दुर्घटनाग्रस्त पात्र व्यक्ति को दुर्घटना की तिथि से 7 दिनों तक ₹1.5 लाख तक का कैशलेस उपचार प्रदान किया जाएगा

Breaking Posts

6/trending/recent
Type Here to Get Search Results !

दुर्घटनाग्रस्त पात्र व्यक्ति को दुर्घटना की तिथि से 7 दिनों तक ₹1.5 लाख तक का कैशलेस उपचार प्रदान किया जाएगा

दुर्घटनाग्रस्त पात्र व्यक्ति को दुर्घटना की तिथि से 7 दिनों तक ₹1.5 लाख तक का कैशलेस उपचार प्रदान किया जाएगा

परिवहन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार पीएम राहत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रदेश में तैयारी हुई तेज



रायपुर। प्रधानमंत्री द्वारा 13 फरवरी 2026 को PM-RAHAT (Road Accident Victim Hospitalization and Assured Treatment) योजना का शुभारंभ किया गया। पूर्व में यह योजना CTRAV के नाम से जानी जाती थी। योजना के अंतर्गत किसी भी श्रेणी की सड़क पर दुर्घटनाग्रस्त पात्र व्यक्ति को दुर्घटना की तिथि से 7 दिनों तक ₹1.5 लाख तक का कैशलेस उपचार प्रदान किया जाएगा।

Ministry of Road Transport & Highways के अनुसार, सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली लगभग 50% मौतों को समय पर अस्पताल में भर्ती कराकर रोका जा सकता है। पीएम-राहत योजना का उद्देश्य ‘गोल्डन आवर’ के दौरान त्वरित और नि:शुल्क उपचार सुनिश्चित करना है।

योजना का क्रियान्वयन Ministry of Road Transport & Highways के eDAR प्लेटफॉर्म तथा National Health Authority के TMS 2.0 के एकीकृत डिजिटल तंत्र के माध्यम से किया जाएगा, जिससे दुर्घटना रिपोर्टिंग से लेकर क्लेम निपटान तक की प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध होगी।

अस्पतालों को भुगतान मोटर व्हीकल एक्सीडेंट फंड (MVAF) के माध्यम से किया जाएगा तथा स्वीकृत दावों का भुगतान 10 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा।यह योजना सुनिश्चित करती है कि किसी भी सड़क दुर्घटना पीड़ित को आर्थिक अभाव के कारण जीवनरक्षक उपचार से वंचित न होना पड़े।

परिवहन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम राहत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रदेश में तैयारी तेज कर दी गई है। इसी क्रम में परिवहन सचिव श्री एस. प्रकाश ने आज सभी जिले के पुलिस प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और डायल 112 के अधिकारियों की वर्चुअल बैठक ली। बैठक में सचिव श्री एस. प्रकाश ने निर्देश दिए कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को योजना के तहत 7 दिनों तक अधिकतम 1 लाख 50 हजार रुपए तक का कैशलेस उपचार तुरंत उपलब्ध कराया जाए। 

परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रदेश के लगभग 1000 अधिकृत अस्पतालों के साथ-साथ अन्य सक्षम अस्पतालों को भी इस योजना से जोड़ा जाए, ताकि जरूरतमंदों को समय पर उपचार मिल सके। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि अस्पतालों के उपचार संबंधी भुगतान 10 दिनों के भीतर कर दिए जाएं।

परिवहन सचिव श्री एस. प्रकाश ने अधिकारियों से कहा कि दुर्घटनाओं की रोकथाम हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए जिलों में आवश्यक कदम उठाए जाएं ताकि सड़क दुर्घटना में कमी लाई जा सके। उन्होंने कहा कि यदि दुर्घटना होती है, तो घायल व्यक्ति को ‘गोल्डन ऑवर’ में त्वरित उपचार मिलना अत्यंत आवश्यक है। योजना का उद्देश्य इसी महत्वपूर्ण समय में उपचार उपलब्ध कराकर पीड़ितों की जान बचाना है। राज्य सरकार द्वारा योजना के त्वरित क्रियान्वयन से सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर और निःशुल्क उपचार का लाभ मिल सकेगा, जिससे अनेक बहुमूल्य जीवन बचाए जा सकेंगे।

बैठक में एनआईसी के राज्य अधिकारी श्री अरविंद यादव और श्री अमित देवांगन ने पावर पॉइंट के माध्यम से प्रस्तुति और वीडियो के माध्यम से योजना के बेहतर क्रियान्वयन की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, डायल 112 और जिला प्रशासन की भूमिकाओं एवं जिम्मेदारियों की विस्तृत जानकारी दी। वर्चुअल बैठक में बस्तर, मानपुर-मोहला-अंबागढ़ चौकी सहित सभी जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी एवं संबंधित अधिकारी शामिल हुए। बैठक में उप परिवहन आयुक्त श्री मनोज कुमार ध्रुव तथा अंतर्विभागीय लीड एजेंसी (सड़क सुरक्षा) से श्री दिनेश टांक भी उपस्थित थे।

Top Post Ad


 

Below Post Ad

Ads Bottom