धान खरीदी के लिए सरकार ने शुरू की तैयारीयां, धान खरीदी से पहले किसानों को कराना होगा अपना पंजीयन

Breaking Posts

6/trending/recent
Type Here to Get Search Results !

धान खरीदी के लिए सरकार ने शुरू की तैयारीयां, धान खरीदी से पहले किसानों को कराना होगा अपना पंजीयन

धान खरीदी के लिए सरकार ने शुरू की तैयारीयां, धान खरीदी से पहले किसानों को कराना होगा अपना पंजीयन

किसान अपने निकटतम सहकारी समिति या निर्धारित केंद्र में जाकर 31 अक्टूबर 2025 तक करायें अपना पंजीयन



रायपुर। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। मॉनसून सीजन बीतने के साथ ही धान खरीदी के लिए सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि धान खरीदी से पहले किसानों को अपना पंजीयन करना होगा। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा कहा गया है कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए किसानों का एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन करना आवश्यक है। एग्रीस्टैक पोर्टल से संबंधित किसी भी जानकारी या सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-1030 पर संपर्क किया जा सकता है। खाद्य सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले ने बताया कि एग्रीस्टैक पोर्टल भारत सरकार ने एक यूनिफाइड एग्रीकल्चर डेटाबेस विकसित किया है, जिसमें किसानों का भूमि एवं आधार लिंक्ड पंजीयन किया जाता है। पंजीकरण उपरांत किसानों को एक यूनिक फार्मर आईडी प्राप्त होती है। यह आधार लिंक्ड डेटाबेस शासन की विभिन्न योजनाओं के लाभ केवल वास्तविक पात्र किसानों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि एग्रीस्टैक पोर्टल डिजिटल क्रांति की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा, जो छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी, सटीक और किसान हितैषी बनाएगा। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष राज्य के 20 हजार ग्रामों में से 13 हजार 879 ग्रामों में डिजिटल क्रॉप सर्वे किया गया है। इस डिजिटल क्रॉप सर्वे और मैनुअल गिरदावरी की रिपोर्टों का 2 से 14 अक्टूबर 2025 तक ग्राम सभाओं में पठन किया जा रहा है। इसके लिए प्रत्येक पंचायत में मुनादी कर सूचना दी गई है और सर्वे सूची का पंचायत भवनों में प्रदर्शन (चस्पा) भी किया गया है। इस कार्यवाही की सतत निगरानी जिला कलेक्टर, खाद्य अधिकारियों तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा की जा रही है। यह पहल “डिजिटल एग्रीकल्चर और गुड गवर्नेंस” की दिशा में राज्य का एक सशक्त और दूरदर्शी कदम है।

छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के तहत किसानों को सीधे भुगतान किया जाता है। शासन की मंशा है कि सभी पात्र किसान सुशासन एवं पारदर्शिता के साथ इस योजना का वास्तविक लाभ प्राप्त करें। पिछले साल राज्य के 25.49 लाख किसानों ने धान विक्रय किया था। एग्रीस्टैक में आधार-आधारित पंजीयन और ई-केवाईसी की व्यवस्था से संपूर्ण प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता, सटीकता होगी।

अधिकारियों ने जानकारी देते हुए कहा कि इस साल अब तक 21.47 लाख किसानों ने एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीकरण कर लिया है। शेष किसान अपने निकटतम सहकारी समिति या निर्धारित केंद्र में जाकर 31 अक्टूबर 2025 तक अपना पंजीयन करा सकते हैं। इस संबंध में सभी समितियों और जिला कलेक्टरों को पूर्व में आवश्यक निर्देश जारी किए जा चुके हैं। 

Top Post Ad


 

Below Post Ad

Ads Bottom