छत्तीसगढ़ में किस विधायक को मंत्री बनाया जाएगा इसे लेकर अटकलों का बाजार गर्म, मंत्री बनने वालों के पास आज जा सकता है फोन

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छत्तीसगढ़ में किस विधायक को मंत्री बनाया जाएगा इसे लेकर अटकलों का बाजार गर्म, मंत्री बनने वालों के पास आज जा सकता है फोन

छत्तीसगढ़ में किस विधायक को मंत्री बनाया जाएगा इसे लेकर अटकलों का बाजार गर्म, मंत्री बनने वालों के पास आज जा सकता है फोन

दो दिनों में कैबिनेट विस्तार होता है तो ठीक, नहीं तो विदेश दौरा ओर पितृपक्ष के कारण लंबे समय के लिए सकता है अटक



छत्तीसगढ़ में किस विधायक को मंत्री बनाया जाएगा इसे लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। राज्य में कैबिनेट का विस्तार संभव है। कहा जा रहा है कि मंत्री बनने वाले विधायकों के पास आज फोन आ सकता है। उन्हें रायपुर बुलाया जा सकता है। माना जा रहा है कि विस्तार में जातिगत और क्षेत्रीय समीकरण को साधा जा सकता है। क्षेत्रीय समीकरण देखा जाए तो अभी दुर्ग और रायपुर जिले से एक भी मंत्री नहीं है। कांग्रेस की सरकार में दुर्ग का सबसे ज्यादा दबदबा था। वहीं, जब रमन सिंह मुख्यमंत्री थे तो बस्तर संभाग का प्रभाव देखने को मिलता था। मौजूदा सरकार में सीएम विष्णुदेव साय समेत तीन मंत्री सरगुजा संभाग से हैं। विस्तार से पहले कई विधायकों के नाम सामने आ रहे हैं।

कैबिनेट विस्तार को लेकर अभी दो दिन का समय है। 19 और 20 अगस्त को अगर कैबिनेट विस्तार होता है ठीक है नहीं फिर लंबे समय के लिए अटक सकता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 21 अगस्त को 10 दिवसीय विदेश दौरे पर जा रहे हैं। उसके बाद पितृ पक्ष को लेकर कैबिनेट विस्तार अटक सकता है। आज 19 अगस्त को विष्णुदेव साय सरकार की कैबिनेट बैठक होनी है। माना जा रहा है कि कैबिनेट मीटिंग से पहले मंत्रियों की शपथ हो सकती है।

मंत्री पद के लिए जिन नामों की चर्चा सबसे ज्यादा चल रही है उनमें गजेंद्र यादव, अमर अग्रवाल, नीलकंठ टेकाम, अजय चंद्राकर और राजेश मूणत जैसे नेताओं का नाम शामिल है। हालांकि दावा किया जा रहा है कि एक मंत्री से इस्तीफा लिया जा सकता है। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल के इस्तीफे के बाद किसी सामान्य वर्ग के नेता को मंत्री बनाया जा सकता है। ऐसे में माना जा रहा है कि सामान्य वर्ग के किसी नेता का मंत्री बनना लगभग तय है।

वहीं पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक अमर अग्रवाल सोमवार को राजभवन पहुंचे थे। वह राज्यपाल रामेन डेका से मुलाकात करने के लिए पहुंचे। दावा किया जा रहा है कि उनके पास कबिनेट विस्तार को लेकर फोन आया था। हालांकि अमर अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने राज्यपाल से 10 दिन पहले मुलाकात करने का समय मांगा था।

दावा किया जा राह है कि मंत्रिमंडल विस्तार के लिए सीएम विष्णुदेव साय को हरी झंडी मिल गई है। इससे पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शनिवार को राज्यपाल रामेन डेका से मुलाकात भी की थी। जानकारी के अनुसार, राज्य में हरियाणा फॉर्म्यूले पर कैबिनेट का विस्तार हो सकता है। साय कैबिनेट में 2 संगठन और एक आरएसएस की पसंद के विधायक को मंत्री बनाया जा सकता है।

पिछले चार-पांच दिनों से साय सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार से लेकर सिर्फ कयासों का दौर चल रहा है। भाजपा के अंदरखाने में भी मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं, लेकिन कोई भी मंत्री और विधायक इस मामले में कुछ भी नहीं बोल पा रहे हैं। क्योंकि मंत्रियों के नामों को लेकर अभी तक सस्पेंस बना हुआ है।

वहीं, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह भी दिल्ली जाने वाले हैं, इसकी भी चर्चा है। इसे कहीं न कहीं मंत्रिमंडल में सीनियर विधायकों को मंत्रिमंडल में जगह दिलाने की कवायद मानी जा रही है। क्योंकि जिन तीन विधायकों को मंत्री बनाए जाने की चर्चा है, पहली बार के विधायक है। ऐसे में वरिष्ठ विधायकों में भारी नाराजगी बताई जा रही है।
सूत्र बताते हैं कि जूनियर विधायकों को मंत्री बनाए जाने की चर्चा के बाद सीनियर विधायकों ने मोर्चा खोल दिया है। भाजपा संगठन इस नाराजगी को दूर करने के लिए फिलहाल मंत्रियों के नामों की घोषणा को टाल दिया है। बताया जाता है कि सोमवार को पूरी तैयारी थी, लेकिन ऐन वक्त में सीनियर विधायकों के नाराजगी सामने आने के बाद एक-दो दिन के लिए टाल दिया गया है। बताया जाता है कि अंदर खाने में दावेदार सीनियर और जूनियर विधायकों का मान-मनौव्वल चल रहा है।

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