पत्थलगांव नगर सहित वार्डों के कई मोहल्लों में लंबे दिनों कई स्ट्रीट लाइट नहीं जलने से शाम होते ही छा जाता है अंधेरा
शाम होने के बाद इन सड़कों से गुजरने वाले राहगीरों और वाहन चालकों को करना पड़ता है परेशानियों का सामना
सरकार द्वारा जारी पार्षद निधि का 25 प्रतिशत सड़को में प्रकाश व्यवस्था पर खर्च करना था निर्देशित
पत्थलगांव। पत्थलगांव शहर में इन दिनों प्रमुख मार्गों सहित नगर के कई वार्डों के मोहल्लों पर लंबे दिनों कई स्ट्रीट लाइट नहीं जलने से शाम होते ही अंधेरा छा जाता है। शाम होने के बाद इन सड़कों से गुजरने वाले राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। काफी अंधेरे के बावजूद नगर पालिका में अधिकारी कर्मचारीयो के द्वारा व्यवस्था सुधारने की दिशा में कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में पालिका के अनदेखी का खामियाजा मोहल्ले वासियों और शहर वासियों को उठाना पड़ रहा है।
मोहल्लों में आलम यह है कि शाम ढलने के बाद स्ट्रीट लाइट नही जलने से इन रास्तों पर अंधेरा छा जाता है। ऐसे में वाहन चालकों के अलावा पैदल आने-जाने वालों को भी खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। बताते चलें कि इन दिनों बरसात के मौसम में सड़कों का तो वैसे ही बुरा हाल है। इसके अलावा सड़कों की गलियों में कई स्ट्रीट लाइट भी नहीं जल रही है। इससे स्थानीय लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। गलियों में अंधेरा होने की वजह से आपराधिक क़िस्म के लोगों से कुछ वारदातें होने की भी आशंका हैं। आपराधिक लोग अपना काम कर आसानी से बिना पहचान के अंधेरे का फायदा उठा फरार हो सकते है।
स्थानीय निवासीयो का कहना है कि जिस कंपनी से स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए लाखों रुपये लगाकर खरीदी की जाती है, उसी कंपनी को स्ट्रीट लाइटों की रिपेयरिंग का भी ठेका दिया जाता है लेकिन समय पर रिपेयरिंग नहीं होने से नगर सहीत मोहल्ले में कई स्थानों पर अंधेरा पसरा रहता है। जो कंपनी समय पर अपना काम नहीं कर सकती है ऐसी कंपनी को ठेका देना सरकारी पैसे का नुकसान करना है।
वहीं नगर में उजाला करने यहां लगाई गई स्ट्रीट लाइट काफी पुरानी हो चुकी हैं। इनकी मरम्मत भी समय पर नहीं हो पाई है। ऐसे में अधिकतर लाइट खराब हो चुकी हैं, जिसके कारण अंधेरा पसरा रहता है।
सूत्रों की माने तो राज्य सरकार के द्वारा जारी पार्षद निधि का 25 प्रतिशत सड़को में प्रकाश व्यवस्था पर खर्च करना निर्देशित है। इसके बावजूद सड़कों पर अंधेरा पसरा रहना अपने आप मे सवालिया निशान खड़ा करता है। बताया जा रहा है कि कुछ जनप्रतिनिधियों ने इसपर अपने निधि का खर्च करना बताया है। पर अचंभित बात यह है कि जब ये जनप्रतिनिधि खर्च किये तो कहाँ किये,आखिर ये लाइट कहां चली गई, किन खम्बों में लाइट को लगाया गया है..? यह सवाल सबसे बड़ा है।
वही नगरपालिका के कर्मचारियों की माने तो इन्हें लाइट एवम अन्य जरूरी सामान विभाग से नही मिलने के कारण व्यवस्था पूरी नही होने की बात कही जाती है। जिसके वजह से खम्भों की स्ट्रीट लाइट सुचारू ढंग से नही जल पा रहा है।
इस मामले पर अध्यक्ष संगीता सिंह ने बताया कि इस समस्या से निजात दिलाने पालिका में मद की ओर से खरीदी की प्रक्रिया जारी है। जैसे ही खरीदी हो जाती है, खम्बों में लाइट लग जायेगी।





