माशिम जल्द ही 10वीं और 12वीं का परीक्षा परिणाम कर सकता है जारी, तैयारियां अंतिम चरण में
परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम विधेयक 2026 को राज्यपाल से मिली मंजूरी, राजपत्र प्रकाशित
नकल कराने वालों की संपत्ति कुर्क करने सहित 1 करोड़ रुपए तक के जुर्माना का प्रावधान
रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं और 12वीं के लाखों छात्रों का इंतजार अब जल्द खत्म होने वाला है। परीक्षा परिणाम जारी करने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और बोर्ड किसी भी समय नतीजों की घोषणा कर सकता है। रिजल्ट को लेकर छात्र-छात्राओं में उत्साह के साथ-साथ हल्की चिंता भी देखी जा रही है। माशिम जल्द ही 10वीं और 12वीं का परीक्षा परिणाम जारी कर सकता है।
बताया जा रहा है कि उत्तर पुस्तकिताओं के मूल्यांकन की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। जिसके बाद अब रिजल्ट बनाने का काम तेज से हो रहा है। जिसके बाद इसके नतीजे अब इसी महीने के आखिरी तारीख को परिणाम जारी हो सकता है फिर एक मई को परिणाम आ सकता है। हालांकि अभी तक एक तारीख तय नहीं हुई है। लेकिन बताया जा रहा है कि इसी महीने के अंतिम दिन या फिर एक मई को परिणाम आ सकता है।
शिक्षा मंडल ने कहा कि 30 अप्रैल तक परिणाम जारी करने का प्रयास जारी है। हालांकि, यदि परिणाम में देरी होती है तो इसका सीधा असर प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे NEET और JEE की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों पर पड़ सकता है। समय पर रिजल्ट न आने से छात्र अपने करियर से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लेने में भी असमंजस की स्थिति में आ सकते हैं।
12वीं का हिंदी पेपर लिक
10वीं और 12वीं की जो परिक्षाएं हैं वो 20 फरवरी को शुरू हुई थी। लेकिन 12वीं के हिंदी का पेपर था वो लिक हो गया था, जिसके चलते दूसरी बार हिंदी की परीक्षा करानी पड़ी। लेकिन अब बताया जा रहा है कि सभी उत्तर पुस्तकिताओं के मूल्यांकन की जांच कर ली गई है, अब जल्द ही परीक्षा परिणाम जारी किए जा सकते हैं।
दरअसल, प्रदेश में पिछले शैक्षणिक सत्र से बोर्ड परीक्षाएं वर्ष में दो बार आयोजित किए जाने के निर्णय के बाद इस बार शिक्षा मंडल पर परिणाम जल्द जारी करने का दबाव साफ दिखाई दे रहा है। दूसरी बोर्ड परीक्षा जून में प्रस्तावित है, ऐसे में पहले चरण के नतीजे समय पर घोषित करना बेहद जरूरी हो गया है, ताकि विद्यार्थियों को अगली परीक्षा और आगे की पढ़ाई की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम विधेयक 2026 को राज्यपाल से मिली मंजूरी, राजपत्र प्रकाशित
विधानसभा से पारित लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम विधेयक 2026 को राज्यपाल से मंजूरी मिलने के बाद राजपत्र में प्रकाशन हो गया है। यानी अब छत्तीसगढ़ में नकल रोकने के लिए सख्त प्रावधान लागू हो जाएंगे। यह कानून सीजीपीएससी और छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं के साथ-साथ विभिन्न निगमों और मंडलों की भर्ती परीक्षाओं पर भी लागू होगा।
इसमें नकल कराने वालों की संपत्ति कुर्क करने सहित 1 करोड़ रुपए तक के जुर्माना का प्रावधान किया गया है। नए कानून में कंप्यूटर सिस्टम में छेड़छाड़ कर नंबर बढ़ाना और पेपर लीक कराने को भी अपराध माना गया है। इसके अलावा कोई भी व्यक्ति परीक्षा केंद्र में उत्तर बताने का प्रयास करता है, तो भी सजा का प्रावधान रखा गया है।
इस कानून में हाईटेक तकनीकों के उपयोग को भी नकल की श्रेणी में रखा गया है। यदि कोई अभ्यथीZ इसका उपयोग करता हैं, तो वो सीधे सजा का हकदार होगा। नए कानून में जांच व्यवस्था को मजबूत किया गया। संगठित नकल के मामलों की जांच उप निरीक्षक से नीचे के अधिकारी द्वारा नहीं की जाएगी और आवश्यक होने पर राज्य सरकार विशेष जांच एजेंसी को भी जांच सौंप सकेगी।
अपराध-सजा- जुर्माना
अभ्यथी द्वारा नकल- 1 से 3 साल डिबारमेंट-कोई नहीं
सहायता या सेवा देने- 3 से 10 साल- 1 करोड़ रुपए
पेपर लीक या सहायता- 3 से 10 साल की सजा- 10 लाख रुपए
संगठित अपराध- 3 से 5 साल की जेल, 1 करोड़ व संपत्ति जब्त
यह है अपराध की श्रेणी
प्रश्नपत्र लीक करना या लीक कराने का प्रयास करना।
फर्जी अभ्यर्थी बैठाना।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से नकल करना।
ओएमआर शीट और उत्तर पुस्तिकाओं में हेरफेर।
कंप्यूटर सिस्टम में छेड़छाड़ कर नंबर बढ़ाना।
परीक्षा हॉल में हाथ से लिखी सामग्री या कुंजी गाइड के कागज का उपयोग करना।
परीक्षा कक्ष में शरीर, वस्त्र या फर्नीचर में संकेत बनाना या फिर लिखना।
मेरिट अथवा रैंक तय करने में दस्तावेज के साथ छेड़छाड़ करना।

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