पत्थलगांव के समीप पहुंचा हाथियों का दल, सड़क पार करवाने में जुटा था वन आमला
आधा घण्टा आवाजाही रोकने के बाद हाथियों के सड़क पार नही करने पर चालू की गई आवाजाही
एक घर को भी किया तोड़फोड़, दहशत में दूसरे घर में शरण ले रहे लोग
पत्थलगांव से महज 2 किलोमीटर दूर टावर लाइन के पास रविवार रात करीब 8 से 9 बजे लगभग बारह जंगली हाथीयों के इलाके में घुस आने से हड़कंप मच गया। जंगल से भटक कर आये हाथीयों को देख कर लोग दहशत में आ गए। स्थानीय द्वारा मामले की जानकारी वन विभाग को दी गई। सड़क किनारे पहुँचे हाथियों के कारण वन आमला दोनों तरफ के सड़कों में आवाजाही रूकवा दी गई जिससे हाथियो को सड़क पार करने में कोई परेशानी न आये।
परन्तु लगभग आधे घण्टे रायगढ रोड पर आवाजाही रोकने के बाद भी हाथियों ने सड़क पार नही किया। सड़क की आवाजाही और पटाखों की आवाज सुनने के बाद जंगली हाथी वापस नंदनझरिया के जंगल की ओर वापस लौट गया। वहीं परसो रात को वहाँ स्थित जगर लकड़ा के घर को भी हाथियों ने काफी नुकसान पहुंचाया है। घर वाले इन हाथियों के डर से दूसरे घर मे जाकर शरण लेने मजबूर है। वहां के स्थानीय निवासियों का कहना है कि हमने नंदनझरिया के जंगलों में हाथियों के शोर मचाने की आवाजें सुनी है पर सड़क तक आते आज पहली बार देख रहे। वहीं सड़को पर आने की खबर लगते ही लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा, हाथियों के जंगल मे जाने के बाद भीड़ खत्म हुवा।
बता दें कि इन दिनों जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। लगभग 11 से 12 हाथियों का दल जिसमे उनके बच्चे भी शामिल है जो नंदनझरिया, सारसमार, बूढ़ाढांड एवम बाकरूमा के जंगली इलाकों में विचरण कर रहे। जिससे ग्रमीण दहशत में जीने को मजबूर है, वहीं वन आमला भी लगातार इनपर नजर बनाए हुवे है।






