एक ओर भाजपा सरकार प्रदेश में सुशासन लाने की बात कर रही तो दूसरी ओर बढ़ रहा कुशासन, प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में मचा हड़कंप
सरगुजा विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों के ऊपर लगा नायब तहसीलदार को पीटने का आरोप
दूसरी ओर विधायक की चचेरी बहन ने नायब तहसीलदार के ऊपर लगाया बत्तमीजी करने का आरोप
छत्तीसगढ़ के सीतापुर से भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो सत्ता के नशे में अपना आपा खो बैठे। एक मामले को लेकर उन्होंने बीच चौराहे पर पहले समर्थकों से कार्यपालिक मजिस्ट्रेट को पिटवाया, फिर किनारे ले जाकर खुद भी थप्पड़ जड़ दिए। मामले के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया। वहीं प्रदेश की वर्तमान भाजपा सरकार प्रदेश में सुशासन की बात कर रही और दूसरी ओर प्रदेश में सामने आ रहे ऐसे मामले इस पर पानी फेरते नजर आ रही है। बताया जा रहा है कि यह पहला मामला नही बल्कि पूर्व में भी कई मामले सामने आ चुके है, जिससे इन्हें विरोध का सामना भी करना पड़ा है।
सरगुजा जिले के सीतापुर में नायब तहसीलदार तुषार मानिक ने विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों पर मारपीट का आरोप लगाया है। घटना के बाद FIR की तैयारी शुरू हो गई है, जबकि विधायक पक्ष की ओर से भी अभद्र व्यवहार की शिकायत दर्ज कराई गई है। मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है।
सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो की चचेरी बहन से बद्तमीजी के आरोप पर विधायक के समर्थकों ने पहले ऑन ड्यूटी अधिकारी को पीटा और फिर विधायक ने भी उसकी पिटाई की। पिटाई से नायब तहसीलदार के चेहरे पर चोट आई है। शर्ट के बटन भी टूट गए हैं। उनके कपड़े भी फाड़ दिए। सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो की चचेरी बहन सीमा धनकी का आरोप है कि उन्होंने 14 मई को तहसील में एक फाइल जमा किया था। फाइल पूरी कंपलीट थी, लेकिन हस्ताक्षर करने के लिए कहने पर नायब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी द्वारा कहा गया कि कल हो जाएगा। टालमटोल करते-करते इतने दिन बीत गए थे। इसके बाद उसे तहसील से बाहर करने के लिए भी कहा गया। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया।
नायब तहसीलदार का कहना है कि विधायक समर्थकों ने धक्का-मुक्की की और उनके कपड़े भी फाड़ दिए। घटना की जानकारी मिलने पर सीतापुर एसडीएम फागेश सिन्हा मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव कर नायब तहसीलदार को अपने साथ अंबिकापुर ले गए।
आरोप है कि 27 मई की शाम करीब 6 बजे विधायक रामकुमार टोप्पो ने सीतापुर लौट चुके नायब तहसीदार को वापस राजापुर बुलाया। नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ SDM फागेश सिन्हा भी राजापुर पहुंचे। नायब तहसीलदार तुषार मानिक से विधायक रामकुमार टोप्पो ने बहन से अभद्र व्यवहार करने को लेकर पूछा। तुषार मानिक ने कहा कि अभद्रता नहीं की गई है, वे तुरंत हस्ताक्षर करने के लिए कह रही थीं, उन्हें कल बुलाया गया है।
तुषार मानिक ने कहा कि इतना कहते ही विधायक के समर्थकों ने उनकी पिटाई शुरू कर दी। विधायक रामकुमार टोप्पो ने उन्हें किनारे बुलाया और मारपीट की। बीच-बचाव में एसडीएम फागेश सिन्हा आए और उन्हें बचाकर बाहर निकाला।
नायब तहसीलदार ने आरोप लगाया कि विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थक मारपीट के इरादे से ही आए थे। उन्होंने बहन के साथ अभद्रता का आरोप लगा मारपीट की, जबकि ऐसा नहीं हुआ है।
कलेक्टर ने कहा- मारपीट हुई, पुलिस कानूनी कार्रवाई करेगी
सरगुजा कलेक्टर अजीत बसंत ने नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ ही एसडीएम फागेश सिन्हा से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। कलेक्टर अजीत बसंत ने बताया कि नायब तहसीलदार ने उन्हें बताया है कि विधायक और उनके समर्थकों ने मारपीट की है। मामले में पुलिस कानूनी कार्रवाई करेगी।
कलेक्टर से मिलने के बाद नायब तहसीलदार तुषार मानिक और एसडीएम फागेश सिन्हा सहित अन्य राजस्व अधिकारी मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराने अंबिकापुर कोतवाली थाने पहुंचे थे।
नायब तहसीलदार की शिकायत पर विधायक रामकुमार टोप्पो, यूसुफ, नाजिम राजा और पंकज गुप्ता समेत 10 लोगों के खिलाफ BNS की धारा 221, 221(1), 132 और 191(2) के तहत (शासकीय कार्य में बाधा और मारपीट) का कड़ा मुकदमा दर्ज किया गया है।
वही विधायक की बहन सीमा की रिपोर्ट पर पलटवार करते हुए नायब तहसीलदार तुषार मानिक के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।





