राज्य सरकार ने इस बार धान बेचने वाले किसानों के लिए किया नया सिस्टम तैयार

Breaking Posts

6/trending/recent
Type Here to Get Search Results !

राज्य सरकार ने इस बार धान बेचने वाले किसानों के लिए किया नया सिस्टम तैयार

राज्य सरकार ने इस बार धान बेचने वाले किसानों के लिए किया नया सिस्टम तैयार

एग्रीस्टैक और किसान पोर्टल में रजिस्ट्रेशन करवाए बगैर किसान नहीं बेच पाएंगे धान 



राज्य सरकार ने इस बार धान बेचने वाले किसानों के लिए नया सिस्टम तैयार किया है। एग्रीस्टैक और किसान पोर्टल में रजिस्ट्रेशन करवाए बगैर किसान धान नहीं बेच पाएंगे। समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए किसान सहकारिता विभाग के अधीन पंजीयन कराते हैं। सहकारिता व कृषि विभाग को यह दायित्व सौंपा जाता है कि वह अधिक से अधिक किसानों का पंजीयन करें, ताकि पंजीयन के बाद किसान समर्थन मूल्य पर अपना धान बेचकर अच्छा मूल्य प्राप्त कर सकें।

छत्तीसगढ़ में 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर पर सरकार धान की खरीदी करती है। लेकिन अब इस समर्थन मूल्य को प्राप्त करने के लिए किसानों को राज्य सरकार वाले पंजीयन के अलावा केंद्र सरकार की एग्रीस्टैक पोर्टल पर एक और पंजीयन कराना होगा। यह पंजीयन किसानों के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। यदि पंजीयन नहीं कराया तो वह समर्थन मूल्य पर धान नहीं बेच सकेंगे। हालांकि किसान कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) पर जाकरअपना पंजीकरण करा सकते हैं। धान खरीदी केंद्रों में भी यह सुविधा है। वहीं एक के बाद एक अलग-अलग प्लेटफार्म पर पंजीयन की जटिलता से किसान परेशान हैं।

एग्रीस्टैक पोर्टल भारत सरकार द्वारा भारतीय कृषि क्षेत्र के लिए बनाया गया एक डिजिटल इकोसिस्टम है। जिसका उद्देश्य किसानों के लिए एक डिजिटल डेटाबेस तैयार करना है। जिसमें उनकी पहचान, भूमि रिकॉर्ड, आय, ऋण, और बीमा संबंधी जानकारी शामिल होती है। यह पोर्टल किसानों के लिए एक विशिष्ट पहचान बनाता है। जिसमें उनकी सभी कृषि संबंधी जानकारी संग्रहीत होती है। सरकारों के लिए भी विभिन्न किसान और कृषि-केंद्रित योजनाओं को बनाने और लागू करने में मदद करता है।

दरअसल, राज्य शासन की ओर से कहा गया कि नया सिस्टम कई प्रकार की खामियों को दूर करेगा। इसमें रजिस्ट्रेशन कराने के बाद किसानों की पहचान और जमीन का ब्यौरा अब डिजिटल डेटाबेस से जुड़ जाएगा। इससे फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और खरीदी व भुगतान की रियल टाइम मॉनिटरिंग भी संभव हो सकेगी।

यह पोर्टल सिर्फ धान बेचने के लिए ही नहीं बल्कि केंद्र और राज्य सरकार की अन्य योजनाओं का लाभ लेने के लिए भी जरूरी है। इसमें पंजीयन के बाद किसानों से जुड़ी सभी योजनाओं जैसे पीएम किसान निधि, फसल बीमा, खाद बीज, सब्सिडी सीधे किसानों के खाते में आएगी। वहीं, कृषक उन्नति योजना का लाभ भी इससे ही मिलेगा। एक बार किसान का डिजिटल रजिस्ट्रेशन आईडी बन जाने के बाद बार-बार दस्तावेज देने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

Top Post Ad


 

Below Post Ad

Ads Bottom