निर्धारित दर से अधिक कीमत पर यूरिया बेचने पर अन्नपूर्णा खाद भंडार को कृषि विभाग ने किया 7 दिनों के लिए सील, विक्रेता से मांगा गया जवाब

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निर्धारित दर से अधिक कीमत पर यूरिया बेचने पर अन्नपूर्णा खाद भंडार को कृषि विभाग ने किया 7 दिनों के लिए सील, विक्रेता से मांगा गया जवाब

निर्धारित दर से अधिक कीमत पर यूरिया बेचने पर अन्नपूर्णा खाद भंडार को कृषि विभाग ने किया 7 दिनों के लिए सील, विक्रेता से मांगा गया जवाब

साथ ही खाद कारोबारी से कथित उगाही का मामला भी आया सामने, व्यापारी से दबाव बनाकर पैसे मांगने के भी लगे आरोप 



पत्थलगांव। पत्थलगांव क्षेत्र में खाद व्यवसाय से जुड़े कुछ कारोबारियों के बीच कथित रूप से धमकी देकर पैसे मांगने का मामला सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर हलचल बढ़ गई है। व्यवसायियों का आरोप है कि कुछ लोगों द्वारा खाद दुकानदारों के अधिक दर पर खाद बेचने से संबंधित कथित वीडियो बनाए और इन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर दबाव बनाया गया। हालांकि, इन आरोपों के बीच पुष्टि होना बाकी है और पूरे मामले की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। लगातार चल रहे खबरों के बीच विभाग ने देर शाम पत्थलगांव जशपुर रोड स्थित अन्नपूर्णा खाद भंडार को 7 दिनों के लिये सील करते हुवे संचालक से जवाब तलब किया गया है। 

किसानों को रासायनिक उर्वरक निर्धारित दर पर उपलब्ध कराने के लिए जशपुर जिले में कृषि विभाग द्वारा लगातार निगरानी और जांच की जा रही है। इसी क्रम में निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर यूरिया बेचे जाने की शिकायत पर कृषि विभाग पत्थलगांव की टीम ने पत्थलगांव विकासखंड स्थित अन्नपूर्णा खाद भंडार का निरीक्षण एवं सत्यापन किया।

जांच के दौरान निर्धारित दर से अधिक कीमत पर यूरिया का विक्रय किए जाने की पुष्टि हुई। मामले को गंभीरता से लेते हुए कृषि विभाग ने उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के प्रावधानों के उल्लंघन पर संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध कार्रवाई की। अन्नपूर्णा खाद भंडार को 7 दिनों के लिए सील कर दिया गया है। साथ ही संबंधित उर्वरक विक्रेता से मामले में जवाब भी मांगा गया है।

उप संचालक कृषि ने बताया कि जिले में रासायनिक उर्वरकों की उपलब्धता, वितरण और निर्धारित दर पर बिक्री की नियमित रूप से निगरानी की जा रही है। किसानों को निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर उर्वरक बेचना नियमों का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश एवं प्रचलित नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की है कि उर्वरक खरीदते समय निर्धारित दर पर ही यूरिया एवं अन्य रासायनिक उर्वरक प्राप्त करें तथा खरीद की पक्की रसीद अवश्य लें। निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलने अथवा उर्वरक वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता की जानकारी मिलने पर तत्काल कृषि विभाग को सूचित करें।

कार्रवाई के दौरान अनुविभागीय कृषि अधिकारी पत्थलगांव आर.के. पैंकरा, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी जीवन एक्का, कृषि विकास अधिकारी मंत्री राम राठिया एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी कृष्ण कुमार चौधरी उपस्थित रहे।

वहीं, इस मामले के बीच यह भी चर्चा है कि यदि किसी पत्रकार या अन्य प्रभावशाली व्यक्ति द्वारा समाचार, वीडियो अथवा पत्रकारिता की पहचान का इस्तेमाल कर किसी कारोबारी पर अनुचित दबाव बनाया जाता है, तो यह गंभीर विषय है। पत्रकारिता का उद्देश्य जनहित के मुद्दों को सामने लाना है, न कि किसी व्यक्ति अथवा व्यवसायी को डराकर आर्थिक लाभ प्राप्त करना। लगाये आरोपो में जिनका नाम सामने आया है वे इसे सलाना विज्ञापन की राशि का लेनदेन बताया है। 

पत्थलगांव प्रेस क्लब से जुड़े पत्रकारों का कहना है कि यदि किसी भी व्यक्ति द्वारा पत्रकारिता की आड़ में कथित रूप से उगाही किए जाने की शिकायत सामने आती है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। क्लब का कहना है कि यदि मामले में ठोस तथ्य सामने आते हैं और जिम्मेदार स्तर से कार्रवाई नहीं होती, तो पत्रकार समुदाय सामूहिक रूप से इसका विरोध करेगा।

फिलहाल पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि खाद कारोबारियों द्वारा लगाए गए आरोपों की वास्तविकता क्या है, कथित वीडियो किस उद्देश्य से बनाए गए और पैसे के लेन-देन का दावा कितना सही है। इन सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए और यदि आरोप निराधार पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों को भी अपनी स्थिति स्पष्ट करने का अवसर मिलना चाहिए।

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