प्रधानमंत्री ने अपनी सुरक्षा के लिए तैनात SPG को काफिले में वाहनों की संख्या 50 फीसदी तक कम करने का दिया निर्देश

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प्रधानमंत्री ने अपनी सुरक्षा के लिए तैनात SPG को काफिले में वाहनों की संख्या 50 फीसदी तक कम करने का दिया निर्देश

प्रधानमंत्री ने अपनी सुरक्षा के लिए तैनात SPG को काफिले में वाहनों की संख्या 50 फीसदी तक कम करने का दिया निर्देश

पीएम मोदी की अपील का असर, यूपी-एमपी-गुजरात-महाराष्ट्र में सीएम और मंत्रियों के काफिले में 50 प्रतिशत की कटौती


एजेंसी-

नई दिल्ली। पीएम मोदी ने सरकारी खर्च में कटौती की मिसाल पेश की है। पीएम मोदी ने इस उम्मीद से ऐसा किया है, ताकि बाकी सरकारी विभाग भी इसका पालन करेंगे। हालांकि, पीएम मोदी के इस निर्देश का असर दिखने लगा है, यूपी के सीएम योगी से एमपी के सीएम मोहन यादव तक मंत्रियों के काफिले कम होने लगे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकारी खर्च में कटौती और मितव्ययिता को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाते हुए अपने काफिले का आकार आधिकारिक रूप से आधा करने का निर्देश दे दिया है। यह पहल न केवल सरकारी संसाधनों की बचत करेगी बल्कि मंत्रियों और अधिकारियों के लिए भी उदाहरण बनेगी।

सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने अपनी सुरक्षा के लिए तैनात विशेष सुरक्षा दल (SPG) को काफिले में वाहनों की संख्या 50 फीसदी तक कम करने का निर्देश दिया है। साथ ही उन्होंने काफिले में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ाने की इच्छा जताई है, लेकिन नए वाहन खरीदने पर रोक लगा दी है ताकि अतिरिक्त खर्च से बचा जा सके।

एसपीजी ने इस निर्देश का पालन शुरू कर दिया है। हाल ही में प्रधानमंत्री की दिल्ली के बाहर की यात्राओं में काफिले का आकार काफी छोटा देखा गया। सुरक्षा एजेंसी यह सुनिश्चित कर रही है कि ब्लू बुक में निर्धारित सुरक्षा मानकों से कोई समझौता न हो।

रविवार को हैदराबाद दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने जनता से सीधे अपील की थी कि ईंधन और सोने की खपत कम की जाए। सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री द्वारा खुद यह पहल शुरू करना पूरे सरकारी तंत्र के लिए मितव्ययिता अपनाने का स्पष्ट संकेत है। ऐसे में आम नागरिकों को भी देश हित मे इसका समर्थन करने की आवश्यकता है। 

सरकारी विभागों को भी खर्च घटाने के उपाय सुझाने को कहा गया है। इस कदम से उम्मीद की जा रही है कि केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालय और विभाग भी अपने खर्चों की समीक्षा करेंगे और अनावश्यक खर्चों पर अंकुश लगाएंगे।

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब सरकार आर्थिक अनुशासन और आत्मनिर्भरता पर जोर दे रही है। प्रधानमंत्री का यह कदम प्रतीकात्मक रूप से काफी मजबूत माना जा रहा है, जो कहता है कि जो हम कहते हैं, उसे पहले खुद करके दिखाते हैं।

वहीं, महाराष्ट्र में मंत्रियों या सरकारी अधिकारियों को चार्टर्ड या सरकारी विमान का उपयोग करने से पहले मुख्यमंत्री कार्यालय से लिखित मंजूरी लेनी होगी। गुजरात के राज्यपाल ने भी हवाई यात्रा छोड़कर सड़क और रेल मार्ग से यात्रा करने का निर्णय लिया है।

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