छत्तीसगढ़ सरकार ने 1994 बैच के आईएएस अधिकारी विकास शील को किया राज्य का नया मुख्य सचिव नियुक्त
अक्टूबर के पहले सप्ताह में होगी प्रशासनिक सर्जरी, मंत्रालय से लेकर संचालनालय तक हलचल तेज, अफसरों में खलबली
छत्तीसगढ़ को नया मुख्य सचिव मिल गया है। छत्तीसगढ़ सरकार ने 1994 बैच के आईएएस अधिकारी विकास शील को राज्य का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया है। वे प्रदेश के 13वें मुख्य सचिव होंगे। विकास शील, जो पहले एशियाई विकास बैंक (एडीबी) मनीला में कार्यकारी निदेशक के रूप में कार्यरत थे, अब अमिताभ जैन की सेवानिवृत्ति के बाद यह पद संभालेंगे। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह नियुक्ति छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव है।
इस नियुक्ति में विकासशील ने 4 सीनियर IAS अधिकारियों को सुपरसीड (पछाड़ना) किया है। उन सीनियर अफसरों में रेणु गोनेला पिल्ले, सुब्रत साहू, अमित अग्रवाल और मनोज कुमार पिंगुआ शामिल हैं।
वर्तमान मुख्य सचिव अमिताभ जैन 30 सितंबर को रिटायर हो रहे हैं। उसी दिन शाम को वे विकास शील को औपचारिक रूप से पदभार सौंपेंगे। परंपरा के अनुसार, जिस दिन नया मुख्य सचिव पदभार ग्रहण करता है, उस दिन कोई बड़ी मीटिंग नहीं होती। सिर्फ मुख्यमंत्री से मुलाकात होती है। इसके बाद अगले दिन मंत्रालय में अफसरों की परिचयात्मक बैठक आयोजित की जाएगी।
नए मुख्य सचिव विकास शील का जन्म जून 1969 में हुआ था। इस हिसाब से जून 2029 में वे 60 साल के होंगे। यानी 30 सितंबर को पदभार ग्रहण करने के बाद वे करीब 3 साल 9 महीने तक मुख्य सचिव रहेंगे। लंबे कार्यकाल की दृष्टि से वे छत्तीसगढ़ के तीसरे मुख्य सचिव होंगे। सबसे लंबा कार्यकाल अमिताभ जैन का रहा है, जिन्होंने चार साल 10 महीने तक यह जिम्मेदारी संभाली। उनके बाद विवेक ढांड ने 3 साल 11 महीने तक पद पर काम किया था।
अक्टूबर में होगी प्रशासनिक सर्जरी, मंत्रालय से लेकर संचालनालय तक हलचल तेज, अफसरों में खलबली
जानकारी के अनुसार एक-दो दिन में विकासशील मुख्य सचिव का पदभार ग्रहण कर सकते हैं। इसके बाद अक्टूबर के पहले सप्ताह में ही मंत्रालय और संचालनालय में आला अफसरों की प्रशासनिक सर्जरी होगी। क्योंकि पांच बड़े सीनियरों को सुपरसीड कर विकासशील को मुख्य सचिव बनाया गया है।
प्रशासनिक सर्जरी के तहत मंत्रालय में कुछ सचिवों के विभाग तो बदले जाएंगे ही। साथ ही संचालनालय के संचालकों को भी इधर-उधर किया जा सकता है। इसके अलावा कलेक्टरों को भी हटाकर उनकी जगह मंत्रालय के कुछ लोगों को कलेक्टर बनाकर भेजा सकता है। क्योंकि पिछले कुछ दिनों से कलेक्टरों की शिकायतें भी आने लगी है।
सबसे ज्यादा शिकायतें कोरबा कलेक्टर अजीत बसंत की शासन के पास पहुंची हैं। पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने तो बाकायदा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर शिकायतों की झड़ी लगाई है। साथ ही कलेक्टर को हटाने की मांग भी सीएम से की है।
वे हाल ही में एशियाई विकास बैंक (एडीबी) मनीला में कार्यकारी निदेशक के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे थे। उनकी वापसी से राज्य प्रशासन में नई ऊर्जा आने की उम्मीद है। विकास शील 1994 बैच के वरिष्ठ अधिकारी हैं। उनके पास केंद्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्य करने का लंबा अनुभव है। विकास शील की नियुक्ति से ग्रामीण विकास, बुनियादी ढांचे और वित्तीय प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। एडीबी जैसे वैश्विक संस्थान में उनका अनुभव राज्य की परियोजनाओं को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होगा। विकास शील की नियुक्ति से राज्य में विकास कार्यों को गति मिलने की संभावना है।




