ब्रेकिंग पत्थलगांव--/ पोल शिफ्टिंग के दौरान करेंट के चपेट में आये 7 मजदूर, 2 की हुई मौत, 2 बूरी तरह घायल
पत्थलगांव पुलिस मर्ग कायम कर जांच में जुटी, ठेकेदार की लापरवाही आई सामने
पत्थलगांव। पत्थलगांव थानाक्षेत्र के ग्राम पाकरगांव में बिजली का पोल लगाने के दौरान 7 मजदूर करंट की चपेट में आ गये। जिससे मौके पर ही 2 मजदूर की मौत हो गई। 2 बुरी तरह से घायल हो गये जिनका पत्थलगांव सिविल अस्पताल में इलाज जारी है। 3 मजदूरों की हालत सामान्य बताई जा रही है। घटना के बाद पत्थलगांव पुलिस मर्ग कायम कर आगे की कार्रवाई एवम जांच में जुटी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पत्थलगांव क्षेत्र में ठेकेदार के द्वारा पोल सिफ्टिंग का काम करवाया जा रहा है। इसी दौरान आज मंगलवार की सुबह करीब 11 बजे ग्राम पाकरगांव के पास गुडलक पेट्रोल पंप के सामने पुराने पोल के स्थान पर ट्रैक्टर के जरिये नये पोल लगाने का काम करते समय लोहे का पोल ऊपर से गुजर रही 11 KV हाईटेंशन बिजली तार से टकरा गया, जिसमें 7 मजदूर झुलस गए। घायलों को पत्थलगांव के सिविल अस्पताल में इलाज हेतु भर्ती कराया गया है। इस हादसे के बाद ठेकेदार की लापरवाही सामने आई है। वह बिना सुरक्षा उपकरण के मजदूरों को काम करा रहा था।
बुरी तरह घायलों में त्रिभुवन ध्रुव पिता टहल राम निवासी बाम्हनडीह थाना फिंगेस्वर जिला गरियाबंद, लोचन मांझी पिता कमल मांझी निवासी कोकनाझर थाना भीमकोच जिला महासमुंद शामिल है। वहीं मृतकों में टीकू उर्फ टोमन ध्रुव पिता परमेश्वर निवासी बाम्हनडीह व अलेख भगत पिता रंजीत भगत निवासी भेड़िमुड़ा तेंदुपारा थाना लैलूंगा शामिल है। घायलों ने बताया कि ठेकेदार रामसिंग साहू थाना बागबहरा जिला महासमुंद व सौरभ अग्रवाल निवासी पत्थलगांव के द्वारा हमसे यह कार्य करवाया जा रहा था।
घायलों ने बताया कि हमारे द्वारा पोल सिफ्टिंग का कार्य किया जा रहा था। तभी वहां मौजूद एक लाइनमेन के द्वारा कहा गया कि परमिट ले लिया गया है लाइट बन्द है। हमने जैसे ही पोल सीधा किया उसी समय ऊपर से गुजर रही तार से टकरा गया और पूरे पोल में करंट फैल गया। जिससे पोल पकड़े मजदूर करंट की चपेट में आ गए। इस हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल डायल-112-108 और पुलिस को सूचना दी। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। वही मृतकों के परिजनो में थाने पहुंच ठेकेदार को बुलाने, उचित मुआवजा और कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
ठेकेदार की लापरवाही आई सामने
बिजली पोल का काम कर रहे मजदूरों के पास पर्याप्त सेफ्टी गियर और सुरक्षा उपकरण नहीं थे। वहीं, हाईटेंशन लाइन के नीचे कार्य के दौरान आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन भी नहीं किया गया। नियम के अनुसार हाईटेंशन लाइन पर बिजली सप्लाई बंद कर काम करना था। लेकिन, न तो ठेकेदार और न ही विभाग के जिम्मेदार लोगों ने इस पर ध्यान दिया।
ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम के काम कैसे कराया जा रहा था और इसकी जिम्मेदारी किसकी है। यह हादसा सरकारी कार्यों में सुरक्षा मानकों के पालन और विभागीय निगरानी की गंभीर खामियों को भी उजागर करता है।
यदि कार्य हाईटेंशन लाइन के नीचे होना था, तो बिजली विभाग से लाइन शटडाउन लेने, सुरक्षा बैरिकेडिंग कराने और प्रशिक्षित सुपरवाइजर की मौजूदगी सुनिश्चित करना विभागीय जिम्मेदारी का हिस्सा था। इन प्रक्रियाओं का पालन हुआ या नहीं, यह जांच का विषय है।





