बीते 3 दिनों से लगातार बारिश के बीच लाइट की भी आंख मिचौली लगातार जारी, हुवा जनजीवन प्रभावित
गांव के विभिन्न फीडरों के साथ ही नगर में रात-दिन लगातार हो रही बिजली गुल, मेंटेनेंस के नाम पर काम चलाऊ मरम्मत
पत्थलगांव। चक्रवात अर्नब के प्रभाव से पूरे छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। राजधानी समेत प्रदेश के कई जिलों में लगातार बारिश का सिलसिला जारी है। छत्तीसगढ़ प्रदेश में चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के सक्रिय रहने और 3-4 दिनों से लगातार बारिश के बीच लाइट की भी आंख मिचौली लगातार जारी है। वहीं प्रदेश के कई जिलों में 29 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।
वही बारिश के साथ ही बिजली के बंद रहने से पत्थलगांव शहरवासी एवम ग्रामीण परेशान हैं। गांव के विभिन्न फीडरों के साथ ही नगर में रात हो या दिन कभी भी बिजली गुल हो जा रही है। इससे नागरिकों में रोष है। उठे चक्रवात के कारण हल्की हवा के चलते ही लाईट गुल हो जाना लोगों के समझ से परे नजर आ रही है। 3 से 4 दिनों में लगातार रात एवम दिन में लाइट के आंख मिचौली से जनजीवन भी अस्त व्यस्त नजर आ रहा है।
बीते दिनों गुरुवार एवम शुक्रवार को रात दिन में कई बार लाईट गुल हो गया। ऐसे में लोगों ने आंखों ही आंखों में रात काटी। बिजली विभाग ने लोगों को परेशान कर रखा है। 3 दिनो से पल में लाइट आना और पल में गुल होने का खेल लगातार चल रहा है। शुक्रवार को सुबह से शाम तक विद्युत विभाग के कारण शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र अंधेरे में डूबे रहे। इधर पलीडीह फ़ीडर का भी यही हाल रहा। पूरन तालाब में गणेश विसर्जन करने गये लोगों ने अंधेरे में ही गणेश विसर्जन किया। आज शनिवार को भी सुबह से ही बिजली की आंख मिचौली लगातार जारी है।
लगातार बिजली गुल से दिक्कतें बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि शहर के नजदीकी गांवों में बिजली व्यवस्था अक्सर ठप्प रहता है। विद्युत विभाग के अधिकारी इस दिशा में ध्यान नहीं देते। विद्युत उपभोक्ता परेशान रहते हैं। विद्युत विभाग के अधिकारी लोडिंग बढ़ने एवम अन्य समस्या का हवाला देकर अपना बचाव कर लेते है।
लोगों की यह भी शिकायत है कि विद्युत विभाग में कर्मचारी फोन नही उठाते हैं और वहीं कभी कभी आफिस में फोन नहीं लगता। कभी फोन लग भी जाए तो बिजली विभाग के कर्मचारी संतोषजनक उत्तर देने की बजाय जल्द बिजली आएगी कहकर फोन काट देते हैं।
बिजली की इस आंख मिचैली से रोजमर्रा की जिंदगी पटरी से उतरने लगी है, लेकिन लगता है बिजली विभाग इस समस्या से लोगों को निजात दिलाने को गंभीर नहीं है।
वहीं सुधार व मेंटेनेंस के नाम पर काम चलाऊ मरम्मत की परंपरा के चलते अब लंबे समय तक लाइट गुल होना एक बड़ी समस्या बन चुकी है। मुश्किल यह है कि कर्मचारी और अधिकारी बिजली की अव्यवस्था को लेकर गंभीर नहीं है। ऐसे में लोग यही कह रहे हैं कि कौन सुनेगा किसको सुनाएं वाली कहावत चरितार्थ होती है।
लोगों का कहना है कि बिजली विभाग द्वारा बकाया राशि की वसूली को लेकर ज्यादा ध्यान देती है। इसके बाद उपभोक्ता की सुविधा को लेकर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। लोगों ने कहा कि 24 घण्टे बिजली की आपूर्ति करने की बात कहने वाले राज्य में इस प्रकार बिजली गुल होना कहाँ तक सही है, जहां हमारे क्षेत्र में न तो हवा तेज है न तेज बारिश। एक ओर जहां बिजली व्यवस्था सुधारने कई नये स्टेशनों की व्यवस्था भी की गई है पर गुल होने की समस्या भी लगातार जारी है। लोगों ने विभाग से सही से मेंटेनेंस एवम अच्छे रखरखाव करने की बात कही है। जिससे लोगों को इस समस्या से निजात मिल सके।



