परिवहन विभाग ने की ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की एक महत्वपूर्ण और अनिवार्य शुरुआत
अभ्यर्थियों को दिखाया जाएगा 10 से 15 मिनट का एक जागरूकता वीडियो, पूछे जायेंगे सवाल, उसके बाद बनेगा लाइसेंस
सड़क हादसों पर लगाम लगाने और चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने एक महत्वपूर्ण और अनिवार्य शुरुआत की है। लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए अब सिर्फ आवेदन करना और ऑनलाइन टेस्ट देना ही काफी नहीं होगा। परिवहन विभाग ने ऐसा ऑनलाइन सिस्टम तैयार किया है, जिसमें अभ्यर्थियों को 10 से 15 मिनट का एक जागरूकता वीडियो दिखाया जाएगा, जो कि अनिवार्य है। जिसके बाद ही लाइसेंस की आगे की प्रक्रिया पूरी होगी।
वीडियो में संकेतों और नियमों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। परिवहन विभाग द्वारा शुरू की गई इस नई पहल का मुख्य उद्देश्य सड़क पर वाहन चलाने से पहले ही हर नागरिक को यातायात के बुनियादी उसूलों से पूरी तरह अवगत कराना है। इस 10 से 15 मिनट के वीडियो में नशे में वाहन चलाने के नुकसान, ट्रैफिक सिग्नलों के अर्थ, सड़क पर ड्राइविंग के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, और यातायात नियमों के पालन से जुड़ी तमाम महत्वपूर्ण जानकारियां विस्तार से शामिल की गई हैं। वीडियो देखने के बाद अवेयरनेस प्रोग्राम का सर्टिफिकेट भी मिलेगा। फिर उस वीडियो से संबंधित टेस्ट लेकर 10 सवाल पूछे जाएंगे। 6 सवालों के जवाब सही देने पर ही लर्निंग लाइसेंस बनाया जाएगा।
विभाग के अफसरों ने दिल्ली स्थित परिवहन मंत्रालय में वीडियो का प्रेजेंटेशन दे दिया है। नियम में संशोधन के बाद इस सिस्टम को अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा।
यह व्यवस्था केवल सड़क सुरक्षा के सामान्य वीडियो तक सीमित नहीं होगी। दुपहिया, कार जैसे हल्के मोटर वाहन और भारी वाहनों के लिए अलग-अलग वीडियो तैयार किए गए हैं। वीडियो में वाहन के इस्तेमाल के हर चरण को क्रम से समझाया जाएगा।
कार स्टार्ट करने से पहले क्या देखना है, इसे पहले वीडियो में ही बताया जाएगा। कार में बैठने से पहले चारों पहियों में हवा की स्थिति देखना, दरवाजा खोलने से पहले आसपास देखना, वाहन के भीतर कोई चूहा, छिपकली या दूसरा जीव तो नहीं है यह जांचना, सीट पर बैठने के बाद हैंड गेयर की स्थिति देखना और उसे ठीक करना, गेयर को न्यूट्रल में लाना, पानी का स्तर देखना और साइड व पीछे के शीशों की दिशा सही करना जैसे छोटे-छोटे कदम वीडियो में बताए गए हैं।
दुर्ग में प्रयोग शुरू, लेकिन जागरूक करने दिखा रहे वीडियो
दुर्ग में लर्निंग लाइसेंस के आवेदकों को कंप्यूटर स्क्रीन पर बैठाकर सड़क सुरक्षा से जुड़े वीडियो की क्लिपिंग दिखाई जा रही है। यहां इसका इस्तेमाल फिलहाल जागरूकता के लिए किया जा रहा है। इसे लर्निंग लाइसेंस की अनिवार्य परीक्षा के रूप में लागू नहीं किया गया है।
पलकों के हर मूवमेंट को रीड करता है सिस्टम सिर्फ वीडियो चलाकर छोड़ नहीं देने से काम नहीं चलेगा। क्योंकि इस सिस्टम को ऐसा डिजाइन किया गया है कि ये पलकों के मूवमेंट को रीड करता है। इससे ये पता चलेगा कि आवेदक वीडियो को वास्तव में देख रहा है या नहीं। कुछ सेकंड के अंतराल पर पुतली की मूवमेंट नहीं मिली तो सिस्टम संकेत देगा।
नियम बदले बिना लागू नहीं हो सकता सिस्टम ऑनलाइन प्री-टेस्ट की इस व्यवस्था के सामने सबसे बड़ी अड़चन मौजूदा नियम है। क्योंकि अभी लर्निंग लाइसेंस से पहले इस तरह की परीक्षा का प्रावधान नहीं है, इसलिए इसे सीधे लागू करने के बजाय केंद्रीय नियमों में बदलाव जरूरी होगा।
लर्निंग लाइसेंस बन तो जाता है, लेकिन ज्यादातर लोगों को वाहन से संबंधित बेसिक जानकारी नहीं रहती। रोड पर किस तरह की सावधानी बरतना है, यह भी पता नहीं होता। वीडियों में यही सिखाने की क्लिपिंग है। नियम में संशोधन होते ही सिस्टम लागू करेंगे। फिलहाल प्रयोग किया जा रहा है। ताकि लोग जागरूक हों। -डी. रविशंकर, अति. परिवहन आयुक्त



