छत्तीसगढ़ में GATE की परीक्षा में फिर हुवा हाईटेक नकल कांड, चाय-नाश्ते के ठेले को ही बनाया अपना ‘कंट्रोल रूम’
फिट इंडिया का ब्रांड एंबेसडर और माउंट एवरेस्ट रिकॉर्डधारी नरेन्द्र निकला आरोपी
अच्छे वेतन के बावजूद अपनाया शॉर्टकट, सक्षम परिवारों से संबंध और पेशेवर पृष्ठभूमि, 2 लाख में पास करवाने का ठेका
रायपुर। राष्ट्रीय स्तर की गेट (GATE) परीक्षा में हाईटेक नकल कांड की जांच में आरोपितों की बेखौफ योजना सामने आई है। पुलिस या फ्लाइंग स्क्वायड के डर से दूर छिपने के बजाय गिरोह ने परीक्षा केंद्र आइओएन डिजिटल जोन से महज 50 मीटर दूर एक चाय-नाश्ते के ठेले को ही अपना ‘कंट्रोल रूम’ बना लिया था। आरोपित दर्शन सहवाग सामान्य ग्राहक की तरह भीड़ में बैठा मोबाइल और डिवाइस के जरिए लगातार संपर्क में था। इतनी कम दूरी के कारण ब्लूटूथ कनेक्टिविटी मजबूत रही और अंदर बैठे परीक्षार्थियों तक साफ आवाज पहुंचती रही। प्रश्न मिलते ही बाहर बैठी टीम गूगल व अन्य स्रोतों से जवाब खोजकर तुरंत भेज देती थी। सबसे बड़ा विरोधाभास यह है कि अंदर नकल कर रहे अभ्यर्थी बीटेक डिग्रीधारी इंजीनियर थे, जबकि पूरे आपरेशन की कमान संभाल रहा दर्शन केवल 10वीं पास है।
फिट इंडिया का ब्रांड एंबेसडर और माउंट एवरेस्ट रिकॉर्डधारी निकला आरोपी
वह अपने साथियों प्रसिद्ध पर्वतारोही नरेंद्र कुमार और बंटी के साथ मिलकर जवाब ढूंढ रहा था। हिसार जिले के गांव मिंगनी खेड़ा निवासी पर्वतारोही नरेंद्र ने 30 दिसंबर 2025 को माउंट एवरेस्ट के बेस कैंप पर तिरंगा फहराने का रिकॉर्ड बनाया था। बताया जा रहा है कि इस समय वह ‘फिट इंडिया’ का ब्रांड एंबेसडर भी है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस काम में इस्तेमाल किए गए विशेष इलेक्ट्रॉनिक उपकरण दिल्ली के करोल बाग स्थित मशहूर गफ्फार मार्केट से खरीदे गए थे। यह मार्केट इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और मोबाइल रिपेयरिंग के लिए पूरे देश में जाना जाता है। आरोपितों ने वहां से जीएसएम सिम वाले विशेष सूक्ष्म ईयरपीस और ब्लूटूथ डिवाइस खरीदे, जिन्हें आसानी से कपड़ों या जूतों में छिपाया जा सके। पूरी तैयारी करने के बाद यह गिरोह फ्लाइट पकड़कर दिल्ली से रायपुर पहुंचा। हवाई जहाज से आने का मकसद समय बचाना और पुलिस की नजरों से बचकर सीधे अपने काम को अंजाम देना था।
रायपुर पुलिस की कार्रवाई अभी थमी नहीं है। गिरफ्तार आरोपितों के मोबाइल कॉल डिटेल्स और व्हाट्सएप चैट खंगालने पर पुलिस को हरियाणा में बैठे एक और शख्स के बारे में पुख्ता जानकारी मिली है। माना जा रहा है कि वही इस पूरे नेटवर्क का असली मास्टरमाइंड है जो पर्दे के पीछे से सब कुछ नियंत्रित कर रहा था। पुलिस अब उस मुख्य सरगना की तलाश कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद यह पता चल पाएगा कि इस गिरोह ने अब तक देश भर में कितनी परीक्षाओं में इस तरह से सेंधमारी की है।
सक्षम परिवारों से संबंध और पेशेवर पृष्ठभूमि
जांच में सामने आया कि आरोपित आर्थिक या सामाजिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से नहीं हैं। पर्वतारोही नरेंद्र कुमार के पिता आबकारी एवं कराधान विभाग से सेवानिवृत्त ईटीओ हैं और उसके दो भाई हरियाणा सरकार में जूनियर इंजीनियर हैं। नरेंद्र अब तक माउंट मनास्लु, अन्नपूर्णा, और माउंट एल्ब्रुस जैसी दुर्गम चोटियों को फतह कर चुका है। गांव में नरेंद्र कुमार के इस कृत्य पर हर कोई हैरान है। लक्ष्मीनारायण चंडीगढ़ में सड़क निर्माण एजेंसी में कार्यरत है, जबकि अमर जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी पर बन रहे पुल प्रोजेक्ट से जुड़ा बताया गया है। सुमित सहवाग विवाहित है और प्रॉपर्टी व्यवसाय से जुड़ा है, जबकि दर्शन खेती करता है। सुमित के पिता हरियाणा पुलिस से सेवानिवृत्त हैं।
पुलिस के मुताबिक, फरवरी 2026 में आयोजित GATE परीक्षा 7, 8, 14 और 15 फरवरी को कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में दो शिफ्ट में आयोजित की गई थी। परीक्षा का समय सुबह 9:30 से 12:30 बजे तथा दोपहर 2:30 से 5:30 बजे तक निर्धारित थी।
सूत्रों के अनुसार, डीडी नगर क्षेत्र के एक परीक्षा केंद्र में संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर पुलिस और परीक्षा प्रबंधन टीम ने संयुक्त जांच की। जांच के दौरान आरोपियों के पास से विशेष इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद किए गए, जिनकी मदद से वे बाहर बैठे सॉल्वर से संपर्क में थे।
पुलिस ने गिरोह में शामिल हरियाणा के झज्जर निवासी दर्शन सहवाग, सुमित सहवाग, फतेहाबाद जिले के लक्ष्मीनारायण उर्फ लक्की, अमर और बंटी कुमार समेत हिसार के नरेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया है।





