पत्थलगांव सिविल अस्पताल में 24 घण्टे में सर्पदंश के आये 3 मामले, समय पर इलाज से बची लोगों की जान

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पत्थलगांव सिविल अस्पताल में 24 घण्टे में सर्पदंश के आये 3 मामले, समय पर इलाज से बची लोगों की जान

पत्थलगांव सिविल अस्पताल में 24 घण्टे में सर्पदंश के आये 3 मामले, समय पर इलाज से बची लोगों की जान

लोगों के जागरूक होने की वजह से लोगों में बढ़ रही जागरूकता, झाड़फूंक छोड़ पहुंच रहे सीधे अस्पताल- बीएमओ डॉ मिंज





पत्थलगांव। छत्तीसगढ़ के 'नागलोक' कहे जाने वाले पत्थलगांव क्षेत्र में 24 घंटे के भीतर सर्पदंश के तीन मामले सामने आए, लेकिन समय पर अस्पताल पहुंचने से तीनों मरीजों की जान बच गई।

जानकारी के अनुसार, सारसमार निवासी कमल साय खेत में बोरिंग के पास काम कर रहे थे, तभी विषैले सांप ने उनके पैर में डंस लिया। वहीं, सीतापुर थाना क्षेत्र के वंशीपुर निवासी प्रीतम तिर्की (13 वर्ष) रविवार देर रात करीब 2 बजे पेशाब करने बाहर गया था, जहां उसे सांप ने दो बार डंस लिया। इसी तरह बहमा निवासी रूपेश नाग (17 वर्ष) मवेशियों के लिए पैरा लेने गया था, तभी रात करीब 8 बजे किसी अज्ञात सांप ने उसके हाथ में काट लिया।

तीनों घायलों को परिजनों ने बिना देर किए तत्काल पत्थलगांव सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने तुरंत उपचार शुरू किया। समय पर इलाज मिलने से तीनों की जान बच गई और उनकी हालत अब सामान्य बताई जा रही है।

बीएमओ डॉ. जेम्स मिंज ने बताया कि पिछले 24 घंटे में सर्पदंश के तीन मरीज अस्पताल पहुंचे। समय पर अस्पताल लाने के कारण सभी का सफलतापूर्वक इलाज किया जा सका। उन्होंने लोगों से अपील की कि सर्पदंश होने पर झाड़-फूंक या घरेलू उपचार के भरोसे न रहें, बल्कि तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचें, क्योंकि समय पर उपचार ही जीवन बचाने का सबसे प्रभावी उपाय है।

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