पत्थलगांव सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल में नन्हे बच्चों ने उत्साह पूर्वक मनाया गया रक्षाबंधन का उत्सव
पत्थलगांव -- सरस्वती शिशु मंदिर के आदर्श शिशु वाटिका के परिसर में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी उत्साह पूर्वक रक्षाबंधन उत्सव शिशु वाटिका प्रमुख श्रीमती इंदिरा पटनायक के मार्गदर्शन में धूमधाम से मनाया गया, छोटे-छोटे नन्हे मुन्ने बच्चों में काफी उत्साह का माहौल देखने को मिला, रक्षाबंधन सिर्फ धागे का त्यौहार नहीं ये विश्वास और रक्षा के वचन का त्यौहार है, यह त्यौहार प्रतिवर्ष सावन की पूर्णिमा को मनाया जाता है, यह त्यौहार भाई-बहन के अटूट प्रेम की रिश्ता को सिद्ध करता है, ये एक ही त्यौहार है, जहाँ बहन सिर्फ उसकी रक्षा और साथ मांगती है, हर संकट विपत्ति आने पर भी भाई साथ दे बहन यही आशीर्वाद व सहायता चाहती है, द्रौपदी ने कृष्ण की उंगली से खून निकलने पर अपनी साड़ी फाड़ कर बाँधी थी, तभी श्री कृष्ण ने चीरहरण से रक्षा की, यमुना ने भाई यम को राखी बांधी थी,इसलिए यम ने वर दिया कि जो भाई इस दिन बहन से राखी बंधवाएगा उसकी उम्र लंबी होगी, रक्षाबंधन पर भद्रा काल में राखी नहीं बांधी जाती शास्त्र कहते हैं भद्रा काल में शुर्पणखा ने अपने भाई रावण को राखी बांधी थी और उसका विनाश हो गया, इसलिए हमेशा भद्रा खत्म होने के बाद राखी बांधते हैं, रक्षाबंधन हमें सिखाता है कि रिश्ता खून से नहीं रक्षा के वचन से बनता है,एक धागा पूरे परिवार को एक साथ बांध देता है, रक्षाबंधन के पावन अवसर पर संस्था के प्राचार्य पाढ़ी ने सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।



