सरस्वती शिशु मंदिर उ. मा. विद्यालय पत्थलगांव के सभा कक्ष में कक्षा द्वादश के भैया- बहनों का आशीर्वाद समारोह कार्यक्रम संपन्न
पत्थलगांव -- सरस्वती शिशु मंदिर उ. मा. विद्यालय पत्थलगांव के सभा कक्ष में कक्षा द्वादश के भैया- बहनों का आशीर्वाद समारोह कक्षा एकादश विज्ञान, कामर्श, क़ृषि संकाय के बच्चों के द्वारा कार्यक्रम आयोजित की गई, सम्पूर्ण व्यवस्था की जिम्मेदारी का निर्वहन बच्चों ने किया, मानसरंजन पाण्डेय ने कार्यक्रम का संचालन किया, जिस बच्चों ने कक्षा नर्सरी से द्वादश तक इस विद्यालय में अपना शिक्षा ग्रहण किया उन्होंने ने अपना- अपना अनुभव कथन सबके समक्ष रखा, हंसिका रोहिला ने कही मुझे इस विद्यालय से बहुत कुछ सिखने को मिली, आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली,प्राचार्य पाढ़ी जी को मैं विशेष धन्यवाद देना चाहती हूँ, कि उन्हें हर वक़्त गलती का एहसास दिलाया, सुधार करने का अवसर दिया, मार्गदर्शन सराहनीय रहा,इस विद्यालय की शिक्षा, संस्कार, आचार्य परिवार का स्नेह मेरे लिए स्मरणीय है, मैं नहीं भूल सकती, गार्गी महंत ने सारगर्भित शब्दों में कही मुझे इस विद्यालय से जो शिक्षा, संस्कार प्राप्त हई है, उसे मैं नहीं भूल सकती, प्राचार्य ने हमारी समस्या का समाधान करते हुए, निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी,निराश न होने का सीख प्रदान किए, मैं जहाँ भी शिक्षा के लिए जाऊंगी , इस विद्यालय की संस्कार को नहीं भूल सकती, विद्यालय समिति के उपाध्यक्ष डॉ. बी. एल. भगत, रामनिवास जिंदल, प्राचार्य संतोष कुमार पाढ़ी, प्रधानाचार्य डेमू धर बंजारा, सुखलाल चौहान की उपस्थिति में कार्यक्रम संपन्न हुई, सर्व प्रथम मंचाशीन अतिथियो के द्वारा दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया, एकादश के भैया -बहनों द्वारा द्वादश के समस्त विद्यार्थियों का प्रवेश द्वार पर ही तिलक लगाकर आकर्षक स्वागत किया, डॉ. भगत ने अपने उद्धबोधन में आशीर्वचन देते हुए कहाँ की जो विधार्थी छतीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के परीक्षा के टॉप टेन सूची में स्थान प्राप्त कर लेता है,, हमारे लिए सबसे बड़ी उपलब्धि होगी,मैं विशेष रुप से उसका सम्मानित करूंगा,रामनिवास जिंदल ने कहा की सरस्वती शिशु मंदिर की शिक्षा, संस्कार को आप जहाँ भी रहें, उसको न भूले, आगे प्रगति करते रहें, यही मेरा शुभकामना है, अंत में संस्था के प्राचार्य संतोष कुमार पाढ़ी ने मोटिवेट करते हुए कहा की, परीक्षा से डरने की कोई जरूरत नहीं है, निःसंकोच परीक्षा का सामना करने के लिए तत्पर रहें, सभी अच्छे से सतत परिश्रम करें,अवश्य ही आपको फल की प्राप्ति होगी, एक लक्ष्य को लेकर दृण, संकल्प, आत्मविश्वास के साथ परीक्षा की तैयारी में जुट जाए, निश्चित ही आपको सफलता प्राप्त होगी,मैं आशीर्वाद देते सभी के उज्जवल भविष्य की कामना करता हूँ, एकादश के विधार्थियो ने यह कार्यक्रम रखा, आप सभी ने व्यवस्थित कार्यक्रम को संपन्न कराने में अहम भूमिका निभाई, आप सभी धन्यवाद के पात्र है।





