बढ़ती महंगाई के बीच आम लोगों को लगा एक और झटका, घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 29 रुपए की हुई बढ़ोतरी
बढ़ती महंगाई के बीच आम लोगों को एक और झटका लगा है। तेल विपणन कंपनियों ने घरेलू एलपीजी (14.2 किलोग्राम) सिलेंडर की कीमत में 29 रुपए की बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं। इसके बाद छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 984 रुपए से बढ़कर 1013 रुपए हो गई है। कीमतों में इस इजाफे का सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा। खासकर मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए रसोई का मासिक बजट संभालना और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
तेल कंपनियों द्वारा जारी नई दरों के अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं को अब गैस सिलेंडर खरीदने के लिए पहले की तुलना में अधिक राशि चुकानी होगी। पिछले कुछ समय से एलपीजी की कीमतों में स्थिरता बनी हुई थी, लेकिन अब अचानक हुई बढ़ोतरी ने मध्यमवर्गीय और निम्न आय वर्ग के परिवारों की चिंता बढ़ा दी है।
परिवहन खर्च और स्थानीय करों के कारण राज्य के अलग-अलग शहरों में एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में थोड़ा अंतर देखने को मिलता है। नई दरों के अनुसार प्रमुख शहरों में घरेलू सिलेंडर की कीमतें इस प्रकार हैं
रायपुर: ₹1013 प्रति सिलेंडर
दुर्ग: लगभग ₹1013.50
बिलासपुर: ₹1013 से ₹1015 के बीच
जगदलपुर: ₹1030 से अधिक
रायगढ़: ₹1002 से ₹1018 के बीच
रसोई का बजट बिगड़ने की आशंका
LPG सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि का सीधा असर आम परिवारों के मासिक बजट पर पड़ेगा। पहले से ही खाद्य पदार्थों, सब्जियों और अन्य घरेलू जरूरतों की बढ़ती कीमतों से जूझ रहे लोगों को अब खाना बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाली गैस पर भी अधिक खर्च करना पड़ेगा। विशेष रूप से मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए यह बढ़ोतरी अतिरिक्त आर्थिक बोझ साबित हो सकती है।
उज्ज्वला योजना के हितग्राहियों को राहत
हालांकि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत लाभार्थियों को केंद्र सरकार द्वारा प्रति सिलेंडर 300 रुपए की सब्सिडी दी जा रही है। इससे योजना से जुड़े करोड़ों परिवारों को कुछ राहत मिलेगी। सब्सिडी के कारण पात्र हितग्राहियों पर कीमत बढ़ने का असर अपेक्षाकृत कम पड़ेगा।
कमर्शियल सिलेंडर भी महंगे स्तर पर
घरेलू गैस सिलेंडर के अलावा व्यावसायिक उपयोग में आने वाले 19 किलोग्राम के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत भी राज्य में ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। वर्तमान में इसकी कीमत लगभग 3300 से 3350 रुपए के बीच चल रही है। इसका असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर पड़ सकता है।
महंगाई के बीच बढ़ी चिंता
LPG सिलेंडर की कीमतों में यह नई बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब आम लोग पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे हैं। घरेलू गैस के बढ़े दामों ने एक बार फिर परिवारों की रसोई का गणित बिगाड़ दिया है। आने वाले दिनों में उपभोक्ताओं की नजर अब तेल कंपनियों और सरकार के अगले फैसलों पर रहेगी।
इस फैसले को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, जबकि सरकार ने इसे वैश्विक संकट और बढ़े हुए आयात खर्च का नतीजा बताया है।
सरकार ने रविवार को एक बयान जारी कर इस बढ़ोतरी को अपरिहार्य बताया। सरकार का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एलपीजी की कीमतों में भारी उछाल आया है। भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का 60 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है, जिसकी कीमत सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस (CP) से तय होती है। फरवरी के बाद से इस बेंचमार्क में करीब 46 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, जिसके कारण भारत में एक घरेलू सिलेंडर की आपूर्ति लागत बढ़कर 1,600 रुपये से अधिक हो गई है।
सरकार ने स्पष्ट किया कि इस मूल्य संशोधन से पहले भी सरकारी तेल कंपनियों को प्रति सिलेंडर लगभग 703 रुपये का नुकसान हो रहा था। हालांकि, सरकार ने यह भी दावा किया कि इस वैश्विक संकट के बावजूद भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल रहा, जिसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से बिना किसी रुकावट के ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित की।
सरकार के मुताबिक, इस बढ़ोतरी के बाद भी भारत में रसोई गैस की कीमतें पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों के साथ-साथ अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा जैसी विकसित अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में काफी कम हैं।



