बालोद जिले के डौंडी थाना में एक डिप्टी कलेक्टर के खिलाफ रेप का मामला हुवा दर्ज, जल्द हो सकती है डिप्टी कलेक्टर की गिरफ्तारी

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बालोद जिले के डौंडी थाना में एक डिप्टी कलेक्टर के खिलाफ रेप का मामला हुवा दर्ज, जल्द हो सकती है डिप्टी कलेक्टर की गिरफ्तारी

बालोद जिले के डौंडी थाना में एक डिप्टी कलेक्टर के खिलाफ रेप का मामला हुवा दर्ज, जल्द हो सकती है डिप्टी कलेक्टर की गिरफ्तारी 

2017 से 2025 तक तीन बार दवा देकर कराया अबॉर्शन, वर्तमान बीजापुर में है पोस्टेड



बालोद जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। बालोद जिले के डौंडी थाना में एक डिप्टी कलेक्टर के खिलाफ रेप का मामला दर्ज हो गया है। एक महिला आरक्षक की शिकायत के बाद डौंडी पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। एफआईआर दर्ज होने का बाद अब माना जा रहा है कि डिप्टी कलेक्टर की गिरफ्तारी कभी भी पुलिस कर सकती है।

दरअसल, डिप्टी कलेक्टर दिलीप उईके पिता रतन लाल उइके मूलतः डौंडी ब्लॉक के ग्राम अवारी के रहने वाले हैं। अभी वर्तमान में बीजापुर जिले में पोस्टेड है। उनके खिलाफ सीएएफ की एक महिला आरक्षक ने गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत की है। महिला का आरोप है कि डिप्टी कलेक्टर शादी करने का झांसा देकर करीबन एक साल से शारीरिक शोषण कर रहे थे। जब वे शादी से मुकर गए तो महिला सीधे डौंडी थाना पहुंच गई और डिप्टी कलेक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई।

महिला की शिकायत के बाद पुलिस ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। कयास लगाए जा रहे है कि डौंडी पुलिस जल्द ही डिप्टी कलेक्टर को गिरफ्तार कर सकती है। हालांकि पुलिस आगे की जांच में जुटी हुई है।

डौंडी क्षेत्र की रहने वाली सीएएफ महिला आरक्षक ने बताया कि उनका परिचय साल 2017 में हुआ था। दोनों डौंडी स्थित आईटीआई में पढ़ाई कर रहे थे। पढ़ाई के दौरान दोनों की बातचीत शुरू हुई। ये बातचीत धीरे-धीरे दोस्ती और फिर अफेयर में बदल गई। युवती का कहना है कि दिलीप ने उससे शादी का वादा किया। फिर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।

युवती ने बताया कि वह और दिलीप उइके एक ही जाति के हैं। मार्च 2017 में वह पहली बार प्रेग्नेंट हुई। जब उसने यह बात दिलीप को बताई तो उन्होंने कहा कि पहले पढ़ाई पूरी होने दो, फिर शादी और बच्चे के बारे में सोचेंगे। इसके बाद, दिलीप ने उसे बहला-फुसलाकर जबरन दवा देकर अबॉर्शन करवा दिया।

युवती ने बताया कि अगस्त 2017 में उसकी पुलिस विभाग में नौकरी लग गई, जबकि दिलीप ने दुर्ग साइंस कॉलेज में आगे की पढ़ाई शुरू की। शुरुआत में वह हॉस्टल में रहे, फिर किराए के मकान में रहने लगे। शादी की उम्मीद में और उनके रिश्ते के चलते वह हर महीने दिलीप की पढ़ाई, कोचिंग और अन्य खर्चों के लिए 4 से 5 हजार रुपए उनके खाते में भेजती रही। इस दौरान जब भी दोनों मिलते, दिलीप शादी का वादा करते हुए लगातार शारीरिक संबंध बनाते रहा।

पीड़िता के अनुसार दिलीप उइके ने साल 2020 में पीएससी परीक्षा पास की। उन्हें डिप्टी कलेक्टर पद पर बीजापुर में पोस्टिंग मिली। नौकरी मिलने के बाद जब शादी के लिए कहा, तो दिलीप ने हर बार टालते हुए कहा कि अभी हालात ठीक नहीं हैं। पहले वह पूरी तरह से सेटल हो जाए, फिर शादी की जाएगी।

इस दौरान वह 3 बार प्रेग्नेंट हुई, तीनों बार जबरन अबॉर्शन करवा दिया। युवती ने बताया कि डिप्टी कलेक्टर ने उसके नाम से कार खरीदी, 3 लाख रुपए अपने अकाउंट में ट्रांसफर करवाए। लेकिन शादी की बात करने पर टालमटोल करता रहा। बार-बार फोन करने के बावजूद डिप्टी कलेक्टर ने कोई जवाब नहीं दिया। जब विवाद बढ़ा तो 2 जून 2025 को दिलीप शादी के वादे से मुकर गया और बातचीत बंद कर दी। 

मिली जानकारी अनुसार 3 माह पहले बीजापुर कलेक्टर ने दिलीप उइके को भोपालपटनम जनपद के प्रभारी सीईओ पद से हटाया था। तकरीबन डेढ़ वर्ष से अधिक समय तक डिप्टी कलेक्टर दिलीप उइके भोपालपटनम जनपद सीईओ के पद पर बने हुए थे। इस बीच वे काफी विवादित भी रहे हैं। डेढ़ साल में कई ऐसे विवाद सामने आए जिस कारण से प्रशासन की फजीहत हुई। जिसके बाद कलेक्टर ने उन्हें पद से हटा दिया था।

महिला आरक्षक की शिकायत के बाद डेप्युटी कलेक्टर पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। माना जा रहा है कि मामले की जांच करने के बाद पुलिस कभी भी डेप्युटी कलेक्टर को गिरफ्तार कर सकती है।

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