देश मे अब ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों की खैर नही, 15 अगस्त से संशोधित यातायात नियम देश मे लागू
पहली बार चेतावनी, दोबारा उल्लंघन पर कार्रवाई, लाइसेंस रद होने के बाद भी 30 दिन तक रहेगा मान्य
देश मे अब ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों की खैर नहीं। 15 अगस्त 2026 से मोटर वाहन अधिनियम (जन विश्वास संशोधन) के तहत कई नए और संशोधित यातायात नियम लागू हुए हैं। 15 अगस्त से 23 तरह के ट्रैफिक उल्लंघनों में सड़क पर ही जुर्माना वसूलने की कंपाउंडिंग व्यवस्था खत्म कर दी गई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने मोटर व्हीकल एक्ट की धारा-200 के तहत कंपाउंडिंग से जुड़े प्रावधानों में बदलाव किया है। मंत्रालय की ओर से 24 जुलाई 2026 को जारी अधिसूचना के बाद यह नई व्यवस्था 15 अगस्त से पूरे देश में प्रभावी हो गई है। यह बदलाव अप्रैल 2026 में संसद से पारित जन विश्वास अधिनियम के तहत मोटर व्हीकल एक्ट में किए गए संशोधनों के अनुरूप है।
पहली बार चेतावनी, दोबारा उल्लंघन पर कार्रवाई:
नई व्यवस्था में वायु और ध्वनि प्रदूषण से जुड़े मामलों में पहली बार पकड़े जाने पर चेतावनी देने का प्रावधान है। दोबारा उल्लंघन मिलने पर जुर्माने की कार्रवाई होगी। इसी तरह बिना रजिस्ट्रेशन और बिना फिटनेस वाले वाहन पहली बार पकड़े जाने पर चेतावनी दी जाएगी, जबकि दोबारा उल्लंघन होने पर मामला कोर्ट के जरिए निस्तारित होगा।
अब सड़क पर नहीं भर सकेंगे जुर्माना:
अब तक ट्रैफिक पुलिस या प्रवर्तन अधिकारी कई मामलों में मौके पर ही चालान काटकर जुर्माना वसूल लेते थे और मामला वहीं खत्म हो जाता था। नई व्यवस्था में अधिकारी केवल चालान बनाएंगे, इसके बाद प्रकरण न्यायालय में पेश होगा। कोर्ट के आदेश के बाद ही संबंधित व्यक्ति को जुर्माना जमा करना होगा। नई व्यवस्था से जहां मौके पर होने वाली कंपाउंडिंग खत्म होगी। वहीं, इन मामलों के निस्तारण में पहले की तुलना में ज्यादा समय लग सकता है। वाहन चालकों को अब चालान के बाद न्यायालय की प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा।
लाइसेंस रद होने के 30 दिन तक रहेगा मान्य
अब ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता खत्म होने के तुरंत बाद उसे अवैध मानकर कार्रवाई नहीं की जाएगी। एक्सपायरी डेट के बाद भी यह 30 दिनों तक मान्य रहेगा। लाइसेंस रिन्यूअल के लिए एक्सपायरी डेट से एक साल पहले तक आवेदन किया जा सकेगा। समय पर आवेदन करने पर नवीनीकरण समाप्ति की तारीख से ही प्रभावी माना जाएगा। वाहन का पंजीकरण रद होने या उससे जुड़े मामलों में दस्तावेज जमा करने के लिए मिलने वाले समय को 14 दिन से बढ़ाकर 30 दिन कर दिया गया है।
दूसरी बार या उसके बाद 500 से 1,500 रुपये तक का जुर्माना
ऐसे यातायात उल्लंघन जिनके लिए मोटर व्हीकल एक्ट में अलग से जुर्माना तय नहीं है, उनमें पहली बार गलती करने पर चालान के बजाय केवल चेतावनी देकर छोड़ा जाएगा। दूसरी बार या उसके बाद 500 से 1,500 रुपये तक का जुर्माना होगा। बिना जरूरत या नो-हॉर्न जोन में हॉर्न बजाने और साइलेंसर के बजाय कट-आउट से धुआं निकालने वाले वाहनों पर पहली बार चेतावनी दी जाएगी। दूसरी बार ऐसा करने पर 1,000 से 2,000 रुपये तक का दंड लगेगा।
बीमा नहीं होने और खतरनाक ड्राइविंग पर सख्त सजा
बिना वैध मोटर थर्ड-पार्टी बीमा के वाहन चलाने पर पहली बार में मूल प्रीमियम का तीन गुना या 5,000 रुपये (जो अधिक हो) का जुर्माना लगेगा। दोबारा गलती पर यह राशि मूल प्रीमियम की पांच गुना या 10,000 रुपये (जो अधिक हो) हो जाएगी। ऐसे दोषपूर्ण वाहन, जिनसे सड़क पर लोगों या अन्य वाहनों के लिए खतरा पैदा हो सकता है, उन्हें चलाने पर 5,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
दुर्घटना मुआवजे से नहीं कटेगी अतिरिक्त राशि, देरी पर भी क्लेम का मौका
दुर्घटना में मौत या गंभीर चोट के मामले में पीड़ित को मिलने वाली अनुग्रह राशि (अतिरिक्त सहायता) को अब मोटर दुर्घटना के वैधानिक मुआवजे से नहीं घटाया जाएगा। मुआवजे के लिए आवेदन की सामान्य छह महीने की मियाद खत्म होने के बाद भी दावा अधिकरण (ट्रिब्यूनल) उचित कारण होने पर अगले 12 महीने तक आवेदन स्वीकार कर सकता है। ट्रिब्यूनल को दावों का निपटारा 12 महीने में करने का प्रयास करना होगा।
कुछ मामलों में समझौता शुल्क से निपटेंगे प्रकरण
नए नियमों के अनुसार, अब कुछ निर्धारित गंभीर अपराधों को ही समझौता शुल्क लेकर समाप्त किया जा सकेगा, जिनमें बिना मंजूरी दूसरे व्यक्ति को वाहन चलाने देना या बिना वैध लाइसेंस वाहन चलाना, ओवरस्पीडिंग, खतरनाक ड्राइविंग या सड़क पर रेसिंग, आपातकालीन वाहनों (एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड) को रास्ता न देना, सड़क सुरक्षा व वायु प्रदूषण मानकों का बार-बार उल्लंघन, और बिना आरसी (पंजीकरण) गाड़ी चलाना या वाहन के ब्रेक/पार्ट्स से छेड़छाड़ करना प्रमुख रूप से शामिल हैं।
इन मामलों पर सख्ती:-
बिना वैध लाइसेंस वाहन चलाना
लाइसेंस से संबंधित अपराध
अधिक गति से वाहन चलाना
खतरनाक ड्राइविंग
सड़क पर रेसिंग और गति परीक्षण
सड़क सुरक्षा/वायु प्रदूषण मानकों का दूसरा या बाद का उल्लंघन
पंजीकरण के बिना वाहन चलाना
पंजीकरण से जुड़ा निर्धारित अपराध
आपातकालीन यानी एंबुलेंस को रास्ता न देना
वाहन के ब्रेक या यांत्रिक हिस्से में अनधिकृत दखल



