धरमजयगढ़ वन मंडल व कापू वनमंडल क्षेत्र में जंगली हाथियों का उत्पात, जिले में 170 हाथियों की मौजूदगी दर्ज

Breaking Posts

6/trending/recent
Type Here to Get Search Results !

धरमजयगढ़ वन मंडल व कापू वनमंडल क्षेत्र में जंगली हाथियों का उत्पात, जिले में 170 हाथियों की मौजूदगी दर्ज

धरमजयगढ़ वन मंडल व कापू वनमंडल क्षेत्र में जंगली हाथियों का उत्पात, जिले में 170 हाथियों की मौजूदगी दर्ज

वन विभाग लगातार ग्रामीणों से रात के समय घरों से बाहर नहीं निकलने की कर रहा अपील, सुरक्षित जगह का ले सहारा


इन दिनों धरमजयगढ़ वन मंडल व कापू वनमंडल क्षेत्र में जंगली हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। देर रात आबादी वाले इलाके में घुस आते है जिससे जान माल के नुकसान की आशंका हमेशा बनी रहती है। वन विभाग द्वारा भी लगातार ग्रामीणों से रात के समय घरों से बाहर नहीं निकलने, हाथियों के करीब नहीं जाने और हाथी दिखाई देने पर सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील की जा रही है।

बता दें कि पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र के अलग-अलग इलाकों में हाथियों की मौजूदगी के कारण ग्रामीणों में भय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के आबादी क्षेत्र के करीब पहुंचने से जान-माल की सुरक्षा को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है।

धरमजयगढ़ में सबसे ज्यादा 170 हाथी, इनमें 27 शावक भी

वन विभाग के अनुसार रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ और रायगढ़ वन मंडल में कुल 170 हाथियों की मौजूदगी दर्ज की गई है। इनमें धरमजयगढ़ वन मंडल में 103 हाथी हैं। यहां 31 नर, 45 मादा और 27 शावक हैं। वहीं रायगढ़ वन मंडल में 67 हाथी हैं, जिनमें 18 नर, 38 मादा और 11 शावक शामिल हैं। जंगल से सटे इलाकों में हाथियों की संख्या अधिक होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है। कापू रेंज के पुटुकछार में 17 तथा रुवाफूल में 16 हाथी है यह बड़े दल के रूप में हैं। 

रातभर हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत बनी रहती है। कुछ दिनों पहले धरमजयगढ़ क्षेत्र में 1 ग्रामीण की मौत भी सामने आई थी। क्षेत्र के अलग-अलग घटनाओं में 18 किसानों की फसल को नुकसान पहुंचा, जबकि तीन कच्चे मकान भी क्षतिग्रस्त हुए। अलोला बीट के तालगांव में मंगलवार रात हाथियों ने तिहारू, घूर सिंह, समिति, लल्लू, बालेश्वर, फूलसिंह और सुलेशन के खेतों में लगी धान की फसल को नुकसान पहुंचाया।

ग्रामीणों के मुताबिक हाथियों के खेतों तक पहुंचने के बाद कई जगह लोग रातभर जागते रहे। ग्रामीणों ने शोर मचाया, लेकिन कई दल काफी देर तक आसपास ही डटे रहे। वन विभाग की टीम भी हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखती रही।

Top Post Ad


 

Below Post Ad

Ads Bottom