फलदान कार्यक्रम से लौट रहे ग्रामीणों से भरी बेकाबू पीकप खाई में पलटी, 2 की मौत, 20 घायल
हादसे के बाद चालक फरार, रायगढ़ जिले के कापू थानाक्षेत्र की घटना
रायगढ़ जिले में बुधवार रात तेज रफ्तार पिकअप बेकाबू होकर खाई में गिर गई। हादसे में पिकअप में सवार 2 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 20 लोग घायल हो गए। पिकअप सवार सभी फलदान कार्यक्रम से लौट रहे थे। हादसे की वजह ब्रेक फेल होना बताया जा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार छाल थानाक्षेत्र बंगुरसूता गांव के निवासी राठिया समाज के एक फलदान कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कापू थानाक्षेत्र के ग्राम गोसाईपोढ़ी गांव गए हुए थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद सभी ग्रामीण पिकअप वाहन में सवार होकर अपने घर बंगुरसूता लौट रहे थे। रात करीब 8 बजे मड़वाताल-जमरगा मार्ग पर पहुंचते ही तेज रफ्तार पिकअप अचानक बेकाबू हो गई और गहरी खाई में पलट गई। यह दुर्घटना इतनी भीषण थी कि वाहन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया।
यह दुर्घटना चालक की लापरवाही और तेज रफ्तार के कारण हुई। इसी वजह से वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिर गया। पिकअप वाहन में क्षमता से अधिक लोग सवार थे। वाहन के खाई में गिरने से उसमें सवार सभी लोग बुरी तरह से चोटिल हो गए। दुर्घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के ग्रामीण मदद के लिए दौड़े। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के साथ मिलकर राहत कार्य शुरू किया।
इस हादसे में घायल कालाराम राठिया (60) और छतरसिंह राठिया (60) की इलाज के दौरान मौत हो गई। जबकि हादसे में नीरज राठिया, देवेंद्र, बालसिंह, रामकुमार, गाढ़ाराम राठिया, विपल राम राठिया, राशीराम राठिया, सुमेंद्र राठिया, विजय राठिया सहित करीब 20 लोग घायल हुए हैं। कुछ घायलों के हाथ-पैर टूट गए हैं, जबकि कुछ के सिर में गंभीर चोट आई है। सभी घायलों को पहले धर्मजयगढ़ अस्पताल ले जाया गया। करीब 8 से 10 गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए रायगढ़ रेफर किया गया है। हादसे के बाद पिकअप चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। फिलहाल पुलिस ने दोनों बुजुर्गों के शव का पंचनामा तैयार कर उन्हें मॉर्चुरी में रखवा दिया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
यातायात नियमों की अनदेखी का नतीजा
मालवाहक वाहनों में लोगों को ले जाना ग्रामीण इलाकों में आम बात है। शादी-ब्याह और अन्य आयोजनों में ऐसे वाहनों का उपयोग बेरोकटोक होता है। यातायात नियमों की अनदेखी और लोगों की ओवरलोडिंग के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं।
पुलिस केवल बड़े हादसों के बाद सक्रिय होती है, लेकिन कुछ समय बाद फिर वही लापरवाही शुरू हो जाती है। इस हादसे ने एक बार फिर यातायात नियमों के पालन और सख्ती की जरूरत को उजागर किया है।




