भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी रतन लाल डांगी के खिलाफ एक सब-इंस्पेक्टर की पत्नी ने लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप
महिला का दावा है कि अधिकारी बीते सात सालों से उसका शारीरिक और मानसिक शोषण करते आ रहे है
आईपीएस अधिकारी एवम महिला ने की एक दूसरे के खिलाफ शिकायत, सौपे साक्ष्य, विभागीय जांच शुरू
छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णु देव साय ने आईपीएस रतनलाल डांगी पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों पर दिखाया सख्त रुख
इन दिनों राज्य में पदस्थ कई पुलिस के अधिकारियों पर ब्लैकमेलिंग एवम योन शोषण के मामले सामने आ रहे है। इसी बीच छत्तीसगढ़ में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी रतन लाल डांगी के खिलाफ एक सब-इंस्पेक्टर की पत्नी ने यौन उत्पीड़न, शारीरिक शोषण और आर्थिक रूप से प्रताड़ित करने की शिकायत की है। महिला का दावा है कि अधिकारी बीते सात सालों से उसका शारीरिक और मानसिक शोषण करते आ रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
बिलासपुर में पदस्थ एक सब-इंस्पेक्टर की पत्नी ने आला अधिकारियों को दिए पत्र में आरोप लगाया कि आईजी रतनलाल डांगी ने सात वर्षों तक उसका शारीरिक शोषण किया। शिकायत के साथ कई आपत्तिजनक डिजिटल साक्ष्य भी सौंपे हैं। महिला ने कहा कि जब उसने अधिकारी से दूरी बनाने की कोशिश की, तो उस पर धमकियों और दबाव के जरिए संबंध बनाए रखने को मजबूर किया गया।
शिकायत में पीड़िता ने बताया कि साल 2017 में वह रतनलाल डांगी के संपर्क में आई थी, जब वे कोरबा एसपी के पद पर तैनात थे। शुरुआती बातचीत सोशल मीडिया के ज़रिए शुरू हुई थी। बाद में दंतेवाड़ा पदस्थापना के दौरान वह वीडियो कॉल पर उन्हें योग सिखाने लगीं। डांगी के राजनांदगांव और फिर बिलासपुर आईजी बनने के बाद भी यह संपर्क बना रहा। पीड़िता का आरोप है कि डांगी ने अपनी पत्नी की गैरमौजूदगी में उसे कई बार बंगले पर बुलाया और उत्पीड़न किया।
चंदखुरी पुलिस प्रशिक्षण अकादमी में तबादला होने के बाद भी उन्होंने वीडियो कॉल के जरिए परेशान करना जारी रखा।
महिला का आरोप है कि अधिकारी सुबह पांच बजे से रात 10 बजे तक कई बार वीडियो कॉल पर नजर रखने का दबाव डालते थे। शिकायत में लिखा है कि वह अब तक चुप रही क्योंकि उसके पति की नौकरी खतरे में पड़ सकती थी। आरोप है कि आईपीएस अधिकारी अक्सर उसे धमकी देते थे कि ’अगर तुमने विरोध किया तो तुम्हारे पति को नक्सल क्षेत्र में तबादला कर दूंगा।’
इधर, आईपीएस ने डीजीपी अरुणदेव गौतम को लिखित शिकायत देकर खुद पर लगे आरोपों को झूठा और साजिशन बताया है। उन्होंने कहा कि सब-इंस्पेक्टर की पत्नी पिछले कई वर्षों से उन्हें ब्लैकमेल कर रही है और उनके परिवार को मानसिक प्रताड़ना दे रही है। अधिकारी ने डीजीपी को सौंपे पत्र में लिखा है कि महिला ने उनके वाशरूम और निजी पलों के वीडियो बनाकर उन्हें धमकाना शुरू किया।
छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णु देव साय ने आईपीएस रतनलाल डांगी पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों पर सख्त रुख दिखाया है। उन्होंने कहा, “कोई भी अधिकारी हो, अगर आरोप लगे हैं तो उनकी जांच होगी, और अगर जांच में आरोप सही पाए गए तो निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।”
विभागीय जानकारी के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद गृह विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच में डिजिटल साक्ष्यों और संबंधित अधिकारियों के बयान दर्ज किए जाएंगे।
छत्तीसगढ़ सरकार ने जांच के आदेश दिए
पुलिस महकमे में सामने आए हाई प्रोफाइल सेक्स आरोप और ब्लैकमेलिंग की शिकायतों को छत्तीसगढ़ सरकार ने गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। राज्य सरकार ने 2001 बैच के आईपीएस डॉ. आनंद छाबड़ा की अध्यक्षता में दो सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति में महिला आईपीएस अधिकारी मिलना कुर्रे को भी शामिल किया गया है। बताया गया है कि आईजी आनंद छाबड़ा ने शिकायतों की बिंदुवार जांच प्रारंभ कर दी है। रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार आगे की कार्रवाई तय करेगी। मामले पर पुलिस मुख्यालय भी सतर्क निगरानी रखे हुए है।



