सरगुजा के राजस्व कर्मचारी-अधिकारी संघ सीतापुर विधायक टोप्पो के खिलाफ खोला मोर्चा, 24 घण्टे में गिरफ्तारी की मांग

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सरगुजा के राजस्व कर्मचारी-अधिकारी संघ सीतापुर विधायक टोप्पो के खिलाफ खोला मोर्चा, 24 घण्टे में गिरफ्तारी की मांग

सरगुजा के राजस्व कर्मचारी-अधिकारी संघ ने सीतापुर विधायक टोप्पो के खिलाफ खोला मोर्चा, 24 घण्टे में गिरफ्तारी की मांग

राज्य में 500 से ज्यादा तहसीलदार अपना काम बंद कर गये हड़ताल पर, हड़ताल से राजस्व कामकाज हुवा प्रभावित




सरगुजा। सीतापुर विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक रामकुमार टोप्पो की गिरफ्तारी की मांग राजस्व कर्मचारी-अधिकारी संघ ने की है। बीजेपी विधायक पर नायब तहसीलदार से मारपीट करने का आरोप लगा है। नायब तहसीलदार ने इस संबंध में थाने में शिकायत में दर्ज कराई है। नायब तहसीलदार के शिकायत दर्ज कराने के बाद विधायक के परिजन ने भी नायब तहसीलदार पर बदतमीजी का आरोप लगाया। दोनों पक्षों की ओर से थाने में एक दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई। विधायक पर गैरजमानती गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज किया गया है। इसके बाद से राजनीतिक एवम प्रशासनिक गलियारों में हलचल मच गई है। 

छत्तीसगढ़ में 500 से ज्यादा तहसीलदार आज हड़ताल पर है। सरगुजा जिले के सीतापुर से भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो पर नायब तहसीलदार को पीटने का आरोप है। काम बंद कर अधिकारियों ने विधायक की गिरफ्तारी की मांग की है। रायपुर, रायगढ़ और सरगुजा में तहसीलदारों की हड़ताल से राजस्व कामकाज प्रभावित हुआ है। बता दें कि, सरगुजा में राजापुर उप तहसील के नायब तहसीलदार तुषार मानिक ने विधायक और उनके समर्थकों पर पीटने का आरोप लगाया है, जिसके बाद विधायक समेत 10 लोगों पर FIR हुई है। संघ ने चेतावनी दी है की 24 घंटे में अगर गिरफ्तारी नहीं हुई तो प्रदेश भर में राजस्व कर्मचारी-अधिकारी काम बंद कर हड़ताल पर चले जाएंगे।

सीएम और राज्यपाल के नाम दिया ज्ञापन

छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ की सरगुजा इकाई ने नायब तहसीलदार से मारपीट के आरोप में विधायक की गिरफ्तारी को लेकर सीएम और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा है। इस वजह से सरगुजा के सभी कनिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी व लिपिक वर्ग के कर्मचारी कलमबंद हड़ताल पर चले गए हैं।

काली पट्टी लगाकर प्रदर्शन

सरगुजा के राजस्व अधिकारियों ने नायब तहसीलदार से मारपीट के विरोध में आज काली पट्टी लगाकर प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि प्रदर्शन की वजह ये है कि आगे चलकर किसी भी राजस्व या प्रशासनिक अधिकारी के साथ ऐसी घटना न हो। प्रशासिनक अधिकारियों का एक दल शहर के राजमोहिनी देवी भवन में आगे की रणनीति तैयार कर रहा है।

वही कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने इसे भाजपाइयों की गुंडागर्दी बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास आम जनता तक पहुंचाने की कोई योजना ही नहीं है। इसलिए सुशासन तिहार में अधिकारियों को धमका रहे और अब अधिकारियों की पिटाई कर रहे। ये सरकार की नाकामी है, मुख्यमंत्री को जवाब देना चाहिए कि अपने विधायक को जेल भेजेंगे कि नहीं।

पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। FIR दर्ज हुई है तो कोई न कोई घटना घटित हुई होगी। जिन माध्यम से आपको जनता ने जिम्मेदारी दी है, वहां आप मनमानी करने की अपेक्षा रखोगे तो वहां प्रजातंत्र नहीं रह जाता। आप आप चुने हुए प्रतिनिधि हैं।

यह पूरा मामला सीतापुर राजापुर उप तहसील में सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो की चचेरी बहन सीमा धनकी ने जमीन के शाख शोध पत्र बनवाने के लिए 14 मई को फाइल जमा की थी।आरोप है कि नायब तहसीलदार तुषार मानिक और बाबू कई दिनों से उसे काम के लिए दफ्तर के चक्कर लगवा रहे थे। बुधवार (27 मई) को भी वह अपने काम के सिलसिले में उप तहसील कार्यालय पहुंचीं थीं।

सीमा धनकी ने आरोप लगाया है कि, नायब तहसीलदार तुषार मानिक से उन्होंने फाइल पर साइन करने के लिए कहा तो वे भड़क गए और कहा कि तुम होती कौन हो? हस्ताक्षर करने के लिए कहने वाली। जाकर मैनपाट में हस्ताक्षर करा लो। इसके बाद उसे तहसील से बाहर करने के लिए भी कहा गया। इसकी जानकारी सीमा धनकी ने विधायक रामकुमार टोप्पो को दी तो विधायक के समर्थक उप तहसील पहुंच गए और पिटाई कर दी। 

उसी शाम को करीब 6 बजे विधायक रामकुमार टोप्पो ने सीतापुर लौट चुके नायब तहसीदार को वापस राजापुर बुलाया। नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ SDM फागेश सिन्हा भी राजापुर पहुंचे। नायब तहसीलदार तुषार मानिक से विधायक रामकुमार टोप्पो ने बहन से अभद्र व्यवहार करने को लेकर पूछा। तुषार मानिक ने कहा कि अभद्रता नहीं की गई है, वे तुरंत हस्ताक्षर करने के लिए कह रही थीं, उन्हें कल बुलाया गया है।

तुषार मानिक ने कहा कि इतना कहते ही विधायक के समर्थकों ने उनकी पिटाई शुरू कर दी। विधायक रामकुमार टोप्पो ने उन्हें किनारे बुलाया और मारपीट की। बीच-बचाव में एसडीएम फागेश सिन्हा आए और उन्हें बचाकर बाहर निकाला।

इस मामले में विधायक के समर्थकों ने भी नायब तहसीलदार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार की शाम विधायक के काफी संख्या में समर्थक सीतापुर थाने के सामने पहुंचे और नारेबाजी की। उन्होंने विधायक के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग की है। बताया जा रहा है कि विधायक के समर्थकों द्वारा आज भी बड़ा प्रदर्शन किया जा सकता है। ऐसे में सीतापुर पुलिस हाई अलर्ट मोड पर है। 

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