छत्तीसगढ़ के इस समाज ने लिया प्री-वेडिंग शूट पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का अहम निर्णय

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छत्तीसगढ़ के इस समाज ने लिया प्री-वेडिंग शूट पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का अहम निर्णय

छत्तीसगढ़ के इस समाज ने लिया प्री-वेडिंग शूट पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का अहम निर्णय

यह कदम समाज को अपनी मूल परंपराओं की ओर लौटाने का है प्रयास



रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ ने समाज में बढ़ती दिखावटी संस्कृति और अनावश्यक खर्च को रोकने के लिए प्री-वेडिंग शूट पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का अहम निर्णय लिया है। यह फैसला प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नीरेंद्र साहू की अध्यक्षता में संपन्न बैठक में लिया गया।

प्रदेशभर से आए सभी जिला अध्यक्ष बैठक में उपस्थित रहे और समाज की वर्तमान स्थिति, बदलते सामाजिक संस्कार, बढ़ती फिजूलखर्ची और दिखावे पर गहन चर्चा की। प्रदेश संयुक्त सचिव प्रदीप साहू ने बताया कि विस्तृत विचार-विमर्श के बाद समाजहित में प्री-वेडिंग शूट बंद करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि साहू समाज सदैव सादगी, संस्कार और सामाजिक समरसता का प्रतीक रहा है और यह कदम समाज को अपनी मूल परंपराओं की ओर लौटाने का प्रयास है।

आजकल भारतीय समाज में विवाह सिर्फ एक रस्म नहीं, बल्कि दो परिवारों और दो जीवन की पवित्र शुरुआत है। लेकिन आज इस पवित्र बंधन से पहले ही कैमरा, लाइट, लोकेशन और रील्स हावी हो चुके हैं। पहाड़, झरने, महंगे होटल और ऐतिहासिक इमारतों में होने वाला प्री-वेडिंग शूट अब यादों से ज्यादा दिखावे की प्रतियोगिता बनता जा रहा है। सवाल ये है कि क्या यह ट्रेंड सिर्फ फैशन है, या फिर धीरे-धीरे हमारी संस्कृति, संस्कार और सामाजिक संतुलन पर एक गहरी चोट। 

कभी विवाह सादगी, मर्यादा और परिवार की सहभागिता से संपन्न होता था। लेकिन आज शादी से पहले ही जोड़ा खुद को सेलिब्रिटी कपल की तरह पेश करने में जुटा है। नए-नए कपड़े, महंगी गाड़ियां, दूर-दराज की लोकेशन और घंटों का शूट, यह सब उस भारतीय विवाह संस्कृति से बिल्कुल उलट है। जहां सादगी को ही सबसे बड़ा गहना माना गया है, साहू समाज जैसे कई सामाजिक संगठनों का कहना है कि यह परंपरा नहीं, बल्कि फिल्मी और बाजारू संस्कृति की नकल है, जो समाज की जड़ों को कमजोर कर रही है। 

साहू समाज सदैव सादगी, संस्कार और सामाजिक समरसता का प्रतीक रहा है। वर्तमान समय में बढ़ती दिखावे की प्रवृत्ति समाज की जड़ों को कमजोर कर रही है। ऐसे में यह निर्णय समाज को फिर अपनी मूल संस्कृति और परंपराओं की ओर लौटाने का प्रयास है।

बैठक में तलाक के बढ़ते मामलों पर भी चिंता जताई गई और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए पारिवारिक काउंसलिंग की व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा समाज की एकता और अनुशासन को सुदृढ़ करने के लिए सक्रिय प्रयास करने का संकल्प लिया गया। प्रदेश साहू संघ ने समाज के प्रत्येक सदस्य से इन निर्णयों का सम्मान करने और समाजहित में सहयोग करने की अपील की।

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