शारदीय नवरात्रि के अवसर पर कछार दुर्गा मंदिर में उमड़ रहा भक्तों का सैलाब, रोज़ शाम माता की रसोई में हजारों श्रद्धालु ग्रहण कर रहे प्रसाद

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शारदीय नवरात्रि के अवसर पर कछार दुर्गा मंदिर में उमड़ रहा भक्तों का सैलाब, रोज़ शाम माता की रसोई में हजारों श्रद्धालु ग्रहण कर रहे प्रसाद

शारदीय नवरात्रि के अवसर पर कछार दुर्गा मंदिर में उमड़ रहा भक्तों का सैलाब, रोज़ शाम माता की रसोई में हजारों श्रद्धालु ग्रहण कर रहे प्रसाद





तमता। जिले के पत्थलगांव विकासखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत कछार में इन दिनों शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर कटंगजोर दुर्गा मंदिर आस्था का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है। सुबह से ही यहां श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। मां दुर्गा के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए दूर-दराज़ गांवों से भी भक्त बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर में लगी लंबी कतारें भक्तों की अटूट श्रद्धा और विश्वास की गवाही दे रही हैं।

मंदिर समिति की ओर से माता का दरबार भव्य रूप से सजाया गया है। फूल-मालाओं, रंग-बिरंगी रोशनी और आकर्षक श्रृंगार से सजी मां दुर्गा की प्रतिमा भक्तों के लिए अलौकिक आभा बिखेर रही है। वातावरण लगातार "जय माता दी" के गगनभेदी जयकारों से गूंजता रहता है, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय माहौल में डूबा हुआ है।

नवरात्रि की सबसे विशेष परंपरा यहां रोज़ शाम होने वाली माता की रसोई है। प्रतिदिन सैकड़ों नहीं, बल्कि हजारों श्रद्धालु मंदिर प्रांगण में एकत्र होकर माता के भोग का प्रसाद ग्रहण करते हैं। भक्तजन प्रसाद पाकर स्वयं को धन्य और खुशहाल महसूस कर रहे हैं। ग्रामीणों और समिति के सहयोग से इस भव्य भंडारे का आयोजन पूरी श्रद्धा और सेवा भाव से किया जा रहा है।

माता की रसोई में न केवल ग्रामीण बल्कि आसपास के कस्बों और जिलों से आए श्रद्धालु भी सम्मिलित हो रहे हैं। प्रसाद वितरण के दौरान भक्तों के चेहरे पर संतोष और प्रसन्नता स्पष्ट झलकती है। इसे केवल भोजन नहीं, बल्कि आस्था और विश्वास का उत्सव माना जा रहा है।

समिति ने भक्तों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भोजन, पेयजल, सुरक्षा और यातायात की उचित व्यवस्था की है। भक्तों का कहना है कि कटंगझोर दुर्गा मंदिर में नवरात्रि का आयोजन केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक एकता और सामूहिक खुशहाली का प्रतीक भी है।

इस मंदिर में पंडित मुख्य पुजारी चंद्रेश्वर मिश्रा, द्वारा पूजा पाठ का विधि विधान से प्रति दिन सम्पन्न कराया जा रहा है एवं टुनटुन मिश्रा जी भी उनके सहयोगी बने हुवे हैं। अध्यक्ष निरंजन यादव, उपाध्यक्ष जितेंद्र खूंटिया, कोषाध्यक्ष कृष्णा अग्रवाल, सचिव कृष्ण मुरारी डनसेना, को मुख्य कारणी गठित की गई है। 

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