छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित 2 नेताओं के खिलाफ हुवा 500 करोड़ का मानहानि केस
इसके बाद भूपेश बघेल का आया बयान -ये डर अच्छा है
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ 500 करोड़ का मानहानि केस किया है। इनके साथ कांग्रेस नेता जितेंद्र सिंह और गौरव गोगोई का नाम भी शामिल है। सरमा ने एक्स पर पोस्ट कर जानकारी दी कि इन नेताओं ने प्रेस कान्फ्रेंस के जरिए उन पर जानबूझकर झूठे और अपमानजनक आरोप लगाए हैं। यह मामला एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान लगाए गए '12,000 बीघा जमीन' के कथित आरोपों से जुड़ा है। जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है। इसलिए उन्होंने अदालत में सिविल और क्रिमिनल मानहानि का केस दर्ज कराया है।
जानकारी के मुताबिक विवाद की शुरुआत चार फरवरी को हुई, जब असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के परिवार ने राज्य में लगभग 12,000 बीघा (करीब 3,960 एकड़) सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया है। इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए सरमा ने कानूनी कार्रवाई का रास्ता चुना है।
हिमंता बिस्वा सरमा के अनुसार, 9 फरवरी 2026 को भूपेश बघेल सहित कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई। उन्होंने कहा कि, राजनीतिक असहमति अलग बात है, लेकिन सार्वजनिक मंच से निराधार आरोप लगाना कानून के दायरे में आता है।
सीएम सरमा का आरोप है कि, कांग्रेस नेताओं, खासकर भूपेश बघेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए उनके खिलाफ ऐसे बयान दिए जो पूरी तरह झूठे और तथ्यहीन हैं। इसी को लेकर उन्होंने सीधे कोर्ट का रुख किया।
भूपेश बघेल ने कहा-ये डर अच्छा है
इधर , पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस कानूनी कार्रवाई पर पलटवार करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि असम की जनता 'बंटी और बबली' की लूट से त्रस्त है। उन्होंने असम के बढ़ते कर्ज और जुबीन गर्ग की मृत्यु के मुद्दे को उठाकर मानहानि के मुकदमे को सरमा का 'डर' करार दिया।
बघेल ने तंज कसते हुए कहा कि हिमंत बिस्वा सरमा को मानसिक चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए, उनकी भाषा संवैधानिक पद की मर्यादा के अनुरूप नहीं है। वहीं, सांसद गौरव गोगोई ने मानहानि केस को मुख्यमंत्री की घबराहट बताते हुए चुनौती दी है कि यदि उनमें हिम्मत है, तो वे कोर्ट में जनता का सामना करें।



