भर्ती प्रणाली में पारदर्शिता के लिए बड़ा कदम

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भर्ती प्रणाली में पारदर्शिता के लिए बड़ा कदम

भर्ती प्रणाली में पारदर्शिता के लिए बड़ा कदम

छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का गठन, मुख्य सचिव स्तर का होगा अध्यक्ष पद



रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने राज्य की भर्ती प्रक्रियाओं को अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। राज्य शासन द्वारा जारी अधिसूचना के तहत छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का गठन किया गया है। अधिनियम की धारा 22 के प्रावधानों के अंतर्गत, अब तक अस्तित्व में रहे छत्तीसगढ़ व्यवसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) का विलय इस नवगठित मंडल में कर दिया गया है।

श्रीमती रेणु जी. पिल्ले को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी

         शासन ने भारतीय प्रशासनिक सेवा की वरिष्ठ अधिकारी  (1991 बैच) को छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का अस्थायी अध्यक्ष नियुक्त किया है। श्रीमती पिल्ले वर्तमान में माध्यमिक शिक्षा मंडल के अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार भी संभालती रहेंगी। शासन ने इस पद की गरिमा और महत्व को देखते हुए इसे मुख्य सचिव के वेतनमान के समकक्ष (भारतीय प्रशासनिक सेवा नियम, 2016 के तहत) घोषित किया है।

विलय का उद्देश्य

        राज्य शासन का मानना है कि इस एकीकरण से भर्ती प्रणाली में निम्नलिखित सुधार होंगे। अलग-अलग संस्थाओं के बजाय एक ही एकीकृत निकाय से भर्ती प्रक्रियाओं में तेजी आएगी। चयन प्रक्रियाओं को अधिक जवाबदेह और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए नया ढांचा तैयार किया गया है। उच्च स्तरीय प्रशासनिक नेतृत्व (मुख्य सचिव स्तर) होने से परीक्षाओं की शुचिता और गरिमा बढ़ेगी।

भविष्य की राह   

         यह कदम प्रदेश के लाखों युवाओं के लिए एक सकारात्मक संकेत है, जो सरकारी नौकरियों के लिए प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। कर्मचारी चयन मंडल के गठन से आने वाले समय में भर्ती कैलेंडरों के नियमितीकरण और समयबद्ध चयन प्रक्रियाओं की उम्मीद बढ़ गई है।

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