शासकीय सेवक अपने वेतन के आधार पर ले सकेंगे अल्पावधि ऋण, अचानक आने वाली जरूरतों को कर सकेंगे आसानी से पूरा

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शासकीय सेवक अपने वेतन के आधार पर ले सकेंगे अल्पावधि ऋण, अचानक आने वाली जरूरतों को कर सकेंगे आसानी से पूरा

शासकीय सेवक अपने वेतन के आधार पर ले सकेंगे अल्पावधि ऋण, अचानक आने वाली जरूरतों को कर सकेंगे आसानी से पूरा

वहीं लोकतंत्र सेनानी को अब हर माह आठ हजार से लेकर 25 हजार रुपये तक की दी जाएगी सम्मान निधि



रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने कर्मचारियों को आर्थिक रूप से राहत देने के उद्देश्य से एक नई सुविधा शुरू की है। अब शासकीय सेवक अपने वेतन के आधार पर अल्पावधि ऋण ले सकेंगे, जिससे अचानक आने वाली जरूरतों को आसानी से पूरा किया जा सकेगा।

वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक यह व्यवस्था राज्यभर में 16 मार्च 2026 से लागू कर दी गई है। इस योजना के तहत कर्मचारी अपने सैलरी स्ट्रक्चर के अनुसार किसी भी समय अग्रिम राशि प्राप्त कर सकेंगे, जिससे उन्हें पारंपरिक लोन प्रक्रिया की जटिलताओं से राहत मिलेगी।

इस पूरी प्रणाली को डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित किया जाएगा, ताकि प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनी रहे। साथ ही इसे भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार किया गया है, जिससे लेन-देन सुरक्षित तरीके से हो सके।

इसके अलावा, कर्मचारी अपने वेतन के आधार पर पांच वर्ष तक की अवधि के लिए कम ब्याज दर पर ऋण भी ले सकेंगे। छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने बताया कि यह योजना लंबे समय से लंबित मांग थी, जिसे अब लागू किया गया है।

भविष्य में बढ़ेंगी सुविधाएं

कार्यक्रम में ऋषभ पाराशर ने जानकारी दी कि भविष्य में इस योजना के अंतर्गत होम लोन और शिक्षा ऋण जैसी सुविधाएं भी जोड़ी जाएंगी, जिससे कर्मचारियों को और अधिक लाभ मिलेगा।

संचालक कोष व लेखा पद्मिनी भोई साहू ने बताया कि कर्मचारी रिफाइन एप के माध्यम से इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। कार्मिक संपदा और रिफाइन एप के बीच एकीकृत व्यवस्था की गई है, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और विश्वसनीय होगी।


वहीं लोकतंत्र सेनानी को अब हर माह आठ हजार से लेकर 25 हजार रुपये तक की दी जाएगी सम्मान निधि

राज्य सरकार ने आपातकाल के दौरान संघर्ष करने वाले लोकतंत्र सेनानी सम्मान नियम, 2026 का प्रारूप तैयार कर लिया है, जिसके तहत लोकतंत्र सेनानियों को अब हर माह आठ हजार से लेकर 25 हजार रुपये तक की सम्मान निधि दी जाएगी।

प्रस्तावित नियमों के अनुसार, सम्मान राशि को कारावास की अवधि के आधार पर तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है। इसके अनुसार, एक माह से कम अवधि पर आठ हजार रुपये प्रति माह, एक माह से पांच माह तक 15 हजार रुपये और पांच माह या उससे अधिक समय जेल में बिताने पर 25 हजार रुपये प्रति माह की राशि निर्धारित की गई है।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि लोकतंत्र सेनानी की मृत्यु के उपरांत उनके पति या पत्नी को इस निर्धारित सम्मान राशि की आधी रकम आजीवन प्राप्त होगी।

राज्य सरकार ने लोकतंत्र सेनानियों को स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के समान ही विशेष दर्जा देने का निर्णय लिया है। उन्हें निश्शुल्क चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही, दुखद स्थिति में किसी सेनानी की मृत्यु होने पर उनकी अंत्येष्टि राजकीय सम्मान के साथ की जाएगी, जिसमें जिला मजिस्ट्रेट द्वारा मनोनीत द्वितीय श्रेणी का अधिकारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेगा। इसके अतिरिक्त, परिवार को अंत्येष्टि के लिए 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जाएगी।

यह सम्मान निधि केवल उन व्यक्तियों के लिए है, जो मीसा या डीआइआर कानून के तहत राजनीतिक या सामाजिक कारणों से जेल में निरुद्ध रहे थे। आपराधिक या असामाजिक रिकार्ड वाले व्यक्ति इस लाभ के पात्र नहीं होंगे। पात्र व्यक्तियों को अधिसूचना जारी होने के 90 दिनों के भीतर जिला मजिस्ट्रेट को आवेदन करना होगा।

आवेदन के साथ जेल अधीक्षक या पुलिस अधीक्षक का प्रमाण पत्र लगाना अनिवार्य है। चयन की प्रक्रिया जिला स्तरीय समिति द्वारा की जाएगी, जिसके अध्यक्ष जिले के प्रभारी मंत्री होंगे।

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