मानसिक रूप से दिव्यांग युवती से दुष्कर्म करने वाले आरोपी को आजीवन कारावास

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मानसिक रूप से दिव्यांग युवती से दुष्कर्म करने वाले आरोपी को आजीवन कारावास

मानसिक रूप से दिव्यांग युवती से दुष्कर्म करने वाले आरोपी को आजीवन कारावास

झूठी पहचान बताकर बहला-फुसलाया, सुनसान जंगल ले जाकर किया था दुष्कर्म

पुलिस की प्रभावी विवेचना एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों आधार पर न्यायालय ने सुनाई कठोर सजा


थाना कुनकुरी क्षेत्र में वर्ष 2023 में मानसिक रूप से मानसिक रूप से कमजोर युवती के साथ दुष्कर्म के गंभीर प्रकरण में माननीय द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश, कुनकुरी द्वारा दिनांक 09 जुलाई 2026 को आरोपी अब्दुल हमीद को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास सहित विभिन्न धाराओं में कठोर सजा सुनाई गई है।

मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 18 सितम्बर 2023 की सुबह पीड़िता घर से शौच के लिए निकली थी। वापस लौटने के दौरान आरोपी ने उसका रास्ता रोककर स्वयं को दूसरे नाम से परिचित कराया और बहला-फुसलाकर अपनी मोटरसाइकिल में बैठा लिया। इसके बाद वह पीड़िता को सुनसान जंगल क्षेत्र में ले गया, जहां उसकी इच्छा के विरुद्ध उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद आरोपी ने किसी को जानकारी देने पर जान से मारने की धमकी दी और पीड़िता को रास्ते में छोड़कर फरार हो गया। बाद में पीड़िता ने अपने परिजनों को घटना की जानकारी दी, जिसके आधार पर थाना कुनकुरी में तत्काल अपराध पंजीबद्ध किया गया।

प्रकरण की विवेचना के दौरान पुलिस द्वारा आरोपी को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल एवं अन्य आवश्यक सामग्री जप्त की गई।  मामले में पीड़िता एवं आरोपी का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया। घटनास्थल का निरीक्षण, गवाहों के कथन, न्यायालय के समक्ष  पीड़िता का कथन, एफएसएल परीक्षण सहित सभी आवश्यक वैज्ञानिक एवं दस्तावेजी साक्ष्य एकत्रित कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए। विवेचना के दौरान संकलित साक्ष्यों एवं अभियोजन की प्रभावी पैरवी के आधार पर आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोप न्यायालय में सिद्ध हुए।

संपूर्ण साक्ष्यों एवं दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के उपरांत माननीय न्यायालय ने आरोपी को धारा 376 भारतीय दण्ड संहिता के अंतर्गत आजीवन कारावास एवं ₹1,000 अर्थदण्ड, धारा 366 भारतीय दण्ड संहिता के अंतर्गत 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹500 अर्थदण्ड तथा धारा 419 भारतीय दण्ड संहिता के अंतर्गत 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹500 अर्थदण्ड से दंडित किया है। अर्थदण्ड अदा नहीं करने की स्थिति में न्यायालय द्वारा अतिरिक्त सश्रम कारावास का भी प्रावधान किया गया है।

मामले में डी आई जी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ लाल उमेद सिंह ने कहा कि जशपुर पुलिस महिलाओं, बालिकाओं एवं कमजोर वर्गों के विरुद्ध होने वाले अपराधों के प्रति शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) की नीति पर कार्य कर रही है। ऐसे मामलों में त्वरित, निष्पक्ष एवं वैज्ञानिक विवेचना सुनिश्चित करते हुए प्रभावी अभियोजन के माध्यम से दोषियों को कानून के अनुसार कठोर दंड दिलाने के लिए जशपुर पुलिस निरंतर प्रतिबद्ध है।

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