देश में आम जनता पर पड़ी महंगाई की एक और मार, तीसरी बार बढ़ी पेट्रोल डीजल के दाम, कच्चे तेल की कीमतों में उतार चढ़ाव बनी वजह

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देश में आम जनता पर पड़ी महंगाई की एक और मार, तीसरी बार बढ़ी पेट्रोल डीजल के दाम, कच्चे तेल की कीमतों में उतार चढ़ाव बनी वजह

देश में आम जनता पर पड़ी महंगाई की एक और मार, तीसरी बार बढ़ी पेट्रोल डीजल के दाम, कच्चे तेल की कीमतों में उतार चढ़ाव बनी वजह

ड्रम-जेरीकेन में बिक्री प्रतिबंधित, किसानों को छूट, अनुविभागीय अधिकारी के परीक्षण के बाद बिक्री की अनुमति


देश में आम जनता पर महंगाई की एक और मार पड़ी है। ईंधन डीलरों से मिली जानकारी के मुताबिक, देश भर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर से बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

इस ताजा संशोधन के तहत पेट्रोल की कीमत में 0.87 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 0.91 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया गया है।

एक महीने में तीसरी बार बढ़े दाम

इस महीने यह तीसरी बार है जब ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। इस सप्ताह की शुरुआत में, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 90 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी, इससे कुछ दिन पहले ही 3 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी।

इस बढ़ोतरी के बाद माल ढुलाई महंगी होने की आशंका है, जिससे आने वाले दिनों में रोजमर्रा की जरूरी चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं।

कच्चे तेल की कीमतों में उतार चढ़ाव

डीलरों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए उतार-चढ़ाव और तेल कंपनियों की लागत बढ़ने के कारण यह फैसला लिया गया है।

नई दरें आज सुबह 6 बजे से लागू कर दी गई हैं। अलग-अलग राज्यों में स्थानीय वैट और माल ढुलाई शुल्क के कारण ईंधन की कीमतें भिन्न हो सकती हैं।

वहीं छत्तीसगढ़ राज्य को आपूर्ति जारी है। 21 मई को ही 32.52 लाख लीटर पेट्रोल और 57.60 लाख लीटर डीजल की प्राप्ति हुई है। लखौली, मंदिर हसौद और गोपालपुर स्थित ऑयल कंपनी डिपो से जिलों को मांग के अनुसार सप्लाई की जा रही है। रबी फसल कटाई और खरीफ की तैयारी के कारण डीजल की मांग में बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिसे ध्यान में रखकर आपूर्ति बढ़ाई गई है।

ड्रम-जेरीकेन में बिक्री प्रतिबंधित, किसानों को छूट

राज्य शासन ने 22 मई को जारी आदेश में सभी पेट्रोल-डीजल पंपों पर ड्रम, बोतल और जेरीकेन में ईंधन की बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी है। उल्लंघन पर मोटर स्पिरिट और उच्च वेग डीजल आदेश 2005 के तहत ‘अप्राधिकृत विक्रय’ मानकर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कार्रवाई होगी।

हालांकि रबी-खरीफ सीजन के लिए किसानों, कलेक्टर द्वारा चिन्हांकित शासकीय निर्माण कार्यों और अस्पताल, मोबाइल टावर जैसी अत्यावश्यक सेवाओं को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। इनके लिए अनुविभागीय अधिकारी के परीक्षण के बाद सुरक्षा मानकों के अनुरूप बिक्री की अनुमति होगी।

पैनिक खरीदारी से बचने की अपील

सचिव खाद्य ने 20 मई को सभी ऑयल कंपनियों के साथ समीक्षा बैठक कर ड्राई आउट होने वाले पंपों को तत्काल स्टॉक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। सरकार ने आम उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अफवाहों से प्रभावित होकर पैनिक खरीदारी या संग्रहण न करें। राज्य में ईंधन की आपूर्ति सुगम बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।


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