जशपुर जिले में महतारी वंदन योजना के अंतर्गत ई केवाईसी के एवज में मोटी रकम वसूलने की आई शिकायत

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जशपुर जिले में महतारी वंदन योजना के अंतर्गत ई केवाईसी के एवज में मोटी रकम वसूलने की आई शिकायत

जशपुर जिले में महतारी वंदन योजना के अंतर्गत ई केवाईसी के एवज में मोटी रकम वसूलने की आई शिकायत

दोषी ऑपरेटर्स के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश, 9 सीएससी ऑपरेटर्स के विरुद्ध राज्य प्रमुख से कार्रवाई की अनुशंसा 



जशपुर। जशपुर जिले में महतारी वंदन योजना के अंतर्गत ई केवाईसी प्रक्रिया में कुछ स्थानी से सीएससी ऑपरेटरों के द्वारा हितग्राहियों से मोटी रकम वसूली करने की लगाताार शिकायतें आ रही थी, इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर रोहित व्यास ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने सीएससी ई गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के राज्य प्रमुख सहित जिले के सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए, दोषी ऑपरेटर्स के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

इनमें विनोद राम ग्राम पंचायत बघिमा, श्यामल कुमार विश्वकर्मा ग्राम पंचायत लोदाम, पंचराम गुप्ता ग्राम पंचायत काडरो, कामेश्वर प्रसाद ग्राम पंचायत पंडरीपानी, अजर कुमार गुप्ता ग्राम पंचायत कुडकेलखजरी, रमेश्वर नायक ग्राम पंचायत कोहपानी्र, शिवनारायण यादव ग्राम पंचायत लरंगा, कुसुम प्रभा सिंह ग्राम पंचायत सेमरकछार एवं अरमान खान ग्राम पंचायत गोरिया शामिल है। इन सभी के विरुद्ध यूजर आईडी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने तथा पंजीयन निरस्त करने की अनुशंसा की गई है।

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शासन के निर्देशानुसार ई केवाईसी प्रक्रिया पूर्णत: नि:शुल्क है, लेकिन जिले में प्राप्त शिकायतों और साक्ष्यों से यह सामने आया है कि कुछ सीएससी ऑपरेटर्स हितग्राहियों से अवैध रूप से राशि वसूल रहे हैं। यह न केवल शासन के निर्देशों का उल्लंघन है, बल्कि जनकल्याणकारी योजना के प्रति आमजन में भ्रम उत्पन्न करने वाला गंभीर कृत्य है। कलेक्टर ने इस कृत्य में लिप्त पाए जाने वाले 9 सीएससी ऑपरेटर्स के विरुद्ध राज्य प्रमुख से कार्रवाई की अनुशंसा की है।

कलेक्टर ने जिले के सभी सीएससी ऑपरेटर्स को स्पष्ट चेतावनी दी है कि ई केवाईसी के नाम पर किसी भी प्रकार की राशि वसूली पूरी तरह प्रतिबंधित है। यदि कोई ऑपरेटर इस प्रकार की गतिविधि में लिप्त पाया जाता है, तो उसका केंद्र तत्काल बंद कर दिया जाएगा, यूजर आईडी स्थायी रूप से निलंबित की जाएगी तथा भविष्य में किसी भी डिजिटल सेवा संचालन के लिए अयोग्य घोषित किया जाएगा।

कलेक्टर ने सभी अनुविभागीय अधिकारियों, एसडीएम को निर्देशित किया है कि वे संबंधित सीएससी केंद्रों की तत्काल जांच करें। ई केवाईसी शिविरों का औचक निरीक्षण करें तथा हितग्राहियों के लिखित बयान लें। दोषी पाए जाने पर संबंधित केंद्र को सील कर उपकरण जब्त करने की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।


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