खुशियां बदली मातम में, 13 से 15 अप्रैल तक चलने वाली थी शादी का कार्यक्रम, प्रेमी दुल्हन ने फांसी लगाकर किया आत्महत्या
दुल्हन के घरवालों के शादी में शामिल नहीं होने की बात से युवती थी काफी आहत, चुना मौत का राह
पत्थलगांव। थाना क्षेत्र के ग्राम सुखरापारा (कठरापारा) में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां शादी की तैयारियों के बीच एक युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। परिजनों की सूचना पर पत्थलगांव पुलिस मर्ग कायम कर जांच में जुट गई है।
थाने में दी सूचना के अनुसार ग्राम सुखरापारा निवासी पंकज सिदार पिता धनीराम सिदार उम्र 25 व ग्राम पोरता थाना लैलूंगा निवासी मोनिका सिदार पिता पृथ्वी प्रसाद उम्र 22 का पिछले 02 वर्ष पूर्व से प्रेम संबंध था। दिसंबर माह में मोनिका के दादा का मृत्यु होने से दशकर्म कार्यक्रम में पोतरा गया था। दशकर्म कार्यक्रम के बाद मोनिका मुझे बोली कि हमारे घर वाले अभी शादी के लिए राजी नहीं है लेकिन मैं तुम्हारे साथ ही शादी करूगी अभी तुम्हारे साथ चलती हूँ। फिर हम दोनों हमारे घर आ गये। उसके करीब 15-20 दिन बाद मोनिका के पिता व गाँव वाले 12-15 लोग हमारे घर आये तथा मोनिका से पूछे तो मोनिका बोली कि अब मै घर नहीं जाउंगी यहीं पर पंकज सिदार के साथ रहूंगी। आज से करीब 01 सप्ताह पूर्व मेरे घर वाले मुझे बोले कि कितना दिन ऐसे ही रहोगे तुम दोनों का शादी करा देते है फिर हम लोग शादी करने का तैयारी करने लगे, दिनांक 06.04.2026 को मेरे बड़े पिता जी जगदीश हमारे रिश्तेदारों के साथ मोनिका के घर न्यौता देने गये थे तो वे लोग बोले कि लड़की आपके घर है आप लोग जैसे करना है कर लिजिए हम लोग वहाँ नहीं आएंगे। दिनांक 13 अप्रैल से 15 अप्रैल तक शादी का तिथि तय किये थे।
दिनांक 09.04.2026 को मड़वा खुंटा गाड़ने का तैयारी कर रहे थे। रात्रि करीब 10 बजे हम लोग खाना खाये, मोनिका बोली आज खाना नहीं खाउंगी भुख नहीं है, मुझे अपना मोबाईल दो मै कमरा अंदर जा रहीं हूँ मोबाईल में वीडियो देखूंगी बोल कर अंदर से दरवाजा बंद कर सो गई। मै बाहर परछी में सो गया था, सुबह मोनिका सो कर नहीं उठी तो सुबह मैं कमरा के बगल कमरा के उपर से देखा तो कंडी में दुपट्टा से फांसी लगाकर लटकी है।
घटना की सूचना मिलते ही पत्थलगांव पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई करते हुए मर्ग कायम कर लिया है। बताया जा रहा है कि दुल्हन के घरवालों के शादी में शामिल नहीं होने की बात से युवती काफी तनाव में व आहत थी। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि सामाजिक दबाव और पारिवारिक असहमति किस तरह युवाओं की जिंदगी पर भारी पड़ रही है।




