छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल रायपुर ने 10वी 12वी मुख्य/अवसर परीक्षा मार्च–अप्रैल 2026 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू
सामान्य शुल्क के साथ आवेदन पत्र भरने की अंतिम तिथि 15 जनवरी 2026 निर्धारित
माशिमं ने 10वीं और 12वीं बोर्ड के प्रश्नपत्र पैटर्न में महत्वपूर्ण बदलाव का लिया फैसला
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल, रायपुर की ओर से हाई स्कूल 10वीं, हायर सेकेंडरी 12वीं की मुख्य परीक्षा वर्ष 2026 के लिए टाइम टेबल जारी कर दिया गया है। इस बीच छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल, रायपुर ने हाईस्कूल एवं हायर सेकंडरी मुख्य/अवसर परीक्षा मार्च–अप्रैल 2026 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। अगले वर्ष होने वाली बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने के इच्छुक छात्र-छात्राएं निर्धारित तिथियों के भीतर आवेदन कर सकते हैं।
सामान्य शुल्क के साथ आवेदन पत्र भरने की अंतिम तिथि 15 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है। जबकि सामान्य तिथि के बाद विद्यार्थी ₹500 विलंब शुल्क के साथ 18 जनवरी से 25 जनवरी 2026 तक आवेदन कर सकेंगे।
ऐसे डाउनलोड किए जा सकते हैं
छात्र-छात्राएं प्रवेश से संबंधित सभी जानकारी अपने निकटतम अध्ययन केंद्र से प्राप्त कर सकते हैं। आवेदन फॉर्म ओपन स्कूल की वेबसाइट (http://www.sos.cg.nic.in) से डाउनलोड किए जा सकते हैं और पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन भी उपलब्ध हैं। ओपन स्कूल प्रबंधन ने सभी पात्र विद्यार्थियों से निर्धारित तिथियों के भीतर आवेदन करने की अपील की है।
वहीं माशिमं ने 10वीं और 12वीं बोर्ड के प्रश्नपत्र पैटर्न में महत्वपूर्ण बदलाव का लिया फैसला
जैसे-जैसे बोर्ड परीक्षाएं नजदीक आ रही हैं, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने 10वीं और 12वीं बोर्ड के प्रश्नपत्र पैटर्न में महत्वपूर्ण बदलाव का फैसला लिया है। नई संरचना में वस्तुनिष्ठ प्रश्नों की संख्या बढ़ाई गई है और पूरी परीक्षा प्रणाली को कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तर्ज पर अधिक व्यावहारिक और विश्लेषणात्मक बनाया गया है। माशिमं की सचिव पुष्पा साहू ने नए पैटर्न और अंक वितरण की विस्तृत जानकारी साझा की है।
कॉम्पिटिटिव पैटर्न पर किए गए बदलाव
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की सचिव पुष्पा साहू ने बताया कि इस बार प्रश्नपत्र को प्रतियोगी परीक्षाओं के स्तर पर तैयार किया गया है, ताकि विद्यार्थियों को भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मजबूत आधार मिल सके। इसी उद्देश्य से बहुविकल्पीय (MCQ) प्रश्नों की संख्या बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। यह बदलाव छात्रों की तुरंत सोच, अवधारणा आधारित समझ और निर्णय क्षमता को बढ़ाने में मदद करेगा।
नए पैटर्न में प्रश्नपत्र को छह भागों में बांटा गया है, जिसमें ज्ञानात्मक प्रश्नों के लिए 20%, अवबोधात्मक के लिए 25%, अनुप्रयोगात्मक के लिए 25%, विश्लेषणात्मक के लिए 10%, मूल्यांकन संबंधी प्रश्नों के लिए 10% और रचनात्मक प्रश्नों के लिए 10% अंक तय किए गए हैं. इस पूरे पैटर्न का उद्देश्य छात्रों की व्यापक समझ, विश्लेषण क्षमता और लेखन कौशल को एक संतुलित तरीके से परखना है।
वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के बारे में जानिए
नई परीक्षा प्रणाली में वस्तुनिष्ठ प्रश्नों को विशेष महत्व दिया गया है। अब हर विषय के प्रश्नपत्र में 1-1 अंक के कुल 15 वस्तुनिष्ठ प्रश्न शामिल होंगे। इससे छात्रों को स्कोरिंग में मदद मिलेगी और उन्हें कॉम्पिटिटिव फॉर्मेट में अभ्यास करने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी परीक्षा रणनीति और मजबूत होगी।
लघु उत्तरीय प्रश्नों में नए प्रावधान
लघु उत्तरीय प्रश्नों के प्रारूप में भी बदलाव किए गए हैं। अब पहले सेक्शन में दो अंक के तीन प्रश्न रहेंगे, जो छात्रों की संक्षिप्त लेकिन सटीक अभिव्यक्ति क्षमता को परखेंगे। वहीं लघु उत्तरीय–2 सेक्शन में तीन प्रश्न कुल 18 अंकों के होंगे। इस हिस्से में छात्रों की विषयगत समझ और अवधारणाओं की गहराई से जांच की जाएगी।
20 अंकों का नया स्वरूप
दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों में इस बार चार सवाल शामिल होंगे और प्रत्येक सवाल पर पांच अंक निर्धारित किए गए हैं, यानी कुल 20 अंक का यह सेक्शन होगा। इन प्रश्नों के माध्यम से छात्रों की विस्तृत लेखन क्षमता, विश्लेषणात्मक सोच और विषय की गहरी समझ का मूल्यांकन किया जाएगा।
अति दीर्घ उत्तरीय प्रश्न में परिवर्तन
दीर्घ उत्तरीय–2 में दो प्रश्न शामिल रहेंगे, जिनमें प्रत्येक के 5-5 अंक होंगे, इस प्रकार कुल 10 अंकों का यह सेक्शन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. इसके अलावा, अति दीर्घ उत्तरीय प्रश्न में एक प्रश्न 6 अंकों का होगा, जिसमें विद्यार्थियों को विस्तृत, तर्कपूर्ण और सटीक उत्तर देना होगा. यह हिस्सा छात्रों की विश्लेषण क्षमता और सृजनात्मक लेखन कौशल को परखने के लिए सबसे अहम माना जा रहा है.

.jpg)

