आपदा से जुड़े मामलों मे राजस्व के साथ, स्वास्थ्य, नगर सेना, वन विभाग, खनिज, कृषि और पशुधन विभाग को भी बनाया नोडल अफसर

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आपदा से जुड़े मामलों मे राजस्व के साथ, स्वास्थ्य, नगर सेना, वन विभाग, खनिज, कृषि और पशुधन विभाग को भी बनाया नोडल अफसर

आपदा से जुड़े मामलों मे राजस्व के साथ, स्वास्थ्य, नगर सेना, वन विभाग, खनिज, कृषि और पशुधन विभाग को भी बनाया नोडल अफसर

विशेषता के आधार पर विभाग का बंटा काम, सांप, बिच्छू, गुहेरा या मधुमक्खी के काटने और लू का मुआवजा अब स्वास्थ्य विभाग से


एजेंसी--

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य-विशिष्ट आपदाओं से निपटने, उनकी मॉनिटरिंग करने और हादसों से पहले अलर्ट जारी करने के लिए एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। अब आपदा से जुड़े मामलों मे राजस्व के साथ, स्वास्थ्य, नगर सेना, वन विभाग, खनिज, कृषि और पशुधन विभाग को भी नोडल अफसर बनाया गया है।

आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत सरकार ने आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना जारी कर 7 अलग-अलग विभागों को विशिष्ट आपदाओं के लिए ‘नोडल विभाग’ घोषित कर दिया है। राजस्व विभाग के संयुक्त सचिव अरविंद कुमार एक्का द्वारा जारी इस आदेश के बाद अब तक चली आ रही पुरानी व्यवस्था पूरी तरह बदल जाएगी।

दरअसल प्रदेश में हर साल आकाशीय बिजली, सर्पदंश और डूबने की घटनाओं में बड़ी संख्या में मौतें होती हैं। ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं और त्वरित रेस्क्यू सिस्टम की कमी के कारण कई मामलों में समय पर मदद नहीं मिल पाती। सरकार की नई व्यवस्था को इसी कमजोरी को दूर करने की कोशिश माना जा रहा है। नई गाइडलाइन के मुताबिक, इन चिन्हित विभागों को सिर्फ हादसों के बाद राहत पहुंचाना ही नहीं, बल्कि संबंधित आपदा की निगरानी, पूर्व चेतावनी, रोकथाम, शमन और क्षमता निर्माण की पूरी कमान खुद संभालनी होगी ।

पहले छत्तीसगढ़ में अधिकांश प्राकृतिक और स्थानीय आपदाओं की प्राथमिक जिम्मेदारी अकेले राजस्व विभाग संभालता था, जिससे पीड़ितों को मदद में देरी होती थी। अब विशेषज्ञता के आधार पर काम को इस तरह बांटा गया है:-

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग: आकाशीय बिजली से दुर्घटना, गड्‌ढे में गिरकर डूबने से मौत और अतिवृष्टि व आंधी-तूफान से होने वाले हादसे ।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग: सांप (सर्पदंश), बिच्छू, गुहेरा या मधुमक्खी के काटने से होने वाली दुर्घटनाएं और लू के कारण होने वाले हादसे ।

नगर सेना, अग्निशमन एवं आपातकालीन और एसडीआरएफ : नदी, तालाब, बांध, कुआं, नहर या नाले में डूबने से मृत्यु, नाव दुर्घटनाएं और घरेलू एलपीजी सिलेंडर या स्टोव फटने से होने वाले अग्निकांड ।

वन विभाग: वनों में होने वाली आग लगने की घटनाएं।

कृषि: कृषि योग्य भूमि और बागवानी भूमि में होने वाली आगजनी की घटनाएं

खनिज: खदान धसकने के कारण हादसों से घायल व होने वाली मौतें।

पशुधन विभाग: आकाशीय बिजली गिरने या सर्पदंश, बिच्छू, गुहेरा व मधुमक्खी के काटने से मवेशियों/पशुओं की होने वाली मौत या हानि।


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