पत्थलगांव नगर में शारदीय नवरात्र के नाै दिन आराधना, पूजन और सेवा के बाद माँ अम्बे को दी गई अंतिम विदाई
ढाेल नगाड़ाें, धुमाल,कर्मा नृत्य के साथ दी गई विदाई
गांव गांव से आये भक्तों के कारण नगर में दिनभर मेला-सा माहौल
रात 9 बजे आतिशबाजी के साथ धूमधाम से किया जायेगा रावण दहन, होगा अहंकार का अंत
पत्थलगांव नगर में शारदीय नवरात्र के नाै दिन आराधना, पूजन और सेवा के बाद विजयादशमी के दिन गुरुवार काे मां अम्बे काे विदाई दी गई। शहर में समितियाें द्वारा स्थापित की गईं प्रतिमाओ काे ढाेल नगाड़ाें, धुमाल,कर्मा नृत्य के साथ विदाई दी गई। अलग अलग समितियों का ड्रेस कोड अलग अलग रहा, जो अलग ही छटा बिखेर रही थी।
बता दें कि शहर में नवरात्रि का पर्व भक्तों के द्वारा हर्षोल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। दोपहर लगभग 1.00 के बाद बाजे-गाजे के साथ दुर्गाेत्सव समितियाें ने माता रानी की विसर्जन यात्रा निकाली गई। इस यात्रा को देखने गांव गांव से आये भक्तों के कारण नगर में दिनभर मेला-सा माहौल रहा। बैंड, धुमाल की धुनाें पर नाचते हुए भक्तों ने माता रानी को विदाई दी। यहां के नंदनझरिया, पूरन तालाब और किलकिला के मांड नदी में माता के प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है। विसर्जन के दौरान बीच बीच मे बारिश भी हुई पर भक्त भीगते हुवे जयकारे के साथ चले जा रहे थे। सुरक्षा के लिए घाट में पुलिस बल तैनात रहेगी।
हर वर्ष की भांति इस बार नगर में बाजार पारा, रायगढ़ रोड, अम्बिकापुर रोड समेत 7 स्थानों में समितियों ने माता के प्रतिमाओं को विराजमान किया था। सभी पंडालों की साज सज्जा देखते ही बन रही थी, सभी पंडालों में अलग ही छटा देखने को मिल रहीं थी। विसर्जन के दिन सभी समितियों ने अलग-अलग जुलूस निकाले। जिसमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए। 9 दिन तक माता रानी की आराधना-उपासना के बाद भक्तों ने नम आंखों से मां को विदाई दी। लोग जयकारों के साथ मां की स्तुति करते नजर आये।
नगर में चल रहे विसर्जन एवम दशहरे को देखते हुए यातायात पुलिस ने अतिरिक्त इंतजाम किए थे। बड़े वाहनों को 12 बजे से शहर के अंदर आने से रोक दिया गया था। विसर्जन स्थानों, विसर्जन यात्रा सहित अन्य स्थानों पर पुलिस के इंतजाम के अतिरिक्त शहर में चल रहे यात्राओं से यातायात में बाधा न आए। इसकी खातिर यातायात पुलिस व प्रशासन अलर्ट पर रही।
बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व विजयादशमी आज गुरुवार दो अक्टूबर को है। शहर के मंडी प्रांगण में लगभग 45 फिट का रावण का पुतला बनकर तैयार है। विसर्जन के पश्चात शाम 6 बजे राम लक्ष्मण सीता की रैली निकाली जाएगी। इसके बाद कर्मा प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा जिसमे प्रथम 21000, द्वितीय 11000, तृतीय 7000, एवम 3000 सांत्वना पुरस्कार दिया जायेगा। इसके बाद 8 बजे आतिशबाजी का कार्यक्रम प्रारंभ होगा। आतिशबाजी के साथ धूमधाम से रावण दहन करते हुए अहंकार का अंत किया जाएगा और सभी बुराई पर अच्छाई की जीत पर खुशी मनाएंगे।
समिति के सदस्यों ने बताया कि विजयादशमी की तैयारियां समिति की ओर से जोर-शोर से की गई हैं। इस बार रावण दहन कार्यक्रम भव्य रूप में मनाया जाएगा। रावण दहन के साथ ही जय श्रीराम के जयघोष के साथ भक्तिमय माहौल रहेगा।









