छत्तीसगढ़ के महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर

Breaking Posts

6/trending/recent
Type Here to Get Search Results !

छत्तीसगढ़ के महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर

छत्तीसगढ़ के महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर

31अगस्त 2026 तक प्रवेश की तिथि में वृद्धि, विश्वविद्यालयों में दाखिले से वंचित रह गए छात्रों को मिला एक और अवसर

वहीं इंडियन नर्सिंग काउंसिल ने प्रदेश के 42 नर्सिंग कॉलेजों में संचालित विभिन्न कोर्स की मान्यता को किया रद्द


रायपुर। छत्तीसगढ़ के महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्रों के लिए राहत वाली खबर सामने आई है। आयुक्त उच्च शिक्षा विभाग ने एक आदेश कर छत्तीसगढ़ के शैक्षणिक संस्थाओं के लिये सत्र 2026-27 हेतु प्रवेश तिथि में वृद्धि कर दी है। जारी आदेश में लिखा है, छत्तीसगढ़ राज्य के शैक्षणिक संस्थाओं हेतु शैक्षणिक सत्र 2026-27 प्राचार्य स्तर पर 31जुलाई 2026 तक एवं कुलपति की अनुमति से 14.अगस्त.2026 तक प्रवेश दिये जाने की तिथि निर्धारित थी। छात्रहित की दृष्टि से सीट रिक्त रहने की स्थिति में 31अगस्त 2026 तक प्रवेश की तिथि में वृद्धि कर दी है। इसके साथ ही कॉलेज और विश्वविद्यालयों में दाखिले से वंचित रह गए छात्रों को एक और अवसर मिल गया है।

नए आदेश के मुताबिक छात्र अब 31 अगस्त तक प्रदेश के महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए आवेदन कर सकते हैं। खास बात यह है कि इस चरण में प्रवेश के लिए अलग से मेरिट लिस्ट जारी नहीं की जाएगी। कॉलेजों में उपलब्ध सीटों के आधार पर छात्रों को पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी संबंधित विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को इस संबंध में सूचना दे दी है। इससे उन विद्यार्थियों को सबसे ज्यादा राहत मिलेगी, जो किसी वजह से पहले निर्धारित समय सीमा में दाखिला नहीं ले सके थे।

एडमिशन की तारीख बढ़ने का फैसला ऐसे समय आया है, जब छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने दसवीं और बारहवीं की द्वितीय परीक्षा के परिणाम जारी किए हैं। बारहवीं की द्वितीय परीक्षा में कुल 34 हजार 493 विद्यार्थी शामिल हुए थे। इनमें करीब 23 हजार विद्यार्थी परीक्षा में सफल रहे। रिजल्ट जारी होने के बाद इन छात्रों के सामने उच्च शिक्षा में प्रवेश का सवाल था। नई प्रवेश तिथि बढ़ने से इन विद्यार्थियों को कॉलेज में दाखिले के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है।

द्वितीय परीक्षा में शामिल होने वाले ज्यादातर विद्यार्थी पूरक श्रेणी के थे। इनमें कुछ ऐसे छात्र भी शामिल थे, जिन्होंने मार्च में हुई मुख्य परीक्षा में सफलता हासिल की थी, लेकिन अपने अंकों से संतुष्ट नहीं होने के कारण दोबारा परीक्षा दी। द्वितीय परीक्षा का परिणाम गुरुवार को जारी किया गया। ऐसे में परिणाम आने के बाद इन छात्रों के पास कॉलेज में दाखिले के लिए बेहद कम समय बचा था। कई छात्र इसी वजह से समय पर प्रवेश नहीं ले पाए। अब उच्च शिक्षा विभाग द्वारा अंतिम तारीख बढ़ाए जाने के बाद ऐसे विद्यार्थियों को राहत मिली है।


इंडियन नर्सिंग काउंसिल ने प्रदेश के 42 नर्सिंग कॉलेजों में संचालित विभिन्न कोर्स की मान्यता को किया रद्द

इंडियन नर्सिंग काउंसिल (आईएनसी) ने प्रदेश के 42 नर्सिंग कॉलेजों में संचालित विभिन्न कोर्स की मान्यता रद्द कर दी है। इन कॉलेजों में डीकेएस सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में संचालित एमएससी कोर्स भी शामिल हैं। निजी कॉलेजों में बीएससी, जीएनएम, पोस्ट बेसिक बीएससी व साइकेट्री नर्सिंग में डिप्लोमा कोर्स शामिल हैं। आईएनसी ने कहा है कि इन कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं केवल प्रदेश में पंजीयन कराने के लिए पात्र होंगे। यानी वे केवल छत्तीसगढ़ में नौकरी कर पाएंगे, दूसरे राज्यों में नहीं।

आईएनसी के आदेश के बाद सरकारी व निजी कॉलेजों में हड़कंप की स्थिति है। आईएनसी ने देशभर के 1484 कॉलेजों में संचालित विभिन्न कोर्स की मान्यता रद्द की है। कारण नहीं बताया गया है, लेकिन संभावना है कि कॉलेजों ने सुइटेबिलिटी सर्टिफिकेट नहीं लिया है इसलिए मान्यता रद्द की गई है। आईएनसी ने वेबसाइट में पूरी सूची अपलोड की है।

कॉलेजों की मनमानी, नक्शा तक जमा नहीं किए

चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 2024 में सभी 135 निजी नर्सिंग कॉलेजों से बिल्डिंग का सत्यापित नक्शा मंगाया था। ज्यादातर कॉलेजों ने नक्शे ही जमा नही किए, क्योंकि वे मापदंड के अनुसार नहीं चल रहे हैं। इस पर भी नर्सिंग कॉलेजों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। दरअसल प्रदेश में 25 से 30 फीसदी निजी कॉलेज मापदंड के विपरीत चल रहे हैं। कई स्थानों पर एक से दो कमरों पर किराए के भवन में कॉलेज चल रहे हैं। जबकि आईएनसी के अनुसार बिल्डिंग 23000 वर्गफीट एरिया में बनी होनी चाहिए।

Top Post Ad


 

Below Post Ad

Ads Bottom