पीएम सूर्यघर योजना से 300 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ उठाएं: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
375 कनिष्ठ यंत्रियों को नियुक्ति पत्र, आगे भी कर्मियों की कमी नहीं होने देंगे
बिजली कर्मियों का दीवाली पूर्व 12 हजार रुपए बोनस की घोषणा
केशलेस हेल्थ स्कीम के लिए 3 वर्षों का एम.ओ.यू.
रूफटॉप सोलर एक्सप्लोरर एप का विमोचन
रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चयनित कनिष्ठ यंत्रियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। उन्होंने विद्युत कर्मियों को 12 हजार रूपये तक बोनस/एक्सग्रेसिया दीपावली के पूर्व देने की घोषणा की। साथ ही ‘मेरा घर-पीएम सूर्यघर‘ जनजागरण अभियान की शुरूआत की । प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत प्रदेश में वर्ष 2027 तक 5 लाख घरों में रूफटाप सोलर प्लांट लगाने का लक्ष्य दिया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली का यह त्यौहार रोशनी का त्यौहार है, रोशनी बांटने का त्यौहार है, और विद्युत कर्मियों से बढ़कर भला ‘‘रोशनी बांटने वाला’’ कौन हो सकता है। उन्होंने कहा कि मैं जानता हूं कि दीपावली के समय आप लोगों का काम बहुत बढ़ जाता है, लेकिन आपने हर ऐसे अवसर पर बहुत सुंदर तरीके से अपने दायित्वों का निर्वहन किया है। इस बार भी मुझे आपसे यही आशा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के विकसित भारत के आव्हान के अनुरूप हमने भी विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प लिया है। हमें राज्य की अधोसंरचना को मजबूत करते हुए एक सुदृढ़ अर्थव्यवस्था का निर्माण करना है। आने वाले दिनों में राज्य के कृषि और उद्योग के क्षेत्रों में तेज प्रगति होगी। ऐसे में हमें और भी अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य की विद्युत कंपनियों पर आने वाले समय में दायित्वों का और अधिक भार होगा, इसे ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार सभी कंपनियों को सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। 375 कनिष्ठ अभियंताओं की नियुक्ति से जाहिर है कि आगे भी बिजली कंपनियों में अधिकारियों-कर्मचारियों की कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की जनजागरण सामग्रियों का विमोचन तथा लोकार्पण किया। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए रूफटॉप सोलर एक्प्लोरर एप का विमोचन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास का ऊर्जा के साथ बड़ा गहरा नाता है, विकास की गति बढ़ने के साथ ऊर्जा की खपत भी बढ़ जाती है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य निर्धारित किया है। ऐसे में बिजली कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों का दायित्व और भी अधिक बढ़ जाता है। अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रदेश के विकास के लिए पूरी क्षमता और उत्साह के साथ कार्य करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अभी प्रदेश के बिजली उत्पादन में ग्रीन एनर्जी का योगदान 15 प्रतिशत है, इसे बढ़ाकर 45 प्रतिशत तक ले जाना है। दूरस्थ अंचलों में विद्युतीकरण में सोलर एनर्जी का उपयोग किया जा रहा है। इसी तरह सिंचाई के लिए प्रदेश में डेढ़ लाख से अधिक सोलर सिंचाई पम्प स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत वर्ष 2027 तक प्रदेश में 5 लाख घरों में रूफ-टॉप बिजली प्लांट स्थापित करने का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से आप न केवल अपनी जरूरतों की बिजली पैदा करेंगे अपितु अतिरिक्त बिजली का विक्रय कर बिजली विक्रेता भी बनेंगे।
रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में तीन किलोवाट तक सोलर प्लांट लगाने पर 78 हजार रूपए तक का अनुदान दिया जाता है। साथ ही इसके लिए बैंक से डेढ़ लाख रूपए तक का बैंक लोन भी दिया जाता है। उन्होंने सभी से इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आग्रह किया। छत्तीसगढ़ राज्य पावर कंपनी के अध्यक्ष डॉ. रोहित यादव ने कहा कि देश के आर्थिक विकास में ऊर्जा संसाधनों का बड़ा योगदान होता है। पावर कंपनियों में नई नियुक्तियों से संस्था की कार्यप्रणाली और भी अधिक सुचारू होगी। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, रूफ टॉप सोलर एक्सप्लोरर ऐप और कैश लेस हेल्थ स्कीम के बारे में विस्तार से जानकरी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हितग्राहियों के घरों के आगे लगने वाली नाम-पट्टिकाओं का वितरण भी कर रहे हैं। यह केवल योजना का लाभ उठाने वालों की नाम-पट्टिका नहीं है। यह प्रदेश के बिजली उत्पादकों की नाम पट्टिका भी है। वे न केवल अपनी जरूरतों की बिजली पैदा करेंगे अपितु अतिरिक्त बिजली का विक्रय कर बिजली विक्रेता भी बनेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस योजना के अंतर्गत वर्ष 2027 तक पांच लाख घरों को रौशन करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही सोलर पैनल सप्लाई, इंस्टालेशन और मैन्यूफैक्चरिंग के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार का सृजन होगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सौर ऊर्जा के अधिकाधिक इस्तेमाल से परंपरागत तरीकों से हो रहे उत्पादन पर आने वाला दबाव भी घटेगा तथा हम ग्रीन एनर्जी को अपनाने की दिशा में सतत बढ़ते रहेंगे। उन्होंने कहा कि शासकीय भवनों में एवं सार्वजनिक स्थलों में हम अधिकाधिक रूप से सौर ऊर्जा को अपनाएंगे। प्रदेश में डेढ़ लाख से अधिक कृषि पंपों के माध्यम से सिंचाई सुविधा किसानों को उपलब्ध करा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल के लिए भी सौर ऊर्जा का इस्तेमाल किया है।
स्वागत भाषण पॉवर कंपनीज के अध्यक्ष डॉ. रोहित यादव ने दिया। उन्होंने कहा कि पॉवर कंपनी नई ऊर्जा के साथ काम कर रही है। ऐसे में नई नियुक्ति से उपभोक्ता सेवा के कार्य को और बेहतर किया जा सकेगा। कार्यक्रम अध्यक्ष सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि पॉवर कंपनी में कैशलेस स्वास्थ्य योजना लागू की गई, वह काफी सराहनीय है, श्री अग्रवाल ने इसके लिए अध्यक्ष डॉ. रोहित यादव को बधाई भी दी। विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायकगण सर्वश्री पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा, गुरु खुशवंत साहेब, रोहित साहू उपस्थित थे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष श्री हेमंत वर्मा, पॉवर कंपनियों के प्रबंध निदेशकगण श्री एसके कटियार, श्री राजेश कुमार शुक्ला तथा श्री भीमसिंह कंवर उपस्थित थे। आभार प्रदर्शन ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला ने किया। मंच संचालन अतिरिक्त महाप्रबंधक (जनसंपर्क) श्री उमेश कुमार मिश्र ने किया।