कृषि प्रधान देश है। ऐसे में वर्करों के लिए दो महीने की छुट्टी भी रहेगी और उन्हें कृषि मजदूरी मिलेगी।

उन्होंने आगे कहा, "पिछले 11 सालों से जो उम्मीदें थीं, वे अब पूरी हो रही हैं। भारत 2014 से पहले की आर्थिक दृष्टिकोण से 10वें स्थान पर था। आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में यह दुनिया में चौथे स्थान पर खड़ा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में एक नया भारत बन रहा है, एक ऐसा भारत जो आर्थिक रूप से मजबूत है और हर दिशा में मजबूत है।" मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज एक ऐसा भारत है, जो किसी को उकसाता नहीं है, लेकिन जो उसे उकसाते हैं, उन्हें छोड़ता भी नहीं है।

विकसित भारत- जीरामजी बिल' पर छत्तीसगढ़ के मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि सब कुछ पूरे राज्य और देश के हित में किया जा रहा है। नए कानून से हमारे श्रमिक वर्कर और गरीब तबके को बहुत फायदे होंगे। विरोधियों पर हमला बोलते हुए रामविचार नेताम ने कहा, "कांग्रेस इसमें भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है। अगर वे इस तरह से कैंपेन चलाने की कोशिश करेंगे, तो वे सफल नहीं होंगे। "

फ्यूल भरवाकर चले जाएंगे

मंत्री रामविचार नेताम ने कांग्रेस नेता सचिन पायलट के छत्तीसगढ़ दौरे पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, "लोग अक्सर छत्तीसगढ़ आते हैं, निरीक्षण करते हैं और चले जाते हैं। और अगर पायलट आ रहे हैं, तो हो सकता है कि वे फ्यूल की कमी के कारण आ रहे हों। वे फ्यूल भरवाएंगे और चले जाएंगे।"

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