बेतरतीब खड़े वाहन व सड़को पर लोडिंग अनलोडिंग बिगाड़ रहे शहर की यातायात व्यवस्था, पुलिस को नहीं परवाह
शहर में रेंगता ट्रैफिक और विभाग की निष्क्रियता के कारण जाम बनी एक गंभीर समस्या
शहर में ट्रैफिक की धीमी गति-रेंगता ट्रैफिक और विभाग की निष्क्रियता के कारण जाम एक गंभीर समस्या बन गई है। गलत साइड पार्किंग, अतिक्रमण और प्रशासनिक उदासीनता के कारण आवागमन बेहद धीमा हो गया है, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और यातयात व्यवस्था चरमरा गई है। वहीं नगर के कुछ व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में पार्किंग न होने की वजह से सड़कों पर ही लोडिंग अनलोडिंग करवाया जाता है। साथ ही इन वाहनों के कारण जाम भी लगता है। जाम की समस्या इतनी गम्भीर है कि शहर से निकलने में कई बार घन्टों का समय लग जाता है। यह समस्या नगर के तीनों मुख्य मार्गों में पसरी हुई है।
ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन और गलत साइड से वाहन चलाना जाम का मुख्य कारण है, जिस पर पुलिस कार्यवाही धीमी है। बढ़ते ट्रैफिक और हादसों के बावजूद, ट्रैफिक विभाग की ओर से ठोस कार्रवाई या स्थायी समाधान की कमी महसूस की जा रही है। शहर के बाहर बाईपास न होने के कारण सक्रिय सड़कों पर बड़े वाहनों का प्रवेश भी यातायात को बाधित कर रहा है।
वहीं देखा जाये तो शहर के ट्रैफिक को सुव्यवस्थित करने के लिए जिला प्रशासन, परिवहन विभाग, ट्रैफिक पुलिस व नगरीय प्रशासन बिल्कुल गंभीर नहीं हैं। लगता है मानो विभागीय अधिकारियों के बीच तालमेल न होने की वजह से लोग ट्रैफिक जाम से जूझ रहे हैं।
वहीं सड़कों पर बेतरतीब खड़े वाहन यातायात व्यवस्था को बिगाड़ रहे हैं। वाहन चालकों को न यातायात के नियमों की परवाह और न ही कार्रवाई का डर है। मनमानी और पुलिस विभाग की अनदेखी का खामियाजा आमजन भुगत रहे हैं। यहां तक कि कई तो अपने पावर ओर रईसी दिखाने सड़क में धड़ल्ले से वाहन खड़े कर देते हैं।
कई तो सड़क पर वाहन खड़ा करके मालिक शॉपिंग के लिए निकल जाते हैं और कई-कई घंटे मुड़कर नहीं देखते। ऐसे में सड़कों पर हर दिन जाम लगना आम बात हो चुकी है। शहर के ऐसी कोई भी मुख्य सड़क नहीं होगी जिस पर जाम या वाहन रेंगते न हो। सुबह शाम सड़कों पर वाहनों की कतारें लगी रहती हैं।
हालांकि यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए चौक पर पुलिस कर्मचारी तैनात हैं। दुपहिया वाहन चालकों के चालान भी हो रहे हैं, लेकिन सड़कों पर मनमर्जी से खड़ा करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई नही किया जाना मुख्य कारण माना जा रहा है।






