छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में बिहार निवासी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के एक जवान ने खुद को मारी गोली, आत्महत्या के कारणों का लगाया जा रहा पता

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छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में बिहार निवासी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के एक जवान ने खुद को मारी गोली, आत्महत्या के कारणों का लगाया जा रहा पता

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में बिहार निवासी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के एक जवान ने खुद को मारी गोली

आत्महत्या के कारणों का लगाया जा रहा पता, पिछले साढ़े छह वर्षों में 177 सुरक्षाकर्मियों ने की आत्महत्या



छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में शनिवार को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के एक जवान ने खुद को गोली मार ली। जिले के घोर नक्सल प्रभावित कैंप मिनपा जहां सीआरपीएफ की सेकेंड बटालियन तैनात था। ड्यूटी पर तैनात आरक्षक के गोली मारने से कैंप में हड़कंप मच गया। आरक्षक ने ड्यूटी के दौरान अपनी एलएमजी (लाइट मशीन गन) से खुद गोली मार दी। गोली सिर के आर- पार हो गई और जवान की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि जवान एक दिन पहले ही अवकाश से वापस लौटा था। पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने घटना की पुष्टि करते हुए पूरे मामले की जांच करने की बात कही। जानकारी के अनुसार, जवान बिहार का रहने वाला था। आरक्षक ने कोई सुसाइड नोट नहीं छोड़ा है।

शनिवार दोपहर 2 बजे घोर नक्सल प्रभावित सीआरपीएफ कैंप मिनपा जहां अचानक गोली चलने से अफरा-तफरी मच गई। कैंप के किनारे में स्थित मोर्चे की तरफ से गोली की आवाज सुनाई दी। बाकी जवान सावधानी से मोर्चे की तरफ बड़े और सोचे कि कहीं ये माओवादियों का हमला तो नहीं। लेकिन मोर्चे के पास जाकर देखे तो ड्यूटी पर तैनात जवान शशि भूषण कुमार का शव जमीन पर पड़ा हुआ था। 

आसपास खून ही खून था और सिर का एक हिस्सा गायब था। बिहार के गया जिले के रहने वाले शशि भूषण कुमार यहां सैकंड बटालियन मे तैनात थे और शुक्रवार को अवकाश खत्म कर घर से वापस कैंप लौटे थे। वो अपनी ड्यूटी कर रहे थे तभी अचानक खुद को ही अपनी राइफल से गोली मार दी। जवान की उम्र करीब 31 साल बताई जा रही है। आत्महत्या के कारणों का फिलहाल पता नहीं चला है।

घटना की जानकारी मिलते ही चिंतागुफा थाने से पुलिस मौके पर पहुंची। और घटना क्यों हुई और आत्म हत्या के पीछे क्या कारण हो सकते है इस पर छानबीन करने लगी। वही जवान का पार्थिव शरीर को पोस्टमार्टम के बाद गृहग्राम भेजा गया। सीआरपीएफ के अधिकारियों ने बताया कि जवान के परिजनों को हादसे की जानकारी दे दी गई है।

हाल ही में विधानसभा के मानसून सत्र में, राज्य सरकार ने बताया था कि राज्य में पिछले साढ़े छह वर्षों (2019 से 15 जून, 2025 तक) में 177 सुरक्षाकर्मियों ने पारिवारिक और व्यक्तिगत समस्याओं, शराब की लत और बीमारियों सहित विभिन्न कारणों से आत्महत्या की है।

छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबल के जवान नक्सलियों के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि जिस जवान ने आत्महत्या की थी। उसकी भी ड्यूटी नक्सल प्रभावित इलाके में थी। जवान के आत्महत्या का कारण पारिवारिक हो सकता है।


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