पत्थलगांव थानाक्षेत्र में जमीन विवाद में खूनी बवाल, धान की फसल पर ट्रैक्टर चढ़ाने का आरोप, महिलाओं से अभद्रता का दावा

Breaking Posts

6/trending/recent
Type Here to Get Search Results !

पत्थलगांव थानाक्षेत्र में जमीन विवाद में खूनी बवाल, धान की फसल पर ट्रैक्टर चढ़ाने का आरोप, महिलाओं से अभद्रता का दावा

पत्थलगांव थानाक्षेत्र में जमीन विवाद में खूनी बवाल, धान की फसल पर ट्रैक्टर चढ़ाने का आरोप, महिलाओं से अभद्रता का दावा





पत्थलगांव। जशपुर जिले के पत्थलगांव थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत रघुनाथपुर के टुकुपखना में जमीन विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। धान की रोपाई के दौरान दो पक्ष आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया। एक पक्ष ने आरोप लगाया है कि दूसरे पक्ष के लोग लाठी-डंडे और धारदार हथियार लेकर खेत में पहुंचे तथा दो ट्रैक्टरों से खड़ी धान की फसल रौंद दी। विरोध करने पर महिलाओं और पुरुषों के साथ मारपीट की गई।

पीड़ित पक्ष के संजय बड़ा सहित अन्य ग्रामीणों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि भगवानो यादव एवं उसके परिवार के लोग जबरन खेत में घुसे, जातिसूचक गालियां देते हुए उन्हें खेत से खदेड़ दिया। शिकायत में मिलो बाई के साथ मारपीट कर घायल करने तथा बीच-बचाव करने पहुंची एक युवती के साथ अभद्रता, जबरन ले जाने और दुष्कर्म की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़ितों ने ग्राम सरपंच गरीब साय समेत 10 लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग की है।

वहीं, दूसरे पक्ष के भगवानो यादव ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि विवादित भूमि खसरा नंबर 73/14, रकबा 0.421 हेक्टेयर राजस्व अभिलेख में धनेश्वर पिता लालो के नाम दर्ज है, लेकिन दूसरा पक्ष उस पर अवैध रूप से दावा कर रहा है। ग्राम सरपंच गरीब साय ने भी बताया कि उनके सामने महिलाओं के बीच कहासुनी और झूमाझटकी हुई थी, जबकि अन्य गंभीर आरोप सही नहीं हैं। एडिशनल एसपी राकेश पाटनवार ने बताया कि धान रोपाई के दौरान दो पक्षों के बीच मारपीट की घटना हुई है। 

प्रार्थी की शिकायत पर अजाक थाना जशपुर में आरोपियों भगवानों यादव, प्रेमचंद, नरेन्द्र यादव, पदमन, दिलबंधु, जगबंधु, नवीन यादव, बिछी यादव, दसई यादव एवं गरीब साय (सरपंच) के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 189, 191, 329, 324, 115, 74, 351(2), 351(3) तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धाराएं 3(1)(f), 3(1)(w)(i), 3(1)(द), 3(1)(घ) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी गई है।

जशपुर पुलिस द्वारा प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए सभी तथ्यों की निष्पक्ष एवं विधिसम्मत जांच की जा रही है तथा साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

Top Post Ad


 

Below Post Ad

Ads Bottom