छत्तीसगढ़ में अब कमर्शियल गैस सिलेंडर कोटा सिस्टम के तहत दिए जाएंगे
उपभोक्ताओं तक गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने बढ़ाई सख्ती
रायपुर। छत्तीसगढ़ में अब कमर्शियल गैस सिलेंडर कोटा सिस्टम के तहत दिए जाएंगे। घरेलू एलपीजी के दुरुपयोग को रोकने और आम उपभोक्ताओं तक गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है।
ऐसे में खाद्य विभाग और जिला प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रही है। अब तक 214 छापेमारी में 1013 घरेलू एलपीजी सिलेंडर जब्त किए जा चुके हैं, जिनमें रायपुर में सबसे ज्यादा 392 और बिलासपुर में 201 सिलेंडर शामिल हैं।
खाद्य सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले के दिशानिर्देश पर छत्तीसगढ़ में निर्बाध एलपीजी आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ कमर्शियल गैस कनेक्शन वाले संस्थानों एवं प्रतिष्ठानों के लिए संतुलित और प्राथमिकता आधारित वितरण व्यवस्था केंद्रीय पेट्रोलियम एवं नैसर्गिक गैस मंत्रालय के अधीन लागू करने का निर्णय लिया गया है।
खाद्य सचिव रीना कंगाले ने कहा कि प्रदेश में घरेलू एलपीजी की आपूर्ति सुचारु रूप से जारी रहे और आम उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार एवं ऑयल कंपनियों के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कमर्शियल उपभोक्ताओं को विगत माहों की खपत के आधार पर अधिकतम 20 प्रतिशत की सीमा के अंदर एलपीजी प्रदाय करने पर सहमति बनी है।
कमर्शियल एलपीजी की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत शैक्षणिक संस्थानों एवं चिकित्सालयों के साथ-साथ सैन्य एवं अर्द्धसैन्य कैंप, जेल, हॉस्टल, समाज कल्याण संस्थान, रेलवे एवं एयरपोर्ट कैंटीन को पूर्ण प्राथमिकता देते हुए 100 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। वहीं शासकीय कार्यालयों, सार्वजनिक उपक्रमों एवं उनके गेस्ट हाउस और कैंटीन के लिए 50 प्रतिशत, पशु आहार उत्पादक संयंत्र एवं बीज उत्पादक इकाई तथा रेस्टोरेंट एवं होटल के लिए 20 प्रतिशत आपूर्ति निर्धारित की गई है।
खाद्य सचिव ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार आम नागरिकों को बिना किसी बाधा के एलपीजी उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता मिले और सभी वर्गों तक गैस की उपलब्धता संतुलित रूप से बनी रहे।
रायपुर में 17 मार्च 2026 को हुई समीक्षा बैठक में खाद्य सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले ने एलपीजी बुकिंग व्यवस्था को और आसान बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने व्हॉट्सऐप, मोबाइल नंबर, आईवीआरएस और वेबसाइट के जरिए बुकिंग की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया।
साथ ही इंडियन ऑयल के नए बुकिंग नंबर (मोबाइल 8927225667 और आईवीआरएस 8391990070) का व्यापक प्रचार करने को कहा गया, ताकि उपभोक्ताओं को सुविधा मिल सके। सरकार ने लंबित गैस बुकिंग को जल्द पूरा करने के निर्देश भी दिए हैं। वहीं शिकायतों के समाधान के लिए खाद्य विभाग का कॉल सेंटर (1800-233-3663, 1967) भी सक्रिय रखा गया है।



