स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया के आदेश के बाद हजारों NHM संविदा कर्मचारियों की नौकरी पर अब लटकी तलवार

Breaking Posts

6/trending/recent
Type Here to Get Search Results !

स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया के आदेश के बाद हजारों NHM संविदा कर्मचारियों की नौकरी पर अब लटकी तलवार

स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया के आदेश के बाद हजारों NHM संविदा कर्मचारियों की नौकरी पर अब लटकी तलवार

काम पर नहीं लौटे कर्मचारी तो व्यक्तिगत कानूनी आदेश जारी कर किया जाय बर्खास्त, जिलों के CMHO को मिला सख्त निर्देश

सरकार के कड़े रुख का जवाब देने के लिए आज “जेल भरो आंदोलन” का ऐलान



प्रदेशभर में करीब 18 अगस्त से 16 हजार एनएचएम कर्मचारी हड़ताल पर हैं। स्वास्थ्य सचिव के आदेश के बाद हजारों संविदा कर्मचारियों की नौकरी पर अब तलवार लटक गई है। 10 सूत्री मांग को लेकर एनएचएम कर्मियों की हड़ताल 30 दिनों जारी है। शासन ने कर्मियों को बर्खास्त करने के लिए पत्र जारी किया तो इसके खिलाफ सैकड़ों कर्मियों ने हस्ताक्षर अभियान चलाया। हड़ताल के दौरान दिवंगत हुए तीन साथियों को गांधी चौक, दुर्ग में मोमबत्ती जलाकर श्रद्धांजलि भी दी गई।

छत्तीसगढ़ में एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) कर्मचारियों की हड़ताल अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। देर रात स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने सभी जिलों के सीएमएचओ (मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी) को सख्त निर्देश दिए हैं कि जो भी कर्मचारी हड़ताल खत्म कर काम पर नहीं लौटे हैं, उन्हें गुरुवार यानि आज ही व्यक्तिगत कानूनी आदेश जारी कर बर्खास्त कर दिया जाए। इसके साथ ही सभी जिलों को खाली हुए पदों की सूची तैयार करने और तत्काल भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य सचिव ने साफ कहा है कि भर्ती का कैलेंडर सख्ती से तय होगा और किसी भी हालत में सेवाएं प्रभावित नहीं होने दी जाएंगी।

सरकार के इस आदेश से हड़ताली कर्मचारियों में खलबली मच गई है। वहीं दूसरी ओर एनएचएम संविदा कर्मचारियों ने सरकार के कड़े रुख का जवाब देने के लिए आज “जेल भरो आंदोलन” का ऐलान किया है। कर्मचारी संगठन का कहना है कि जब तक उनकी नियमितीकरण, वेतनमान और सेवा सुरक्षा जैसी प्रमुख मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

हड़ताल का नेतृत्व करने वाले संगठन ने दावा किया कि स्वास्थ्य मंत्री से कई दौर की बैठक हो चुकी है। सरकार की ओर से आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन यह आंदोलन आदेश हाथ में आने पर ही खत्म करेंगे। 20 साल में कई बार आश्वासन मिल चुका है। 18 सितंबर को रायपुर में जेल भरो आंदोलन किया जाएगा।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मियों ने मंगलवार को रैली निकाल कर इच्छा मृत्यु के लिए राज्यपाल के नाम से कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। शासन ने अस्पतालों में काम प्रभावित होता देख, 33 जिलों के 33 अध्यक्ष की सेवा समाप्त कर दी। इस पर 16,000 एनएचएम कर्मियों ने सामूहिक इस्तीफा सौंप दिया। 

Top Post Ad


 

Below Post Ad

Ads Bottom