योग --भारत के विश्व को अनमोल देन, सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर मध्यमिक विद्यालय पत्थलगांव के सभा कक्ष में मनाया गया योग दिवस
पत्थलगांव -- सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर मध्यमिक विद्यालय पत्थलगांव के सभा कक्ष में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस उत्साह पूर्वक मनाया गया, सर्वप्रथम विद्या की देवी मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रमका शुभारंभ किया गया, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस हर भारतीय के लिए गर्व का दिन है जिस दिन पूरी दुनिया एक साथ सूर्य को नमस्कार करती है प्राणायाम करती है औरॐ के नाद से एक हो जाती है, योग सिर्फ आसान नहीं योग है जोड़ना शरीर को मन से जोड़ना मन को आत्मा से जोड़ना और इंसान को प्रकृति से जोड़ना 5000 साल पहले महर्षि पतंजलि ने जो बीज बोया था आज वह बट वृक्ष बनाकर दुनिया को छाया दे रहा है, विश्व गुरु बना भारत 11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र में 177 देश में एक स्वर में 21 जून को योग दिवस घोषित किया किसी एक प्रस्ताव को इतना समर्थन कभी नहीं मिला यह भारत की जीत है, कोरोना कल में साबित हुआ जब दुनिया की बड़ी-बड़ी दवाएं फेल हो रही थी तब योग और प्राणायाम ने लाखों की सांस बचाई अनुलोम विलोम भस्त्रिका कपालभाति घर-घर की दवा बन गए गीता में भगवान श्री कृष्ण कहते हैं -योग: कर्मसु कौशलम, यानि काम को कुशलता से करना ही योग है, आज हम संकल्प ले की योग को सिर्फ 21 जून को इवेंट नहीं बनाएंगे, इसे जीवन का हिस्सा बनाएंगे, 10 मिनट ही सही पर रोज करेंगे,क्योंकि स्वस्थ भारत ही समर्थ भारत बनेगा,श्रीमती इंदिरा पटनायक के द्वारा विधिवत योग व्यायाम आसान कराई गई, डेमूधर बंजारा प्रधानाचार्य जी के द्वारा सूर्य नमस्कार कराया गया, विद्यालय के प्राचार्य संतोष कुमार पाढ़ी जी के द्वारा योग संबंधित विस्तृत जानकारी प्रदान किया गया, शांति मंत्र उपरांत कार्यक्रम समापन की घोषणा की गई।




