राज्य सरकार ने एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक निर्णय लेते हुए तीन आईएएस अधिकारियों को सौपी नई जिम्मेदारी
छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक स्तर पर लगातार फेरबदल जारी है। राज्य सरकार ने एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक निर्णय लेते हुए तीन आईएएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी कर दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश में शिक्षा, आवास, नगरीय प्रशासन और बस्तर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में बड़े बदलाव किए गए हैं। इस फैसले को सरकार की प्रशासनिक कसावट और परफॉर्मेंस आधारित गवर्नेंस से जोड़कर देखा जा रहा है।
राज्य शासन ने 2009 बैच की आईएएस अधिकारी किरण कौशल को आयुक्त, समग्र शिक्षा के पद पर पदस्थ किया। वे इस पद का कार्यभार आगामी आदेश तक संभालेंगी। इसके साथ ही उन्हें छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के प्रबंध संचालक का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। सरकार के इस फैसले को शिक्षा व्यवस्था में सुधार और किताबों की सप्लाई सिस्टम को दुरुस्त करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
2009 बैच के आईएएस अधिकारी अवनीश कुमार शरण, जो वर्तमान में आयुक्त, नगर और ग्राम निवेश और अतिरिक्त प्रभार आयुक्त, गृह निर्माण मंडल हैं, उन्हें अब रायपुर विकास प्राधिकरण का मुख्य कार्यपालन अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया है।राजधानी रायपुर के इंफ्रास्ट्रक्चर और शहरी विकास को गति देने के लिहाज से इस नियुक्ति को बेहद अहम माना जा रहा है।
2017 बैच के आईएएस अधिकारी आकाश छिकारा को एक और बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। आकाश छिकारा अब जिला बस्तर के कलेक्टर का कार्यभार संभालेंगे। वर्तमान में आकाश छिकारा रायपुर विकास प्राधिकरण और नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में अहम पदों पर पदस्थ हैं। बस्तर जैसे संवेदनशील और रणनीतिक जिले में उनकी नियुक्ति को सरकार का फोकस्ड एडमिनिस्ट्रेशन मूव माना जा रहा है। नक्सलवाद के खात्मे के साथ बस्तर में तेजी से विकास करना, रोजगार के मौके पैदा करना सरकार की प्राथमिकता में शामिल है।
सरकार का संदेश, अब परफॉर्मेंस पर फोकस
इन तबादलों और पदस्थापनाओं के जरिए साफ है कि विष्णुदेव साय सरकार अब डिलीवरी बेस्ड एडमिनिस्ट्रेशन मॉडल पर काम कर रही है। जिन विभागों में सीधे जनता जुड़ी है, शिक्षा, शहरी विकास और बस्तर जैसे इलाके, वहां मजबूत और एक्टिव अफसरों को तैनात किया गया है।
राजनीतिक गलियारों में इस फेरबदल को सिर्फ प्रशासनिक नहीं बल्कि सरकार की 2026 की रणनीति से जोड़कर भी देखा जा रहा। माना जा रहा कि सरकार अब ग्राउंड लेवल पर रिजल्ट दिखाने के मूड में है, ताकि विपक्ष के हमलों को कमजोर किया जा सके। कुल मिलाकर, नए साल की शुरुआत में विष्णुदेव सरकार का यह फैसला साफ संकेत देता है कि अब छत्तीसगढ़ में काम, कसावट और कंट्रोल तीनों पर फोकस रहने वाला है।




