गंभीर कुपोषित बच्चों को एनआरसी लाने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मिलेगा 100 रुपये प्रोत्साहन राशि - कलेक्टर व्यास

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गंभीर कुपोषित बच्चों को एनआरसी लाने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मिलेगा 100 रुपये प्रोत्साहन राशि - कलेक्टर व्यास

गंभीर कुपोषित बच्चों को एनआरसी लाने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मिलेगा 100 रुपये प्रोत्साहन राशि - कलेक्टर व्यास

मातृ शिशु मृत्यु दर रोकने संस्थागत प्रसव को दे बढ़ावा, अस्पताल में हो शत प्रतिशत प्रसव

कलेक्टर रोहित व्यास ने जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश



जशपुरनगर। कलेक्टर रोहित व्यास की अध्यक्षता में आज जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, कुपोषण मुक्ति, संस्थागत प्रसव, आयुष्मान कार्ड सैचुरेशन, जिले के विशेष प्रोजेक्ट स्वास्थ्य मितान, पीवीटीजी हेल्प डेस्क, रिचिंग एवरी डिलीवरी, आईआईटी बॉम्बे पोषण मिशन तथा मानव संसाधन की उपलब्धता सहित विभिन्न बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी लक्षित योजनाओं एवं सेवाओं का पूरी तत्परता से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर श्री व्यास ने कुपोषण को दूर करने बड़ी पहल की। उन्होंने कहा कि गंभीर कुपोषित बच्चों के कुपोषण मुक्ति के लिए उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र लाने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रति बच्चे 100 रुपये प्रोत्साहन राशि प्रदान किया जाएगा। यह प्रोत्साहन राशि जीवन दीप समिति की ओर से वहन किया जाएगा। उन्होंने बच्चों को कुपोषण से मुक्ति दिलाने एनआरसी में बेड ऑक्यूपेंसी दर बढ़ाने के निर्देश दिए। जिससे एनआरसी में अधिक से अधिक गंभीर कुपोषित बच्चों का समुचित इलाज जा सके एवं पूरक पोषण आहार भी प्रदान किया जा सके। कलेक्टर ने कहा कि जिले में कुपोषण मुक्ति के लिए सघन अभियान चलाया जाए। सभी आंगनबाड़ी केंद्र समय पर खुले यह सुनिश्चित करें तथा सीडीपीओ समय-समय पर इनका निरीक्षण अवश्य करें। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बच्चों की बेहतर देखभाल एवं सभी एक्टिविटी सुचारू रूप से संचालित करने हेतु प्रोत्साहित करें। पूरक पोषण आहार नियमित रूप से बच्चों और माताओं को उपलब्ध कराएं। इस दौरान बैठक में डिप्टी कलेक्टर श्री हरिओम द्विवेदी, सीएमएचओ डॉ जी एस जात्रा, सिविल सर्जन, सभी ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर, कॉर्डिनेटर एवं पीएचसी- सीएचसी के चिकित्साधिकारीगण सहित महिला एवं बाल विकास विभाग के सीडीपीओ मौजूद रहे।


शिशु मातृत्व मृत्यु दर रोकने कराएं शत प्रतिशत संस्थागत प्रसव - 

कलेक्टर व्यास ने कहा कि गर्भवती महिलाओं का प्रथम तिमाही में शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित किया जाए। शिशु मातृत्व मृत्यु दर रोकने एवं बेहतर देखभाल के लिए स्वास्थ्य अमला सतर्क रहे। प्रसव की निर्धारित तिथि नजदीक आने पर मितानिन रोजाना घर जाकर गर्भवती महिला का स्वास्थ्य परीक्षण एवं स्थिति की जानकारी लें। हाई रिस्क प्रेगनेंसी की पहचान कर विशेष स्वास्थ्य परीक्षण, समुचित देखभाल एवं उचित समय पर अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए लोगों को अस्पताल में ही सुरक्षित प्रसव कराने के लिए प्रेरित करने हेतु प्रचार-प्रसार को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। जिला अस्पताल में स्वास्थ्य एवं मानव संसाधनों को दुरुस्त करने, दवाइयों की उपलब्धता, आवश्यक टेस्ट एवं सी सेक्शन की सुविधा को सुचारू रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि माह में ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर एवं सीडीपीओ संयुक्त बैठक में शामिल होकर मातृ शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, ओपीडी-आईपीडी तथा जन्म-मृत्यु दर की समीक्षा करें। 


अपेक्षा अनुरूप कम परफार्मेंस पर जताई नाराजगी -

बैठक के दौरान कलेक्टर ने जिले में उपलब्ध स्वास्थ्य मानव संसाधन की स्थिति की जानकारी ली। साथ ही आरोग्य मेला, टेली मेडिसिन, टीकाकरण, फैमिली प्लानिंग, आउटरीच गतिविधि, एनसीडी जांच, आयुष्मान भारत, राष्ट्रीय टीबी एवं कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम, आरबीएसके, मलेरिया नियंत्रण, सिकल सेल, पीसीपीएनडीटी एक्ट के क्रियान्वयन आदि की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने योजनाओं के गंभीरता पूर्वक संचालन करते हुए प्रगति लाने के निर्देश दिए। कई स्थानों पर आवश्यकता से अधिक चिकित्सा स्टाफ मौजूद होने एवं उसके अनुरूप डिलीवरी, ओपीडी और स्वास्थ्य सेवाएं कम मिलने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई तथा कम स्टाफ वाले स्थानों पर मानव संसाधन को आवश्यकतानुसार शिफ्ट करने के निर्देश दिए।


सभी अस्पतालों में सक्रिय रहे एंबुलेंस - 

कलेक्टर ने बैठक के दौरान जिला के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में 108, 102 एंबुलेंस तथा मुक्तांजलि वाहनों की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सभी जगह एंबुलेंस का सक्रिय संचालन सुनिश्चित किया जाए, जिससे आपातकाल में किसी भी मरीज को असुविधा का सामना न करना पड़े। साथ ही जिले में पीएम जनमन योजना अंतर्गत प्राप्त 6 मोबाइल मेडिकल यूनिट को सक्रिय रखते हुए रूट चार्ट बनाकर पीवीटीजी क्षेत्रों में नियमित रूप से संचालन करते हुए लोगों का स्वास्थ्य जांच एवं इलाज करने के निर्देश दिए।

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